मंगलवार, 2 जून 2020



आज हम इस पोस्ट में बता रहे हे की फेशियल और ब्लीच में क्या अंतर है ?,What is difference between facial and bleaching?,ब्लीच करने के फायदे,ब्लीच के नुकसान,फेसिअल करवाने के तुरंत बाद आपको किन बातो पर विशेष ध्यान देना चाहिए,अक्सर एक सवाल पूछा जाता हे की फेशियल के बाद ब्लीच कर सकते हैं क्या?।,Can I do facial after bleach?, facial ke baad bleach kar sakte hain kya?, facial ke bad bleach kare ya na kare? इन सबका answer आपको यहाँ पता चलेगा तो चलिए जानते है।

महिलाओंको facial करवाना उनके लिए सबसे ज्यादा फायदेमंद होता है। २८ उम्र पर हो जानेपर महिनेमे एक बार तो फेसिअल जरूर करवाना चाहिए। कई तरह के फेसिअल होते हे.  और हर कोई अपने skin के हिसाबसे उनका उपयोग करता है क्युकी उनकी स्किन हेल्दी और ग्लोइंग बन जाये। लेखिन कभी भी फेसिअल और ब्लीच करते समय विशेष बातो पर ध्यान देना जरुरी हे.

फेशियल और ब्लीच में क्या अंतर है ?(What is difference between facial and bleaching?)


फेशियल का इस्तेमाल चेहरे को खूबसूरत और ग्लोइंग स्किन बनाने के लिए होता है

जबकि ब्लीच का प्रयोग चेहरे के बालों का रंग हल्का करने और टैनिंग दूर करने के लिए होता है।

फेशियल की सारी प्रोसेस को कम से कम दो घंटे लगते हैं जबकि ब्लीच को अधिकतम 30 मिनट लगते हैं.

facial includes various steps that aim to improve skin quality through deep cleansing and rejuvenating procedures.

bleach specifically refers to a whitening chemical or ingredient which aims to lighten complexion. On the other hand.
फेसिअल करवाने के तुरंत बाद आपको कई बातो पर विशेष ध्यान देना चाहिए। अगर आप इस बारेमे सावधानी नहीं रखते तो चेहरे पे रैशेस भी पद सकते हे.

फेसिअल करवाने के तुरंत बाद आपको किन बातो पर विशेष ध्यान देना चाहिए।


फेसिअल करवानेके तुरंत बाद कभी वैक्सीन नहीं करवानी चाहिए क्योंकि फेसिअल के बाद चेहरे की ऊपरी त्वचा बहुत ही सेन्सिटिव हो जाती हे.और वैक्स करने से ओ skin डैमेज हो सकती हे.

अगर आपको थ्रेडिंग और फेसिअल दोनों करवाना हे तो पाहिले थ्रेडिंग करवाना चाहिए। फेसिअल करने के बाद थ्रेडिंग कराने से ज्यादा तकलीफ का सामना करना पद सकता हे.

फेसिअल करने के बाद तुरंत धुप में नहीं जाना चाहिए। इससे सनबर्न का खतरा बढ सकता हे. अगर जाना जरुरी ही हे तो मुँह को पूरी तरह से किसी कॉटन कपडेसे कवर करके जाना चाहिए।

फेसिअल के बाद चेहरा बहोत सेन्सिटिव हो जाता हे तो फेसिअल करवाने के बाद चेहरे को बार बार touch नहीं करना चाहिए। genarly भी चेहरे को बार बार touch नहीं करना चाहिए।

ब्लीच करते समय ध्यान देने योग्य बातें


थ्रैडिंग, वैक्सिंग, स्टीम व स्क्रबिंग के बाद कभी ब्लीच न करें.

ब्लीचिंग करने से पहले प्री ब्लीच लोशन या लाइट मौइश्चराइजर का इस्तेमाल करें खासकर शुष्क व सैंसिटिव स्किन पर.

दि ब्लीच लगाने पर जलन महसूस हो, तो ठंडे पानी से चेहरे को तुरंत धो लें. बर्फ लगाएं.

ब्लीच का इस्तेमाल पैच टैस्ट के बाद ही करें.

कटीफटी त्वचा पर bleach का इस्तेमाल न करें.

ब्लीच का इस्तेमाल 15 से 20 दिन से पहले दोबारा न करें.

ब्लीच को 15 मिनट से ज्यादा समय तक न लगाएं रखें.

ब्लीच क्रीम में ऐक्टिवेटर मिक्स करते समय मैटल चम्मच व मैटल बाउल का इस्तेमाल न करें.

चेहरे के ब्लीच को शरीर पर और शरीर के ब्लीच को चेहरे पर न लगाएं.

ब्लीच करते समय टीवी देखने या किताब पढ़ने से परहेज करें, क्योंकि यह आंखों को नुकसान पहुंचा सकता है.

ब्लीच करने के 6 घंटे बाद तक साबुन या फेसवाश का प्रयोग न करें.

धूप से आने के तुरंत बाद ब्लीच न करवाएं. शरीर का तापमान सामान्य होने पर करवाएं.

जिन की बौडी हीट ज्यादा रहती हो वे स्किन की जांच करवा कर ही स्किन के अनुरूप ब्लीच करवाएं.

आफ्टर ब्लीच सनगार्ड लगा कर ही धूप में निकलें.

फेशियल के बाद ब्लीच कर सकते हैं क्या? (Can I do facial after bleach?)


कभी फेशियल करने के बाद ब्लीच का इस्तेमाल न करें वरना परिणाम गंभीर हो सकता है.

पाहिले ब्लीच करना चाहिए फिर फेसिअल करना चाहिए।

When you bleach your skin, it opens the pores , if you do not close it, dirt go inside and start damaging your skin. So make sure you do facial/clean up after bleach.

ब्लीच करने के फायदे



  • ब्लीच से फेशियल हेयर स्किनटोन अच्छी तरह मैच हो कर ईवन फेयर ग्लो देती है.

  • 10 से 15 मिनटों में ही स्किन फेयर व रैडिएंट नजर आने लगती है.

  • ब्लीच स्किन की डैड लेयर को रिमूव कर के स्किन को ब्राइट लुक प्रदान करता है.

  • पोस्ट ब्लीच पैक स्किन को हाइड्रेट कर के व्हाइटनिंग बैनिफिट देता है.

  • सनटैन को रिमूव कर के मैलानिन को लाइट कर के स्किनटोन को लाइटर व फेयर करता है.


ब्लीच के नुकसान



  • ब्लीच में मरकरी होता है, जो त्वचा को नुकसान पहुंचता है, इसलिए ब्लीच का इस्तेमाल जरूरत से ज्यादा न करें.

  • ब्लीच के बाद त्वचा लाल हो जाए, तो धूप व आंच के संपर्क में न आएं.

  • सांवलों को ही नहीं गोरी रंगत वालों को भी ब्लीचिंग की जरूरत पड़ती है, लेकिन स्किन के अनुरूप ब्लीच न होने पर यह स्किन डैमेज का कारण भी बन सकता है.

  • ब्लीच के परिणामस्वरूप त्वचा में दर्द, उस का छिलना, लाल व भूरे रंग के धब्बे या सूजन होने का मतलब ब्लीच रिऐक्ट कर गया है.

  • अगर आप ने कैमिकल पीलिंग करवाई है, तो ब्लीच का इस्तेमाल कम से कम 4 से 6 महीने तक न करें. सौंदर्य विशेषज्ञा से सलाह ले कर ही ब्लीचिंग का इस्तेमाल करें.

  • ब्लीच को आंखों व भौंहों के आसपास न लगाएं वरना परेशानी हो सकती है.

  • ब्लीच कुशल हाथों से ही करवाएं और ब्रैंडेड प्रोडक्ट्स branded products का ही इस्तेमाल करें.


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