शुक्रवार, 29 मई 2020



Loan Moratorium (declaration for moratorium) is a widely discussed topic nowadays. Due do Coronavirus (Covide-19) attach worldwide many countries worldwide have implemented lockdown for months. Resulting this financial infrastructure is now as earlier.  People are losing their job, business, and resulting in this they are getting less income. Hence it is necessary to complete essential needs than paying EMI for your loan when you are in such a crisis that is worldwide. Hence RBI (Reserve Bank of India) reached out to several banks and non-banking finance companies to say that borrowers should have the option to take a moratorium.

 

What is moratorium meaning


A moratorium duration is the time in the course of a loan term while the borrower isn't required to make any reimbursement. It will be a waiting period before which repayment of EMIs resumes.


RBI announced moratorium for a three-month moratorium on the loan EMIs was ending on May 31, 2020. Then RBI (Reserve Bank of India)  provided an extension for more three months which will end up on  August 31, 2020.  So a total of 6 months will be therefor Moratorium. March 1, 2020, to August 31, 2020.


Some banks are availing option to the borrower to opt or not to opt Moratorium.  Now the question may arise in the mind of many people who do not want to opt moratorium need to send the application to the bank. then  How to write a declaration / Application to the bank that I am not availing moratorium?


Declaration to the bank that I am not availing moratorium?


Below is the sample application to the bank which you can use if you do not want to avail moratorium 

 

Date:- 29-05-2020 [ use current date ]

 

To,

The Manager,

ABC Bank  [ Bank name]

Erandwane Branch, [ Branch name]

Pune. [ City]

 

Subject:-  I do not want to avail moratorium for my loan account - 123456789 [loan account number]

Dear Sir,

I would like to draw your attention to the fact that I have Home Loan account 123456789 [Loan Account Number] in your ABC bank in the name of  John Smith [Name of borrower] in Branch Erandwane, Pune.  I do not want to opt moratorium facility for my Home loan account 123456789. So kindly keep continue my EMI deduction on a monthly basis.

 

Your happy customer.

John Smith

Home Loan account 123456789

 

you can use the above apply if you do not want to opt moratorium.   Share this article with your friends if you like this.

 

 

 

गुरुवार, 28 मई 2020



Educational Loan kya he: हम आजके पोस्ट में आपको बता रहे हे की एजुकेशन लोन सम्बंधित कुछ विशिष्ट बातें ( Education Loan important facts ) एजुकेशन लोन क्या हे?(education loan kya he ), एजुकेशन लोन क्या करता है ?, एजुकेशन लोन में क्या कवर होता है?,लोन के लिए कौन अप्लाय कर सकता है?,एजुकेशन लोन के प्रकार (Education Loan types) ,कागजातों की जरूरत(Education Loan documents required in hindi),Education Loan eligibility criteria,

आप बच्चो की पढाई को लेकर चिंतित हे तो एजुकेशन लोन एक बड़ा सहारा बन जाता है. हर कोई चाहता है कि वह अच्छी शिक्षा प्राप्त करके बढ़ि नौकरी job या अपना बिजनेस business हासिल करे. लेकिन आज की महंगाई के इस दौर में उच्च शिक्षा भी महंगी हो चली है. बड़े और अच्छे कॉलेज college या इंस्टीट्यूशंस की फीस देना कर पाना हर किसी के बस की बात नहीं है. ऐसे में काम आता है एजुकेशन लोन education loan. एजुकेशन लोन की मदद से देश में ही नहीं बल्कि विदेश में उच्च शिक्षा पाना भी आसान हो चला है. हर बैंक में एजुकेशन लोन की सुविधा है.Educational Loan kya he

एजुकेशन लोन सम्बंधित कुछ विशिष्ट बातें (Education Loan important facts)


एजुकेशन लोन क्या करता है ?


एजुकेशन लोन अक्सर किसी विद्यार्थी के कॉलेज की मूलभूत फीस तथा पढाई- लिखाई और अन्य तरह की चीज़ों के ख़र्च का सारा भार वहन करता है.

एजुकेशन लोन में क्या कवर होता है?


इसमें कोर्स की बेसिक फीस और कॉलेज के दूसरे खर्च (रहने, एग्जाम और अन्य) कवर होते हैं.

लोन के लिए कौन अप्लाय कर सकता है?


पढ़ाई करने वाला छात्र मेन बॉरोअर होता है.उसके पैरेंट्स, या भाई-बहन को बॉरोअर हो सकते हैं.

लोन किसे मिल सकता है?


भारत में पढ़ाई या उच्च शिक्षा के लिए विदेश जाने वाले छात्र लोन ले सकते हैं. दोनों जगह पढ़ाई के लिए लोन की रकम अलग हो सकती है और यह बैंक पर भी निर्भर करता है.

लोन के तहत किस तरह के कोर्स आते हैं?


लोन लेकर फुल टाइम, पार्ट टाइम या वोकेशनल कोर्स किये जा सकते हैं. इसके अलावा इंजीनियरिंग, मैनेजमेंट, मेडिकल, होटल मैनेजमेंट और आर्किटेक्चर आदि में ग्रेजुएशन graduation या पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई के लिए लोन लिया जा सकता है.

एजुकेशन लोन के प्रकार (Education Loan types)


अंडरग्रेजुएट एजुकेशन लोन : वे विद्यार्थी जिन्होंने अपनी हायर सेकेंडरी शिक्षा पूरी कर ली हो, और तीन अथवा चार साल के ग्रेजुएशन कोर्स को पूरा करना चाहते हो, वह इस लोन के लिए आवेदन दे सकता है.

ग्रेजुएट एजुकेशन लोन : ग्रेजुएट छात्र / छात्रा ही इसका फायदा उठा सकते हैं. वे अपनी उच्च शिक्षा के लिए एजुकेशन लोन ले सकते हैं.
करियर एजुकेशन लोन : करियर एजुकेशन लोन उन विद्यार्थियों को मिल पाता है, जो देश के किसी टेक्निकल स्कूल अथवा सस्थानों में अपनी रूचि के तहत पढाई करना चाहते हैं, मसलन इंजीनियरिंग.

अभिभावकों (Guardian) के लिए लोन : वे अभिभावक अथवा सगे सम्बन्धी जो अपने किसी बच्चे को पढ़ाने में सक्षम नहीं हैं, यानि उसकी पढ़ाई और पढाई सम्बन्धी अन्य चीज़ों के खर्चे नहीं उठा पा रहे है, वे अपने बच्चों को पढ़ाने के लिए इस लोन का आवेदन दे सकते हैं. इससे वे एजुकेशन की ओर अपने बच्चों को बढ़ावा देने के लिए अग्रसर होंगे.

एजुकेशन लोन के लिए योग्यता (Education Loan eligibility criteria)



  • एजुकेशन लोन पाने के लिए आवेदक को सर्वप्रथम भारत का नागरिक होना आवश्यक है.

  • आवेदक का देश के किसी अधिकार युक्त यूनिवर्सिटी में दाखिला होना आवश्यक है.

  • आवेदक की हायर सेकेंडरी पूरी होनी चाहिए. हालांकि कुछ बैंक ऐसे भी हैं, जो दाखिले से पहले भी लोन देते हैं.

  • यद्यपि भारतीय रिज़र्व बैंक के नियमों के अनुसार इस लोन को प्राप्त करने के लिए कोई अधिकतम आयु सीमा नहीं है, किन्तु कई बैंक अपने नियम और शर्तों में अधिकतम आयु की सीमा रखता है.


कागजातों की जरूरत(Education Loan documents required in hindi)


बैंक इसके लिए हालांकि आवेदक से संस्थान का दाख़िला- पत्र(एडमिशन लेटर),फीस स्ट्रक्चर, 10वीं, 12वीं रिजल्ट और आवश्यकता होने पर ग्रेजुएशन की मार्कशीट मांग सकते हैं. इसके अलावा को एप्लिकेंट की सेलरी स्लिप या आयकर रिटर्न (आईटीआर) की कॉपी मांगी जा सकती है.

कुछ आवश्यक दस्तावेज़ जो प्रायः हर आर्थिक संस्थानों में एजुकेशन लोन के लिए मांगे जाते हैं. इस प्रकार हैं –

  • आवासीय प्रमाण पत्र मसलन राशन कार्ड, बैंक पासबुक, वोटर आईडी आदि.

  • दाख़िला प्रमाण पत्र.

  • पिछले भुगतान किये गये फीस का प्रमाण.

  • विद्यार्थी और अभिभावक का आधार तथा पैन कार्ड pan card .


रीपेमेंट


आमतौर पर कोर्स खत्म होने के छह महीने बाद रीपेमेंट शुरू हो जाता है, कई बार बैंक छह महीने की मोहलत भी देते हैं. यह मोहलत job पाने के छह महीने भी हो सकती है या कोर्स खत्म होने के बाद एक साल की हो सकती है. पांच से सात साल में यह लोन चुकाना होता है, कई बार बैंक इसे आगे बढ़ा सकते हैं. कोर्स की अवधि के दौरान लोन पर ब्याज सामान्य ही होता है और इएमआई के रूप में यह ब्याज चुकाना होता है, जिससे कोर्स पूरा होने के बाद छात्र पर ज्यादा बोझ न पड़े. लोन को छात्र चुकाता है.Educational Loan kya he

एजुकेशन लोन के फायदे (Education Loan benefits)


उच्चतम शिक्षा का सुलभ रास्ता : तात्कालिक दौर में विद्यार्थियों को अपनी शिक्षा का भार खुद उठाना अनिवार्य हो गया है. इससे वे जल्द से जल्द अपनी जिम्मेवारियों को समझ पाते हैं. साथ ही ऋण लेकर पढने के बाद जब नौकरी मिलती है उस समय ऋण का पैसा कटता है. अतः ऐसी स्तिथि में पढाई एक बोझ की तरह नहीं लगती है.

विभिन्न स्तर के लोगों के लिए मुहैया : शिक्षा ऋण सभी तबकों के लोगों के लिए मुहैया होता है. आम तौर पर एजुकेशन लोन शिक्षा बढाने के लिए होता है, ताकि आम युवा भी उच्च शिक्षा प्राप्त कर सकें.

टैक्स लाभ : विद्यार्थियों के अभिभावक के लिए ये ऋण टैक्स लाभ भी देता है. एजुकेशन लोन लेकर पढने से पढाई- लिखाई के दौरान सभी टैक्स माफ़ हो जाते हैं. अतः एजुकेशन लोन टैक्स बचाते हुए पढाई करने का एक अच्छा माध्यम है.

कम ब्याज दर : कई पब्लिक बैंक में एजुकेशन लोन पर सरकार द्वारा सब्सिडी दी जाती है. साथ ही सरकार की टैक्स की दरें भी कम की जाती है. कई बार सरकार विभिन्न देशों में अपने विद्यार्थियों की शिक्षा में उन्नति के लिए विभिन्न तरह की छूट भी देती है. सरकार द्वारा छात्रों के लिए विद्यालक्ष्मी एजुकेशन लोन पोर्टल की घोषणा यहाँ पढ़ें.

बेहतर भुगतान शर्त : एजुकेशन लोन में अन्य लोन की अपेक्षा भुगतान का आसान तरीका है. विद्यार्थियों को पढाई पूरी होने तक भुगतान की कोई चिंता नहीं होती. एक बार नौकरी मिल जाने के बाद धीरे धीरे ऋण चुकाया जा सकता है.Educational Loan kya he

लोन लेने में आसानी : अन्य लोन की तुलना में एजुकेशन लोन पाने की प्रक्रिया बहुत आसान है. बहुत आसान प्रक्रियाओं को पूरा कर हायर एजुकेशन के लिए लोन प्राप्त किया जा सकता है.

विद्यार्थियों को जल्द जिम्मेवार बनाने में सहायक : एजुकेशन लोन लेकर पढने वाले लोगों को एक समय के बाद लोन चुकाने की आवश्यकता महसूस होती है. अतः वे जल्द से जल्द एक नौकरी job पाने और लोन चुकाने की कोशिश में लगे रहते हैं. इस कोशिश से उन्हें जल्द नौकरी मिल जाती है और वे जीवन में बहुत जल्द जिम्मेवार हो जाते हैं.

अभिभावकों को आसानी : एजुकेशन लोन लेकर पढने वाले विद्यार्थियों के अभिभावकों की चिंताएं बहुत कम हो जाती हैं, क्योंकि ये उनके बच्चे के लिए उस समय एक तरह का आर्थिक सहयोग साबित होता है. इन दिनों प्राइवेट शिक्षण संस्थानों में शिक्षा का शुल्क बहुत अधिक हो गया है. अतः उस फीस को चुकाने के लिए एजुकेशन लोन बहुत सार्थक सिद्ध होता है.

आत्मविश्वास : एजुकेशन लोन लेकर पढने वाले विद्यार्थी को पता होता है कि उनकी शिक्षा में उनकी भूमिका सबसे अहम् है. अतः वे एक नए जोश और जूनून के साथ पढाई लिखाई करते है. वे खुद को स्वतंत्र महसूस करते हैं.

एजुकेशन लोन में जागरूकता (Education Loan awareness)


इस सुविधा को लेकर लोगों को जागरूक होने की ज़रुरत है. अभी भी कई ऐसे लोग हैं, जिन्हें इस सुविधा के विषय में पता तो है, किन्तु झिझक Diffidence और परेशानी के डर से इसका लाभ नहीं उठाते. इसके सहारे कई युवाओं को उनकी रूचि के मुताबिक पढाई करने का मौक़ा मिलेगा और वे अपना भविष्य संवार पायेंगे. गाँव के क्षेत्रों में अभी भी इस सुविधा के प्रति जागरूकता कम है, किन्तु सरकारी बैंक लगातार इसका प्रचार करती रहती है.

एजुकेशन लोन लेते समय लोन से सम्बंधित सभी शर्तों को जान और परख लेना चाहिए, ताकि शिक्षा के बीच में किसी तरह की परेशानी अथवा रुकावट न आ सके. इस बात को जानना बेहद ज़रूरी है, कि भारत में पढाई करने के लिए अधिकतम 10 लाख रूपए तक का और विदेश में जा कर पढाई करने के लिए अधिकतम 20 लाख का ऋण दिया जाता है. चार लाख रूपए तक के लोन के लिए किसी भी तरह की गारंटी की ज़रुरत नहीं होती है, किन्तु 4 लाख से ऊपर के ऋण के लिए विभिन्न बैंक विभिन्न तरह के गारंटी की मांग कर सकते हैं.

12वीं के बाद होते हैं ये एंट्रेंस एग्जाम

हम आशा करते हे की आपको education loan के बारेमे पूरी जानकारी मिली हे. अगर कोई शंका हे तो कमेंट बॉक्स में question पूछ सकते हो. अगर हमारी ये पोस्ट आपको अछि लगी तो इस पेज को लाइक करे और आपके दोस्तोंको भी शेयर जरूर करे। और कमेंट करके जरुन बताइए।
 

ज्ञानोबा माउली तुकाराम( Dnyanoba Mauli turakram Dance) हा गजर सर्वत्र महाराष्ट्रात प्रचलित गजर आहे. दरवर्षी आषाढी एकादशी ला वारकरी संप्रदायातील भक्त आपल्या लाडक्या दैवताला भेटण्यासाठी पायी दिंडीतून पंढरपूरला प्रस्थान करतात . पायी दिंडीतून जाते वेळी या नामाचा गजर करत जातात ज्ञानोबा माउली तुकाराम . या गजर ची आवड लहानांपासून थोरा मोठ्यांना असते. याचच एक उदाहरण खाली दिलेल्या व्हिडिओत पाहायला मिळेल. एक बाल कलाकार ज्ञानोबा माउली तुकाराम या नामाचा गजर करत आहे. व्हिडीओ आवडल्यास LIKE करा आणि shair करा.


 

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मंगलवार, 26 मई 2020



Bihar Board 10th Result 2020 का इंतजार छात्र काफी बेसब्री के साथ कर रहे थे। इससे पहले मीडिया रिपोर्ट्स में बहोत बार रिजल्ट आने की तारीख का दावा किया गया लेकिन कुछ तकनीकी खामियों की वजह से रिजल्ट में देरी हो गई। बहुत इंतजार के बाद बिहार बोर्ड मैट्रिक रिजल्ट (bihar board matric result 2020) आ गया। बिहार विद्यालय परीक्षा समिति, पटना ने आज बिहार बोर्ड 10वीं के नतीजे घोषित हो चुके हैं।

मैट्रिक की परीक्षा का रिजल्ट (BSEB 10th Result 2020) खुद बिहार के शिक्षा मंत्री कृष्नंदन वर्मा द्वारा दोपहर 12:30 बजे जारी किया गया। बिहार बोर्ड 10वीं रिजल्ट 2020 26 मई 2020 यानी आज दोपहर 12:30 बजे घोषित किया गया। रिजल्ट के साथ ही टॉपरों की भी लिस्ट ( Topper ki list )आ गई है। टॉपरों को बिहार बोर्ड की ओर से काफी आकर्षक पुरस्कार भेंट किया जाता है जिसमें नकद इनाम के साथ लैपटॉप भी शामिल है।

बता दें कि कोरोना वायरस महामारी कोविड 19 और लॉकडाउन के कारण बिहार बोर्ड मैट्रिक परीक्षा 2020 की उत्तरपुस्तिकाओं के मूल्यांकन कार्य में देरी हुई, जिसके चलते बिहार बोर्ड 10वीं मैट्रिक रिजल्ट 2020 देरी से जारी किया गया। बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के अध्यक्ष आनन्द किशोर ने बताया कि सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कर के 6 मई से बिहार बोर्ड 10वीं परीक्षा 2020 की शेष उत्तरपुस्तिकाओं का मूल्यांकन कार्य शरू किया गया था। मूल्यांकन कार्य, प्रक्रिया और बिहार बोर्ड 10वीं टॉपर्स 2020 के इंटरव्यू पूरे होने के बाद आज बिहार बोर्ड बीएसईबी मैट्रिक रिजल्ट 2020 जारी (BSEB Bihar Board Matric 10th Result 2020 Declare) किया गया।

बिहार बोर्ड मैट्रिक परीक्षा में बैठने वाले 14,94,071 छात्रों में से 12,04,030 पास हुए हैं। इस साल पास प्रतिशत 80.59 है। पिछले साल बिहार बोर्ड 10वीं परीक्षा में कुल 80.73 प्रतिशत छात्र पास हुए थे। इस साल हिमांशु राज ने 96.20 प्रतिशत अंक प्राप्त करके परीक्षा में टॉप किया। पिछले साल सावन राज भारती ने 97.2 प्रतिशत के साथ उच्चतम स्कोर किया था। सावन ने 10वीं कक्षा के बीएसईबी टॉपर द्वारा सबसे अधिक अंक हासिल किए थे और इस साल भी उनका रिकॉर्ड बना रहा।

इन वेबसाइट्स पर जारी होगा 10वीं का रिजल्ट - in which website we can see BSEB 10th Result 2020


खुद बिहार के शिक्षा मंत्री कृष्नंदन वर्मा द्वारा दोपहर 12:30 बजे जारी किया गया। बिहार बोर्ड 10वीं रिजल्ट वेबसाइट onlinebseb.in और biharboardonline.com पर जारी किया गया है। इन वेबसाइट्स के अलावा स्टूडेंट्स थर्ड पार्टी वेबसाइट indiaresults.com और Examresults.net पर भी रिजल्ट चेक कर सकते हैं। स्टूडेंट्स को सलाह दी जाती है कि वे ऑफिशियल वेबसाइट या ऊपर दी गई थर्ड पार्टी वेबसाइट पर ही रिजल्ट देखें क्योंकि कई फर्जी वेबसाइट्स फर्जी रिजल्ट प्रकाशित कर सकती हैं।

बीएसईबी 10 वीं परिणाम 2020 की जांच करने के विभिन्न तरीके (Bihar Board 10th Result 2020 Check Another Sites) जब बिहार बोर्ड 10वीं रिजल्ट 2020 जारी करेगा, तब आधिकारिक वेबसाइट पर एक साथ ज्यादा ट्रैफिक आ जाता है, जिसके कारण वेबसाइट स्लो हो जाती है, ऐसे में छात्रों को बिहार बोर्ड मैट्रिक रिजल्ट 2020 चेक करने में काफी दिक्कत आयेगी।

ऐसे में छात्रों को अपने परिणाम देखने में कोई दिक्कत ना हो इसलिए हम कल्पिक वेबसाइट लेकर आये हैं, जिसके माध्यम से आप बिहार बोर्ड 10वीं रिजल्ट 2020 चेक कर सकते हैं।

  • www.bsebinteredu.in

  • www.bsebssresult.com/bseb

  • www.bsebbihar.com

  • www.examresults.net

  • www.indiaresults.com


देखने का तरीका..(How can I check my Bihar Board Result 2020?)


स्टेप 1: स्टूडेंट्स indiaresults.com या examresults.net पर जाएं।

स्टेप 2: अब वेबसाइट पर दिए गए Bihar Board 10th Result के लिंक पर क्लिक करें।

स्टेप 3: अपना रोल नंबर और रोल कोड सबमिट करें।

स्टेप 4: आपका रिजल्ट स्क्रीन पर आ जाएगा।

स्टेप 5: इसके बाद इसे PDF पीडीएफ में स्कोरकार्ड डाउनलोड करें या प्रिंटआउट लें।

बिहार बोर्ड 10वीं टॉपर लिस्ट 2020 (Bihar Board 10th Toppers List 2020)


यह है टॉप 10 लिस्ट

































































































































































































































































जिलास्कूल का नामविद्यार्थी का नामप्राप्त अंक
रोहतासजनता हाई स्कूल तेनौजहिमांशु राज481
समस्तीपुरएसके हाई स्कूल जितवारपुरदुर्गेश कुमार480
भोजपुरश्री हरखेन कुमार जैन ज्ञान स्थली आराशुभम कुमार478
औरंगाबादपटेल हाई स्कूल दौड़नगरराजवीर478
अरवलबालिका हाई स्कूलजूली कुमारी478
लखीसरायहाई स्कूल अमारपुर लखीसरायसन्नू कुमार477
औरंगाबादअशोक हाई स्कूल दौड़नगरमुन्ना कुमार477
औरंगाबादपटेल हाई स्कूल दौड़नगरनवनीत कुमार477
रोहतासएनएसएस हाई स्कूल निशान नगर बद्दीरनजीत कुमार गुप्ता476
अररियाहाई स्कूल अररियाअंकित राज475
सहरसाहाई स्कूल चैनपुर पारारीस्तुति मिश्रा475
सीतामढ़ीजगेश्वर हाई स्कूल भूताहीअंशुमान कुमार475
समस्तीपुररोकृत गर्ल्स हाई स्कूलज्योति कुमारी475
समस्तीपुरकिसान हाई स्कूल, मोरसंददीपांशु प्रिय475
रोहतासगंगोत्री प्रोजेक्ट गर्ल्स हाई स्कूल छेनारीआफरीन तलत475
औरंगाबादपटेल हाई स्कूल दौड़नगरअंकित कुमार475
जमूईसिमुलतला आवासीय विद्यालयराज रंजन474
बेगुसरायस्वास्थ्यवर्धक प्रासविकृत हरिजन हाई स्कूल जगडारशशि कुमार474
मधुबनीसोनेलाल महतो हाई स्कूल जोरलाविकास कुमार474
पुर्णियालिलजु हाई स्कूल बुरहियाशुभम राज473
जमुईसिमुलतला आवासीय विद्यालयबमबम कुमार473
बांकाअबध बिहारी पंडित हाई स्कूल जिलेबिया मोरअदित्य राज473
रोहतास एनएस हाई स्कूल निशान नगर, बद्दी,राकेश कुमार गुप्ता473
रोहतासआरआर हाई स्कूल गोरारी रोहतासअर्चना कुमारी473
जहानाबादहाई स्कूल मखदूमपुररौशन कुमार473
बेगुसरायउत्क्रमित एम एस पंसालानवनीत आनंद 472
पूर्वी चंपारणएस एच हाई स्कूल तिकाहन  भवानीपुरशुभम कुमार472
समस्तीपुरआर हाई स्कूल, सोहमा, समस्तीपुरसाक्षी कुमारी472
भोजपुरआर जे हाई स्कूल उदवंत नगर भोजपुरअनुराग राज472
औरंगाबादपटेल हाई स्कूल दौड़नगरसत्यम कुमार472
जहानाबादहाई स्कूल हुलास गंज जहानाबादहेमंत राज472
अररियाप्रोजेक्ट गर्ल्स हाई स्कूल नरपतगंजपायल कुमार471
जमुईसिमुलतला आवासीय विद्यालय जमुईरोहित कुमार471
सहरसाजिला स्कूलआदित्य कुमार471
समस्तीपुरहाई स्कूल लगमाशुभम प्रकाश471
रोहतासएनएसएस हाई स्कूल निशान नगर बद्दी,संतोष कुमार471
रोहतासहाई स्कूल कोछास रोहतासशहजाद आलम471
रोहतासएसएस रसूलपुरप्रिया कुमार471
कैमूरहाई स्कूल सिसवारप्रदीप कुमार471
गयाकिसान हाई स्कूल शिव नगर ननदई देवचंद डिह मधुमाला कुमारी471
सिवानवीएम हाई स्कूलस्लोक तुलस्यान471

 

बिहार बोर्ड मेट्रिक टोपर अवॉर्ड की डीटेल्स - Bihar Matric Topper award 2020


बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड (BSEB) के अध्यक्ष आनंद किशोर ने बताया कि हर साल 1 से 10 रैंक वालों को अवार्ड दिया जाता है। इस बार भी दिया जाएगा। अवॉर्ड की डीटेल्स इस तरह से है...रैंक 1- 1 लाख रुपये और एक लैपटॉप

रैंक 2- 75 हजार रुपये और एक लैपटॉप
रैंक 3- 50 हजार रुपये, एक लैपटॉप और ई-बुक
रैंक 4 से 10 तक- 10 हजार रुपये और एक लैपटॉप

10th के बाद क्या करे कोनसा सब्जेक्ट ले

इंडिया के टॉप इंजीनियरिंग कॉलेज
 



Hello friends today I want to tell you about Realme smartwatch Specification Price. Today on 25th May 2020 Realme hosted an event in China to unveil Realme Smartwatch. Which is the second wearable device made by Realme.  Sametime Realme unveil First Television.  Realme is the most popular brand in India. I am also using a smartphone from Realme.

Below are the specification for Realme smartwatch

Screen:-  1.4" color touchscreen

Resolution:- 320x320 pixel resolution,

Glass: -  2.5D Corning Gorilla Glass 3

Brightness:- brightness with 10 levels of adjustment.

Watch faces:- 12 Watch faces

How to change watch face in Realme Smartwatch:- Select your favorite watch face from the Realme Link app

Heart rate monitoring:- Yes

Sport modes:- 14 Sports Modes including new sports mode  Aerobic Capacity, Badminton, Treadmill, Elliptical and Table Tennis

Camera Control:- Yes

Music Control:- Yes

Battery:- 160 mAh battery (  offers seven days of autonomy with 24x7 heart rate monitoring turned on, and nine days without it.)

Strap designs - Classic Strap and Fashion Strap

Realme Smartwatch Price:- Priced at INR3,999 ($53/€48)

So here I told you about Reame smartwatch details. Post your comment and like our article.

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रविवार, 24 मई 2020

वॉट्सऐप बेस्ड सर्विस JioMart शुरू


वॉट्सऐप बेस्ड सर्विस JioMart शुरू


वॉट्सऐप बेस्ड सर्विस JioMart शुरू: जियो मार्ट एक ऑनलाइन पोर्टल है जिस पर ग्राहक आसपास की दुकानों से ऑर्डर प्लेस कर पाएंगे। रिलायंस जियो ने अपने ऑनलाइन शॉपिंग पोर्टन की टेस्टिंग शुरू कर दी है। बता दें कि तीन दिन पहले ही फेसबुक ने रिलायंस जियो के डिजिटटल एसेट्स में 5.7 बिलियन डॉलर (43,574 करोड़ रुपये) निवेश करने का ऐलान किया है। फेसबुक डील के महज तीन दिन बाद ही जियो ने अपने ऑनलाइन पोर्टल की शुरुआत कर दी है।

मुकेश अंबानी के नेतृत्व वाली रिलायंस जियो केनरिलायंस रिटेल के ई-कॉमर्स वेंचर JioMart की टेस्टिंग मुंबई के आसपास की 3 जगहों पर शुरू कर दी गई है। बता दें दुनियाभर में लॉकडाउन के बीच भारत में वॉट्सऐप इस्तेमाल करने वाले 40 करोड़ लोगों को जियोमार्ट का ऐक्सेस मिलेगा।

भारत में WhatsApp के 400 मिलियन यूजर्स हैं और लॉकडाउन के दौरान यह डील फाइनल हुई है और अभी ही इसे शुरू भी किया जा रहा है. बताया जा रहा है कि रिलायंस इसका पायलट रन दूसरे राज्यों में भी शुरू कर सकती है और जियो मार्ट को आगे बढ़ाने में व्हाट्सऐप अहम भूमिका निभा सकता है.

जियो मार्ट ने अपनी सर्विस को व्हॉट्सएप पर देने के लिए नंबर जारी कर दिया है. इसके जरिए ग्राहक आसपास के किराना या जियो मार्ट स्टोर से ग्रॉसरी ऑर्डर कर सकते हैं.

वॉट्सऐप जियोमार्ट के एक्सपेंशन में एक बड़ी भूमिका निभाएगा। ग्राहकों को अपने फोन पर जियोमार्ट इस्तेमाल करने के लिए वॉट्सऐप नंबर 8850008000 डायल करना होगा।

JioMart स्टोर का कैसे करें इस्तेमाल


JioMart यूज करने के लिए कस्टमर्स को सबसे पहले अपने मोबाइल पर 8850008000 नंबर सेव करना होगा.
जियो मार्ट की तरफ से कस्टमर्स को लिंक दिया जाएगा, जहां से ऑर्डर प्लेस किया जा सकेगा. एक बार ऑर्डर प्लेस होने के बाद व्हाट्सऐप पर एक ग्रॉसरी स्टोर के साथ ऑर्डर साझा किया जाता है. फिर ग्राहक को ऑर्डर और स्टोर की जानकारी उसके नंबर पर दी जाती है. यह जानकारी JioMartLite की website पर उपलब्ध है.

कहां शुरू हुई है JioMart सर्विस


अभी जियो मार्ट ने मुंबई के सबअर्बन क्षेत्रों जैसे नवी मुंबई, कल्याण और ठाणे में ये सर्विस शुरू की है.

हालांकि अभी तक रिलायंस की तरफ से इस बारे में ऑफिशियल बयान नहीं आया है. लेकिन कंपनी ने लगभग 1200 किराना स्टोर के साथ काम शुरू कर दिया है. 22 अप्रैल को एक वीडियो स्टेटमेंट में मुकेश अंबानी ने व्हाट्सऐप के साथ साझेदारी के बारे में कहा था कि इससे 3 करोड़ भारतीय मॉम-ऐंड-पॉप स्टोर मालिकों को मदद मिलेगी. वे अपने पड़ोसी ग्राहकों से डिजिटल पेमेंट ले पायेंगे. सीधे तौर पर कहें, तो अब ग्राहक जल्द डिलीवरी के लिए अपने पास की लोकल दुकानों से रोजमर्रा की जरूरत का सामान मंगा पायेंगे.

यह Reliance Retail की ई-कॉमर्स इकाई है और फिलहाल इसे मुंबई के कुछ इलाकों में लाइव किया गया है. बता दें कि लॉकडाउन के बीच जियोमार्ट अपनी सुविधाओं को आम जनता तक पहुंचाने के लिए WhatsApp प्लेटफॉर्म की सहायता ले रहा है.

रिलायंस इसे देश की नयी दुकान बता रहा है और बताया जा रहा है कि इसके तहत कंपनी ने लाखों किराना स्टोर्स को अपने प्लेटफॉर्म पर रखा है. फिलहाल यह सर्विस मुंबई के चुनिंदा इलाकों में शुरू की गई है.

बिज़नेस आईडिया कम खर्च में यहा देखिये

शनिवार, 23 मई 2020

बिहार बोर्ड 10वीं रिजल्ट 4-5 दिन के अंदर आएगा



बिहार बोर्ड 10वीं रिजल्ट 2020


बिहार बोर्ड 10वीं रिजल्ट 2020 :शुक्रवार को बिहार बोर्ड मैट्रिक रिजल्ट शाम छह बजे (bihar board 10th result at 6PM today) तक जारी किए जाने की संभावना थी। बिहार बोर्ड ने छह बजने से पहले ही इसकी सूचना दी और बताया कि आज रिजल्ट जारी नहीं किया जा रहा। मैट्रिक रिजल्ट 2020 के लिए छात्र लगातार बोर्ड की वेबसाइट देख रहे छात्रों को थोड़ और इंतजार करना होगा। बल्कि रिजल्ट अगले दो या तीन दिन में जारी होगा।

बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) कक्षा 10वीं के परीक्षा परिणाम अब सोमवार तक ही घोषित होने की उम्मीद है। इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत में बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के चेयरमैन आनंद किशोर ने कहा कि पोस्ट इवैल्यूएशन प्रक्रिया का थोड़ा काम लंबित है। इसलिए अभी इसमें कुछ और वक्त लगेगा। मैट्रिक रिजल्ट अगले 4-5 दिनों के अंदर कभी भी घोषित किया जा सकता है।

छात्रों का इंतजार और बढ़ गया है। मैट्रिक का रिजल्‍ट बिहार बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट biharboardonline.bihar.gov.in पर जारी किया जाएगा। छात्र इस ओफिसिअल साइट पर अपना रिजल्ट जारी होने के बाद देख सकेंगे ।

रिजल्ट जारी होने के बाद हैवी ट्रैफिक के कारण वेबसाइट Unresponsive हो सकती है, इससे छात्र परेशान ना हों, वो अपने मोबाइल पर SMS के जरिए भी रिजल्ट प्राप्त कर सकते हैं। बिहार बोर्ड 10वीं रिजल्ट 2020

ऐसे चेक करें अपना रिजल्ट


स्टेप 1: बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट biharboardonline.bihar.gov.in पर जाएं।

स्टेप 2: बीएसईबी मैट्रिक रिजल्ट 2020 के लिए दिए गए लिंक पर क्लिक करें।

स्टेप 3: आपको इनपुट फ़ील्ड के साथ एक नया पेज दिखेगा।

स्टेप 4: पहले इसमें अपना परीक्षा रोल नंबर दर्ज करें।

स्टेप 5: उसके बाद परीक्षा का रोल कोड दर्ज करें।

स्टेप 6: वेबसाइट पर विवरण सत्यापित और जमा करें।

स्टेप 7: आपका बिहार 10 वीं परिणाम 2020 प्रदर्शित किया जाएगा।

स्टेप 8: पीडीएफ प्रारूप में स्कोरकार्ड डाउनलोड करें या भविष्य के संदर्भ के लिए प्रिंटआउट लें।

बिहार बोर्ड के मैट्रिक के परिणाम BSEB की आधिकारिक वेबसाइट्स http://www.bsebinteredu.in, www.biharboardonline.bihar.gov.in, http://bsebbihar.com के अलावा आपके अपने अखबार हिन्दुस्तान की वेबसाइट www.livehindustan.com पर भी चेक कर सकेंगे। जैसे ही बिहार बोर्ड 10वीं के नतीजे जारी होंगे, लाइव हिन्दुस्तान फौरन आपके मोबाइल पर मैट्रिक रिजल्ट का अलर्ट भेजेगा, लेकिन इसके लिए आपको ऊपर दिए गए लिंक पर क्लिक कर रजिस्ट्रेशन कराना होगा।

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बुधवार, 20 मई 2020

अम्फान चक्रवात का असर कहांं-कहां हो सकता है



महामारी के संकट के बीच बंगाल की खाड़ी में उठा चक्रवाती तूफान अम्फान ओडिशा और पश्चिम बंगाल की मुश्किलें बढ़ा सकता है। अम्फान 3 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से उत्तर-पश्चिम की तरफ बढ़ रहा है। 12 घंटे में यह तेज तूफान में बदल जाएगा। अम्फान चक्रवात तेज गति से उत्तर-पश्चिम की तरफ बढ़ रहा है। अगले 12 घंटे में यह यह तेज तूफान में बदल जाएगा। इससे ओडिशा और पश्चिम बंगाल में भारी बारिश होने की आशंका है। दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी में आए तूफान अम्फान पिछले छह घंटे से उत्तर-उत्तर पश्चिम की तरफ बढ़ रहा है। रविवार सुबह 5.30 बजे इसमें तेजी दर्ज की गई। यह ओडिशा के दक्षिण पारादीप से 990 किमी, पश्चिम बंगाल के दक्षिण-दक्षिण पश्चिम दीघा से 1140 किमी और बांग्लादेश के दक्षिण- दक्षिण पश्चिम से 1260 किमी दूर है।

इस चक्रवाती तूफान का उच्चारण 'अम-पुन' के तौर पर किया जा रहा है। इस तूफान के अगले छह घंटों के दौरान और बाद के 12 घंटों के दौरान बहुत गंभीर चक्रवाती तूफान में बदलने की संभावना है।

इसके अगले 24 घंटों के दौरान लगभग उत्तर की ओर बढ़ने की संभावना है। फिर यह तूफान उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में उत्तर-पूर्व की ओर मुड़ेगा। इसके बाद इस तूफान के पश्चिम बंगाल में सागर द्वीप समूह और बांग्लादेश के हतिया द्वीप समूह के बीच 20 मई की दोपहर या शाम को एक बहुत गंभीर चक्रवाती तूफान में बदलने की संभावना है।

तूफान 20 मई को दोपहर से शाम के बीच बंगाल के सागर द्वीप और बांग्लादेश के हटिया द्वीप को पार सकता है
ओडिशा सरकार ने केंद्र से 18 मई से तीन दिन के लिए विशेष श्रमिक ट्रेनें नहीं चलाने का अनुरोध किया
चक्रवाती तूफान मध्य बंगाल की खाड़ी से उत्तर पूर्व दिशा में 15 किलोमीटर प्रति घंटे की दर से पिछले 06 घंटे में गतिमान है।

कहांं-कहां हो सकता है अम्फान असर


पश्चिम बंगाल का 24 उत्तर और दक्षिण परगना, कोलकाता, पूर्वी और पश्चिमी मिदनापुर, हावड़ और हुगली में तेज बारिश हो सकती है। ओडिशा में गजपति, गंजम, पुरी, जगतसिंहपुर, केंद्रपारा, बालासोर, भ्रदक, मयूरभंज और क्योंझर जिले में गरज-चमक के साथ कम तीव्रता की बारिश हो सकती है। राज्य के तटीय क्षेत्रों में मंगलवार और बुधवार को भारी बारिश हो सकती है। ओडिशा सरकार ने केंद्र से 18 मई से तीन दिन के लिए विशेष श्रमिक ट्रेनें न चलाने का अनुरोध किया है।

पिछले साल चक्रवाती तूफान फेनी का प्रभाव बिहार में भी दिखा था और इस तूफान के प्रभाव से बिहार में भी जबरदस्त बारिश हुई थी। अब इस साल भी चक्रवाती तूफान अम्फान या अम-पुन भी बिहार को परेशान कर सकता है।

छत्तीसगढ़ में चक्रवाती तूफान एम्फन का असर मामूली ही रहेगा। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक प्रदेश से इस तूफान की अधिक दूरी होने के कारण सिर्फ ओडिशा से लगे कुछ जिलों या फिर उत्तरी इलाकों में बारिश होने की संभावना है।  अम्फान चक्रवात

अम्फान तूफान का असर झारखंड में भी देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग के अनुसार झारखंड में 20 और 21 मई को कई जिलों में बारिश होने की संभावना है।ओडिशा से सटे प्रदेश के पूर्वी एवं पश्चिमी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां एवं सिमडेगा जिले में तेज हवा के साथ मध्यम दर्जे की बारिश होने की संभावना है। मौसम पूर्वानुमान एजेंसी स्काईमेट के मुताबिक अगले 24 घंटों में केरल, तटीय कर्नाटक और दक्षिणी तमिलनाडु के कुछ हिस्सों में मध्यम से भारी बारिश जारी रहने की उम्मीद है। वहीं, आंतरिक तमिलनाडु, आंतरिक कर्नाटक, मध्य महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों, गंगीय पश्चिम बंगाल, ओडिशा और उत्तर पूर्वी राज्यों में कुछ स्थानों पर बारिश के आसार हैं।

क्या है अम्फान?


तूफानों के नाम दुनिया भर की बनी 5 समितियां फाइनल करती हैं। सबसे पहले विश्‍व मौसम विज्ञान संगठन ने चक्रवातों के नाम रखने की शुरुआत की थी। आठ देशों की ओर से सुझाए गए नामों के पहले अक्षर के अनुसार उन्हें क्रम में रखकर2004 में एक लिस्ट बनाई गई थी। इस लिस्ट में अम्फान अंतिम नाम है। तूफान के इस नाम का प्रस्‍ताव थाईलैंड ने दिया था।

एनडीआरएफ की दो राज्यों में 17 टीमें तैनात


एनडीआरएफ ने पश्चिम बंगाल में 10 और ओडिशा में 7 टीमें तैनात की हैं। एनडीआरएफ के डायरेक्टर जनरल एसएन प्रधान ने बताया- ओडिशा में 10 टीमों को 7 जिलों में भेजा गया है। 7 टीमों को बंगाल के 6 जिलों में भेजा गया है। 10 टीमों को स्टैंडबाय रखा गया है। 21 सदस्यों वाली एक टीम को पारादीप में भी तैनात किया गया है। टीम के सदस्य कटर, बोट चेन और राहत और बचाव कार्य के लिए जरूरी सभी सामान के साथ पहुंचे हैं।
NDRF के डीजी एस एन प्रधान ने बताया कि दो हमारे कमांडेंट्स हैं, ओडिशा और बंगाल में हमारी बटालियनें हैं. ओडिशा वाले कंमाडेंट बालासोर में कैंप कर रहे हैं और बंगाल के कंमांडेंट काकद्वीप में कैंप कर रहे हैं. ओडिशा में 20 टीमें ग्राउंड पर तैनात कर दी गई हैं. सभी टीमों के पास सेटेलाइट संचार सिस्टम है. हमारे पास अत्याधुनकि पेड़ कटाई और खंभों की कटाई के यंत्र हैं. दोनों राज्यों में 41 टीमों का प्लेसमेंट हैं बंगाल में सिर्फ दो टीमें रिजर्व में रखी गई हैं जिसमें से एक टीम अभी कोलकाता में तैनात की जा रही है.

कोलकाता में हो सकता है भारी नुकसान


आईएमडी ने चक्रवात से कोलकाता में भारी तबाही का अनुमान लगाया है. प्रेस कॉन्‍फ्रेंस में बताया कि हमारे अनुमान के मुताबिक कोलकाता पहुंचने पर इस तूफान की स्पीड करीब 110 किमी प्रति घंटा होगी. तूफान की गति से इस बात का अनुमान है कि कोलकाता में भी काफी नुकसान हो सकता है.

लाखों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया


अधिकारियों ने बताया कि तूफान के कारण पश्चिम बंगाल और ओडिशा में जोखिम वाले इलाकों से लाखों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है. दोनों राज्य हाई अलर्ट पर हैं क्योंकि चक्रवात के चलते तेज रफ्तार हवाएं चल रही हैं और ओडिशा के कई क्षेत्रों में बारिश हुई है.

अलर्ट में क्या कहा गया हे?


अलर्ट में कहा गया है कि तेज हवाओं के कारण बिजली एवं संचार के खंभे मुड़ या उखड़ सकते हैं, रेलवे सेवाओं को कुछ हद तक बाधित कर सकते हैं और ऊपर से गुजरने वाली बिजली की तारों एवं सिग्नल प्रणालियां प्रभावित हो सकती हैं तथा तैयार फसलों, खेतों-बगीचों को बड़े पैमाने पर नुकसान हो सकता है।

बिहार 10वीं बोर्ड रिजल्ट 2020 किसी भी वक्त जारी यहाँ पढ़िए 

बिहार 10वीं बोर्ड रिजल्ट 2020 किसी भी वक्त जारी



बिहार 10वीं बोर्ड रिजल्ट 2020 किसी भी वक्त जारी


बिहार स्कूल परीक्षा बोर्ड (BSEB) ने 10वीं की परीक्षा में शामिल हुए 15 लाख बच्चों की कॉपी चेकिंग का काम खत्म कर लिया है. साथ ही रिजल्ट भी तैयार कर लिया है. बिहार बोर्ड 10वीं परीक्षा के रिजल्ट का छात्र और अभिभावक बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। बोर्ड से मिली जानकारी के मुताबिक बुधवार को किसी भी वक्त मैट्रिक परीक्षा का रिजल्ट जारी हो सकता है। टॉपर्स का इंटरव्यू मंगलवार को पूरा हो चुका है और बोर्ड के रिजल्ट की वेबसाइट पर रिजल्ट जारी करने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। ऐसे में रिजल्ट आज किसी भी वक्त जारी होने की बात कही जा रही है।

ऑनलाइन जारी होंगे मैट्रिक रिजल्ट


बोर्ड से जुड़े सूत्र ने बताया कि इंटर की तरह ही मैट्रिक के परिणाम ऑनलाइन घोषित किए जाएंगे, लेकिन प्रेस रिलीज के जरिए मीडिया को परिणाम घोषित होने की सूचना दी जाएगी। बोर्ड का कहना है कि इसकी जानकारी अधिकारिक रूप से दी जाएगी।

बोर्ड की ओफिसिअल वेबसाइट पर रिजल्ट होंगे जारी


इंतजार कर रहे छात्र अपना रिजल्ट देखने के लिए बोर्ड की ओफिसिअल वेबसाइट biharboardonline.bihar.gov.in पर नजर बनाए रखें।
रिजल्ट जारी करने की पूरी तैयारी अब अंतिम चरण में है। बता दें कि मैट्रिक की परीक्षा में सर्वाधिक अंक पाने वाले 38 जिलों के टॉपर्स की कॉपियां सोमवार को ही बिहार बोर्ड के कार्यालय, पटना पहुंच गईं थी। मंगलवार को टॉपर्स की मेरिट लिस्ट तैयार हो गई थी और उनका इंटरव्यू ऑनलाइन लिया गया। अब टॉपर्स की लिस्ट तैयार होते ही किसी भी वक्त बिहार बोर्ड, BSEB जल्द ही 10वीं कक्षा के परिणाम आधिकारिक वेबसाइट biharboardonline.bihar.gov.in पर जारी करेगा।

बिहार बोर्ड 10वीं का रिजल्ट चेक करने का तरीका


1. BSEB की वेबसाइट पर जाएं

2. वेबसाइट पर दिए गए रिजल्ट के लिंक पर क्लिक करें

3. अपना रोल नंबर और रजिस्ट्रेशन नंबर भरें और सबमिट करें

4. अब मांगी गई डीटेल्स भरें और फिर उसे सबमिट कर दें

5. सबमिट करने के बाद रिजल्ट आपके सामने होगा

इन वेबसाइट्स पर देख सकते हैं अपना रिजल्ट



  • Biharboardonline.bihar.gov.in

  • Biharboard.online

  • onlinebseb.in

  • Bsebresult.online

  • examresults.net

  • indiaresults.com


10th के बाद क्या करे कोनसा सब्जेक्ट ले पूरी जानकारी यहाँ देखे 

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बुधवार, 13 मई 2020


 



ramraksha stotr arthsahit in marathi : रामरक्षा स्तोत्र: ‘स्तोत्र’ म्हणजे देवतेचे स्तवन, म्हणजेच देवतेची स्तुती होय. ज्या वेळी ठराविक लयीत अन् सुरात एखादे स्तोत्र म्हटले जाते, त्या वेळी त्या स्तोत्रातून एक विशिष्ट चैतन्यदायी शक्‍ती निर्माण होते. याकरता ramraksha stotr स्तोत्र एका विशिष्ट लयीत म्हणणे आवश्यक आहे. तसेच या स्तोत्रातील श्रीरामाच्या गुणांच्या वर्णनामुळे ते गुण आपल्यात येतात.

‘रामरक्षा’ ramraksha stotr  बुधकौशिक ऋषींनी लिहिलेले आहे. श्रीरामरक्षास्तोत्र म्हणत असतांना आरंभीच्या ओळींमध्ये मंत्राविषयीचा इतिहास दिसून येतो. तसेच त्या मंत्रांमध्ये काय शक्ती आहे ?, ते स्पष्ट केले आहे. एवढेच नव्हे, तर त्याचा परिणामही दिसून येतो. आरंभीच्या ओळींमधील गुह्यार्थ लक्षात घेऊन श्रीरामरक्षास्तोत्र म्हटल्यास त्याची परिणामकारकता अधिक जाणवून त्याचा लाभ होतो.

रामरक्षा ramraksha stotr


विनियोग:

अस्य श्रीरामरक्षास्तोत्रमन्त्रस्य बुधकौशिक ऋषिः। श्री सीतारामचंद्रो देवता। अनुष्टुप छंदः। सीता शक्तिः।


श्रीमान हनुमान कीलकम।श्री सीतारामचंद्रप्रीत्यर्थे रामरक्षास्तोत्रजपे विनियोगः।


कीलकम् – आधारस्तंभ,कवच

अर्थ – या रामरक्षास्तोत्ररूपी मंत्राचा ऋषि (रचणारा) बुधकौशिक असून छंद (वृत्त?) अनुष्टुभ् आहे, सीता आणि श्रीरामचंद्र या देवता आहेत, सीता शक्ती आहे, हनुमान आधारस्तंभ आहे आणि श्रीरामचंद्राच्या प्रेमाने जपासाठी वापरला जावा म्हणून हा स्तोत्ररूप मंत्र निर्माण केला आहे

।। अथ ध्यानम् ।।

ध्यायेदाजानुबाहुं धृतशरधनुषं बद्धपद्मासनस्थं पीतं वासो वसानं नवकमलदलस्पर्धिनेत्रं प्रसन्नम्‌।
वामांकारूढसीतामुखकमलमिलल्लोचनं नीरदाभं नानालंकार दीप्तं दधतमुरुजटामंडलं रामचंद्रम।


।। इति ध्यानम् ।।

ध्यायेदाजानुबाहुं – ध्यायेत् + आजानुबाहुं, नीरदाभम् – नीरद म्हणजे मेघ, त्याच्यासारखी कांती असणारे श्रीराम, दधतमुरुजटामण्डनं – दधतम् + उरू + जटामंडनं , दधतम् – धारण करणारा, उरू – विस्तृत, मोठ्या, जटामंडनं – जटांनी सुशोभित असलेला

अर्थ – आता ध्यानाची सुरुवात करू या. गुडघ्यापर्यंत हात असलेल्या, धनुष्यबाण धारण केलेल्या, बद्धपद्मासनात बसलेल्या, पिवळ्या रंगाचे वस्त्र परिधान केलेल्या, नुकत्याच उमललेल्या कमळाच्या पाकळीशी स्पर्धा करणाऱ्या प्रसन्न अशा श्रीरामांचे ध्यान करू या. त्याच्या डाव्या मांडीवर सीता बसलेली आहे, श्रीरामाची नजर तिच्या मुखकमलाकडे लागलेली आहे. श्रीरामांची कांती मेघश्याम आहे. शरीर निरनिराळ्या अलंकारांच्या शोभेने झळकत आहे. मोठ्या जटांमुळे त्यांचा चेहरा सुशोभीत झालेला आहे.

चरितं रघुनाथस्य शतकोटिप्रविस्तरम् ।
एकैकमक्षरं पुंसां महापातकनाशनम् ॥ १ ॥


शतकोटिप्रविस्तरम् – शंभर कोटी श्लोकांइतके विस्तृत, पुंसां – पुरुषांची

अर्थ – श्रीरामाचे चरित्र शंभर कोटी श्लोकांइतके विस्तृत आहे. त्याचे केवळ एक अक्षरसुद्धा पुरुषाची मोठी पापे नष्ट करण्यास समर्थ आहे.

ध्यात्वा नीलोत्पलश्यामं रामं राजीवलोचनम् ।
जानकीलक्ष्मणोपेतं जटामुकुटमण्डितम् ॥ २ ॥


नीलोत्पलश्यामं – नील + उत्पल + श्यामं, उत्पल – कमळ, राजीव – कमळ, जानकीलक्ष्मणोपेतं – जानकी + लक्ष्मण + उपेतं, म्हणजे सीता आणि लक्ष्मण ज्याच्या जवळ आहेत असा

अर्थ – नीलकमळासारखा सावळा रंग असलेल्या आणि कमळासारखे नेत्र असलेल्या रामाचे ध्यान करावे. सीता आणि लक्ष्मण ज्याच्या सन्निध असून ज्याचे मस्तक जटारूपी मुकुटाने सुशोभित आहे

सासितूणधनुर्बाणपाणिं नक्तंचरान्तकम् ।
स्वलीलया जगत्त्रातुमाविर्भूतमजं विभुम् ॥ ३॥


सासितूणधनुर्बाणपाणिं – स + असि + तूण + धनुर् + बाण + पाणिं, असि = तलवार, तूण = भाता, म्हणजे धनुष्यबाण आणि भात्याबरोबरच तलवारही हाती असणारे, नक्तंचरान्तकम् – नक्तं + चर + अंतकम्, नक्तं – रात्र, नक्तंचर – निशाचर म्हणजे दानव, राक्षस, नक्तंचरांतकं – राक्षसांचा नाश करणारा, जगत्त्रातुमाविर्भूतमजं – जगत्रातुम् + आविर्भूतम् + अजम्, जगत्रातुम् – जगत् + त्रातुम् , म्हणजे जगाच्या रक्षणासाठी , आविर्भूतम् – स्वतःला प्रकट केले आहे, अजम् म्हणजे जन्मरहित आणि म्हणूनच मृत्युरहित सुद्धा. विभुम्- व्यापून उरणारा. ह्या शेवटच्या दोन ओळींतील विशेषणे श्रीरारामाच्या रुपाने अवतार घेणाऱ्या परमात्म्याला श्रीविष्णूला लागू होतात.

अर्थ – आणखी एक म्हणजे मूलत: जन्मरहित व सर्वव्यापक असूनही त्याने जगाच्या रक्षणासाठी स्वतःस मर्यादित स्वरूपात सहज लीलेने प्रकट केले आहे. बाकी अर्थ सहज स्पष्ट होईल

रामरक्षाम् पठेत् प्राज्ञः पापघ्नीं सर्वकामदाम् ।
शिरो मे राघवः पातु भालं दशरथात्मजः ॥ ४ ॥


प्राज्ञः – प्रज्ञावान, सूज्ञ पुरुष, पापघ्नीं – पापाचा नाश करणारी (रामरक्षा) सर्वकामदाम् – काम – इच्छा. सर्व इच्छा पूर्ण करणारी (रामरक्षा) असा अर्थ

अर्थ – रामरक्षा पापांचा नाश करणारी व सर्व इच्छा पूर्ण करणारी असल्याने सूज्ञ लोकांनी तिचे पठण करावे.(दुसऱ्या ओळीपासून कवच सुरू होते) रघूच्या कुळात उत्पन्न झालेला राम माझ्या कपाळाचे रक्षण करो. दशरथाचा पुत्र कपाळाचे रक्षण करो.

कौसल्येयो दृशौ पातु विश्वामित्रप्रियः श्रुती ।
घ्राणं पातु मखत्राता मुखं सौमित्रिवत्सलः ॥ ५ ॥


मखत्राता – मख म्हणजे यज्ञ, त्राता म्हणजे रक्षण करणारा,

अर्थ – कौसल्येचा पुत्र माझ्या दृष्टीचे रक्षण करो, विश्वामित्राला प्रिय (असलेले श्रीराम) माझ्या कानांचे रक्षण करोत, इथे विशेषणाची चपखलता लक्षात घेण्यासारखी आहे. श्रुतींसाठी विश्वामित्राशी संबंधित विशेषणच का, कारण विश्वामित्राने श्रुतींद्वारे म्हणजे कानांद्वारे विद्येचे संस्कार रामावर केले. यज्ञाचे रक्षण करणारे (श्रीराम) माझ्या नाकाचे रक्षण करोत तर सुमित्रेचे ज्यांच्यावर प्रेम आहे (श्रीराम) माझ्या मुखाचे रक्षण करोत. रामरक्षा स्तोत्र

जिह्वां विद्यानिधिः पातु कण्ठं भरतवन्दितः ।
स्कन्धौ दिव्यायुधः पातु भुजौ भग्नेशकार्मुकः ॥ ६ ॥


भग्नेशकार्मुकः – भग्न + ईश + कार्मुक:, ईश – शंकर, कार्मुक – धनुष्य, शिवधनुष्य भंग करणारे (श्रीराम)

अर्थ – विद्येचा खजिना असलेले माझ्या जिभेचे रक्षण करोत (जीभ कारण तिच्या टोकावरच विद्या नर्तन करते असे मानतात) तर भरताला वंदनीय असलेले माझ्या कंठाचे रक्षण करोत. दिव्य शस्त्रास्त्रे असलेले माझ्या खांद्यांचे रक्षण करोत (खांद्यांचे कारण कदाचित काही अस्त्रे चालवण्यासाठी खांद्यांचा आधार घ्यावा लागत असावा). तर शिवधनुष्याचा भंग करणारे माझ्या भुजांचे रक्षण करोत (ज्या हातांनी शिवधनुष्य भंगले म्हणून हात).

करौ सीतापतिः पातु हृदयं जामदग्न्यजित् ।
मध्यं पातु खरध्वंसी नाभिं जाम्बवदाश्रयः ॥ ७ ॥


जामदग्न्यजित् – जमदग्निपुत्र परशुरामाला जिंकणारे श्रीराम

अर्थ – सीतेचे पती माझ्या हातांचे रक्षण करोत (पतीचा एक अर्थ रक्षणकर्ता. सीतेचे रक्षण करणारा माझेही रक्षण करो असे काहीसे) तर परशुरामाला जिंकणारे माझ्या हृदयाचे रक्षण करोत. खर नावाच्या राक्षसाचा नाश करणारे माझ्या मध्यभागाचे रक्षण करोत तर जांबुवंताला आश्रय देणारे माझ्या नाभिचे रक्षण करोत.

सुग्रीवेशः कटी पातु सक्थिनी हनुमत्प्रभुः ।
ऊरू रघूत्तमः पातु रक्षःकुलविनाशकृत् ॥ ८ ॥


अर्थ – सुग्रीवाचे देव माझ्या कंबरेचे रक्षण करोत तर हनुमंताचे प्रभु माझ्या दोन्ही जांघांचे रक्षण करोत. रघुकुळातले उत्तम (पुरुष) व राक्षसांच्या कुळांचा नाश करणारे माझ्या मांड्यांचे रक्षण करोत

जानुनी सेतुकृत् पातु जङ्घे दशमुखान्तकः ।
पादौ विभीषणश्रीदः पातु रामोऽखिलं वपुः ॥ ९ ॥


वपुः – शरीर

अर्थ – सेतु बांधणारे माझ्या गुडघ्यांचे रक्षण करोत तर दोन्ही पोटऱ्यांचे रक्षण दशमुख रावणाचा अंत करणारे करोत. बिभीषणाला राज्य व संपत्ती देणारे माझ्या पावलांचे रक्षण करोत तर श्रीराम माझ्या सर्व शरीराचे रक्षण करोत.

एतां रामबलोपेतां रक्षां यः सुकृती पठेत् ।
स चिरायुः सुखी पुत्री विजयी विनयी भवेत् ॥ १० ॥


अर्थ -(इथे कवच संपून फलश्रुति सुरू होते) जो पुण्यवान मनुष्य रामबलाने युक्त असा रक्षेचे (कवचाचे) पठण करेल तो दीर्घायु, सुखी, पुत्रवान, विजयी आणि विनयी होईल.

पातालभूतलव्योम चारिणश्छद्मचारिणः ।
न द्रष्टुमपि शक्तास्ते रक्षितं रामनामभिः ॥ ११ ॥


पातालभूतलव्योम चारिणश्छद्मचारिणः – याची फोड पातालभूतलव्योमचारिण: + छद्मचारिणः अशी आहे. पातालभूतलव्योमचारिण: – पाताळ, भूमी आणि आकाश या तिन्ही लोकांत संचार करणारे, छद्मचारिणः – कपटी, मायावी खोटे सोंग घेणारे (राक्षस)

दुसऱ्या ओळीचा अर्थ – रामनामाने रक्षिलेल्या लोकांकडे असे (पहिल्या ओळीत वर्णन केलेले) मायावी आणि कपटी राक्षस नजर वर उचलून पण पाहू शकत नाहीत.

रामेति रामभद्रेति रामचन्द्रेति वा स्मरन् ।
नरो न लिप्यते पापैर्भुक्तिं मुक्तिं च विन्दति ।। १२ ॥


अर्थ – राम अथवा रामभद्र अथवा रामचंद्र या नावाने जो स्मरण करतो तो मनुष्य कधीही पापाने लिप्त होत नाही व त्याला सुखोपभोग आणि मुक्ति मिळतात.

जगज्जैत्रेकमन्त्रेण रामनाम्नाभिरक्षितम् ।
यः कन्ठे धारयेत्तस्य करस्थाः सर्वसिध्दयः ॥ १३ ॥


जगज्जैत्रेकमन्त्रेण – जगज्जेत्रा + एकमन्त्रेण जग जिंकणाऱ्या एका मंत्राने, रामनाम्नाभिरक्षितम् – रामनाम्ना + अभिरक्षितम् – रामनामाने सर्व बाजूंनी रक्षण होते

अर्थ – सर्व जग जिंकणाऱ्या या रामनामरूपी एका मंत्राने मनुष्याचे सर्व बाजूंनी रक्षण होते. जो हा मंत्र कंठात धारण करतो (पाठ करतो) त्याच्या हातात सर्व सिद्धी येतात.

वज्रपञ्जरनामेदमं यो रामकवचं स्मरेत् ।
अव्याहताज्ञः सर्वत्र लभते जयमङ्गलम् ॥ १४ ॥


अव्याहताज्ञः – म्हणजे त्याची आज्ञा कधीही मोडली जात नाही असा

अर्थ – हे कवच वज्राचा पिंजऱ्यासारखे अत्यंत संरक्षक असल्याने याला वज्रपंजर असे नाव आहे. ह्या कवचाचे जो नित्य स्मरण करतो त्याची आज्ञा अबाधित राहते आणि त्याला सर्वत्र मंगलमय विजय मिळतो

आदिष्टवान् यथा स्वप्ने रामरक्षामिमां हरः ।
तथा लिखितवान् प्रातः प्रबुद्धो बुधकौशिकः ॥ १५ ॥


अर्थ – भगवान शंकरांनी ज्याप्रमाणे स्वप्नात येऊन ही रामरक्षा सांगितली त्याप्रमाणे सकाळी उठून बुधकौशिक ऋषींनी ती लिहिली.

आरामः कल्पवृक्षाणां विरामः सकलापदाम् ।
अभिरामस्त्रिलोकानां रामः श्रीमान् स नः प्रभुः ॥ १६ ॥


आरामः – बाग, वन, विरामः – शेवट करणारा, सकलापदाम् – सकल + आपदाम् – म्हणजे सर्व दु:खसंकटांचा, अभिरामस्त्रिलोकानां – अभिराम: + त्रिलोकानां – तिन्ही लोकांना आवडणारा, श्रीमान् – श्रीमंत, स नः प्रभुः – तो आमचा देव आहे

यापुढील (२०व्या श्लोकापर्यंतचे)वर्णन श्रीराम व लक्ष्मण या दोघांचे आहे.

तरुणौ रूपसंपन्नौ सुकुमारौ महाबलौ ।
पुण्डरीक विशालाक्षौ चीरकृष्णाजिनाम्बरौ ॥ १७ ॥


पुण्डरीक – कमळ, विशालाक्षौ – (कमळाप्रमाणे) मोठे डोळे असलेला, चीरकृष्णाजिनाम्बरौ – चीर + कृष्णाजिन + अंबरौ, चीर – वल्कले, कृष्णाजिन – काळवीटाचे कातडे, अंबरौ – वस्त्राप्रमाणे धारण करणारे.

फलमूलाशिनौ दान्तौ तापसौ ब्रह्मचारिणौ ।
पुत्रौ दशरथस्यैतौ भ्रातरौ रामलक्ष्मणौ ॥ १८ ॥


फलमूलाशिनौ – फल + मूल + अशिनौ, म्हणजे फळे व कंदमुळे भक्षण करून राहणारे, दान्तौ – इंद्रिये दमन करणारे, जितेंद्रिय

अर्थ – फळे व कंदमुळे भक्षण करून राहणारे, जितेंद्रिय, तपस्वी, ब्रह्मचारी असे हे दशरथाचे दोन पुत्र व एकमेकांचे भाऊ म्हणजे राम व लक्ष्मण.

शरण्यौ सर्वसत्वानां श्रेष्ठौ सर्वधनुष्मताम् ।
रक्षः कुलनिहन्तारौ त्रायेतां नो रघूत्तमौ ॥ १९ ॥


शरण्यौ सर्वसत्वानां – सत्त्व म्हणजे प्राणी. याचा अर्थ सर्व प्राण्यांचे आश्रयस्थान

अर्थ- सर्व प्राण्यांचे आश्रयस्थान असलेले, सर्व धनुर्धारी योद्ध्यांमध्ये श्रेष्ठ, राक्षसांच्या कुळांचा वध करणारे रघुकुळातले श्रेष्ठ वीर, म्हणजे राम व लक्ष्मण, आमचे एअक्षण करोत.

आत्तसज्जधनुषाविषुस्पृशावक्षयाशुगनिषङ्गसङ्गिनौ ।
रक्षणाय मम् रामलक्ष्मणावग्रतः पथि सदैव गच्छताम् ॥ २० ॥


आत्तसज्जधनुषाविषुस्पृशावक्षयाशुगनिषङ्गसङ्गिनौ – आत्तसज्जधनुषौ + ईषुस्पृशावक्षयाशुगनिषङ्गसङ्गिनौ, पैकी आत्तसज्जधनुषौ – आत्त + सज्ज + धनुषौ + ईषुस्पृशौ यातील आत्त- धारण केलेले, ईषुस्पृशौ – ईषु म्हणजे बाण, बाण लावून सज्ज केलेले धनुष्य धारण केलेले (रामलक्ष्मण) असा एकूण अर्थ आणि अक्षयाशुगनिषङ्गसङ्गिनौ – अक्षय + आशुग + निषङ्ग + सङ्गिनौ, यातील अक्षय – म्हणजे कधीही न संपणारा, आशुग – पुढे जाणारा बाण, निषङ्ग – भाता, सङ्गिनौ – जवळ असलेले, रामलक्ष्मणावग्रतः- रामलक्ष्मणौ + अग्रतः , अग्रतः= पुढे

अर्थ – बाण लावून सज्ज केलेले धनुष्य धारण केलेले तसेच पुढे जाणाऱ्या बाणांचा कधीही न संपणारा अक्षय भाता जवळ असलेले(श्रीराम व लक्ष्मण) माझ्या रक्षणाकरता मार्गामध्ये नेहमी माझापुढे चालोत. ramraksha stotr

संनद्धः कवची खड्गी चापबाणधरो युवा ।
गच्छन् मनोरथोऽस्माकं रामः पातु सलक्ष्मणः ॥ २१ ॥


संनद्धः – निरंतर सज्ज, कवची – चिलखत घातलेला,

अर्थ – चिलखत घातलेल्या व धनुष्य, बाण व तलवार यांनी निरंतर सज्ज असलेल्या तरूण श्रीरामामुळे आमचे मनोरथ सिद्धीस जावोत आणी लक्ष्मणासह श्रीराम आमचे रक्षण करोत.

रामो दाशरथिः शूरो लक्ष्मणानुचरो बली ।
काकुत्स्थः पुरुषः पूर्णः कौसल्येयो रघूत्तमः ॥ २२ ॥


काकुत्स्थः – ककुत्स्थ हे श्रीरामांच्या कुळाच्या मूळ पुरुषाचे नाव. त्याच्या कुळात जन्म झाला म्हणून श्रीराम काकुत्स्थ.

अर्थ – दशरथपुत्र श्रीराम शूर आहे, लक्ष्मणासारखा बलवान मनुष्यही ज्याच्या पावलावर पाऊल ठेऊन चालतो असा (महान) आहे. ककुत्स्थ कुळातला हा पूर्ण पुरुष असलेला कौसल्येचा पुत्र रघुकुळात श्रेष्ठ आहे.

वेदान्तवेद्यो यज्ञेशः पुराणपुरुषोत्तमः ।
जानकीवल्लभः श्रीमानप्रमेयपराक्रमः ॥ २३ ॥


वेदान्तवेद्यो – वेदांत हे ज्याला जाणून घ्यायचे साधन आहे असा, पुराणपुरुषोत्तमः – सनातन पुरुष, जानकीवल्लभः – सीतेचा पति, श्रीमानप्रमेयपराक्रमः – श्रीमान् + अप्रमेय + पराक्रमः, अप्रमेय – ज्याच्या पराक्रमाची मोजदाद करता येत नाही असा पराक्रमा

इत्येतानि जपेन्नित्यं मद्भक्तः श्रद्धयान्वितः ।
अश्वमेधाधिकं पुण्यं सम्प्राप्नोति न संशयः ॥ २४ ॥



अर्थ – ह्या स्तोत्राचा जप जे माझे भक्त श्रद्धायुक्त मनाने करतील त्यांना अश्वमेध यज्ञापेक्षाही जास्त पुण्य प्राप्त होईल यात शंका नाही.

रामंदूर्वादलश्यामं पद्माक्षं पीतवाससम् ।
स्तुवन्ति नामभिर्दिव्यैर्न ते संसारिणो नरः ॥ २५ ॥


अर्थ – दूर्वादलासारखे सावळ्या वर्णाच्या, कमळासारखे डोळे असलेल्या, पिवळे वस्त्र परिधान केलेल्या (अशा) श्रीरामांचे दिव्य नाव घेऊन जे स्तुति करतात ते पुरुष संसाराच्या/ जन्ममरणाच्या जाळ्यातून मुक्त होतात.

रामं लक्ष्मणपूर्वजम् रघुवरं सीतापतिं सुन्दरम् ।
काकुत्स्थं करुणार्णवं गुणनिधिं विप्रप्रियं धार्मिकम् ॥ २६ ॥


राजेन्द्रं सत्यसन्धं दशरथतनयं श्यामलं शान्तमूर्तिम् ।
वन्दे लोकाभिरामं रघुकुलतिलकम् राघवं रावणारिम् ॥ २७ ॥


२६ व २७ श्लोकांचा एकत्र अर्थ -श्रीराम लक्ष्मणाग्रज, रघुकुळातले श्रेष्ठ, सीतेचे पती, व सुंदर आहेत. तसेच ककुत्स्थ कुळातले, करूणेचे सागर, गुणांचा खजिना, ब्राह्मणांना प्रिय असलेले व धार्मिक आहेत. राजांमध्ये श्रेष्ठ, सत्याशी कायम जोडलेले, दशरथपुत्र, सावळे व शांततेची मूर्ती आहेत. लोकांना प्रिय असणाऱ्या, रघुकुळात तिलकाप्रमाणे शोभणाऱ्या, रावणाच्या शत्रू आहेत. अशा (गुणांनी युक्त) श्रीरामांना मी वंदन करतो. ramraksha stotr

रामाय रामभद्राय रामचन्द्राय वेधसे ।
रघुनाथाय नाथाय सीतायाः पतये नमः ॥ २८ ॥


वेधसे – प्रजापतिला

अर्थ – मी रामाला, रामभद्राला, रामचंद्राला, प्रजापतीला, रघुनाथाला, नाथाला, सीतेच्या पतीला वंदन करतो.

श्रीराम राम रघुनन्दन राम राम ।
श्रीराम राम भरताग्रज राम राम ॥
श्रीराम राम रणकर्कश राम राम ।
श्रीराम राम शरणं भव राम राम ॥ २९ ॥


अर्थ – श्रीराम हे रघुकुळातले श्रेष्ठ आहेत, भरताचे थोरले बंधु आहेत, रणांगणावर शूरवीर आहेत. अशा श्रीरामांना मी शरण आहे.

श्रीरामचन्द्रचरणौ मनसा स्मरामि ।
श्रीरामचन्द्रचरणौ वचसा गृणामि ॥
श्रीरामचन्द्रचरणौ शिरसा नमामि ।
श्रीरामचन्द्रचरणौ शरणं प्रपद्ये ॥ ३० ॥


अर्थ – मी श्रीरामांच्या चरणांचे मनाने स्मरण करतो, वाणीने गुणवर्णन करतो, शिरसाष्टांग नमस्कार करतो व शरण जातो.

माता रामो मत्पिता रामचन्द्रः ।
स्वामी रामो मत्सखा रामचन्द्रः ॥
सर्वस्वं मे रामचन्द्रो दयालुः ।
नान्यं जाने नैव जाने न जाने ॥ ३१॥


अर्थ – श्रीराम माझी माता आहेत, पिता आहेत, स्वामी आहेत, मित्र आहेत. दयाळू असे श्रीराम माझे सर्वस्व आहेत. मी त्यांच्याशिवाय अन्य कोणालाही जाणत नाही.

दक्षिणे लक्ष्मणो यस्य वामे तु जनकात्मजा ।
पुरतो मारुतिर्यस्य तं वन्दे रघुनन्दनम् ॥ ३२ ॥


अर्थ – ज्याच्या उजव्या बाजूस लक्ष्मण आहे तसेच डाव्या बाजूस सीता आहे पुढे मारुती आहे अशा श्रीरामांना मी वंदन करतो. ramraksha stotr

लोकाभिरामं रणरङ्गधीरं राजीवनेत्रं रघुवंशनाथम् ।
कारुण्यरूपं करुणाकरं तं श्रीरामचन्द्रं शरणं प्रपद्ये ॥ ३३ ॥


अर्थ – लोकांना प्रिय असलेल्या, रणांगणावर धीरगंभीर असलेल्या, कमळाप्रमाने नेत्र असलेल्या, रघुवंशात श्रेष्ठ असलेल्या, कारुण्याची मूर्ति असलेल्या, दया करणाऱ्या अशा श्रीरामांना मी वंदन करतो.

मनोजवं मारुततुल्यवेगं जितेन्द्रियं बुद्धिमतां वरिष्ठम् ।
वातात्मजं वानरयूथमुख्यं श्रीरामदूतं शरणं प्रपद्ये ॥ ३४ ॥


अर्थ – मनाप्रमाणे, वाऱ्यासारखा वेग असलेल्या, जितेंद्रिय, बुद्धिमान लोकांमध्ये श्रेष्ठ, पवनपुत्र, वानरांच्या सेनेचा मुख्य असलेल्या (हनुमानाला) मी शरण आहे.

कूजन्तं रामरामेति मधुरं मधुराक्षरम् ।
आरुह्य कविताशाखां वन्दे वाल्मीकिकोकिलम् ॥ ३५ ॥


अर्थ – कवितेच्या शाखेवर बसून वाल्मिकीरूपी कोकिळ राम राम अशा मधुर अक्षरांचे कूजन करत आहे, त्या वाल्मिकीरूपी कोकिळाला मी वंदन करतो. ramraksha stotr

आपदामपहर्तारं दातारं सर्वसंपदाम् ।
लोकाभिरामं श्रीरामं भूयो भूयो नमाम्यहम् ॥ ३६ ॥


आपदामपहर्तारं – आपदाम् + अपहर्तारं – दु:खसंकटांचा नाश करणाऱ्या, भूयो भूयो – पुनः पुनः

अर्थ – दु:खसंकटांचा नाश करणाऱ्या, सुखसमृद्धी देणाऱ्या, लोकांना प्रिय असणाऱ्या श्रीरामांना मी पुनः पुनः नमन करतो.

भर्जनं भवबीजानामर्जनं सुखसंपदाम् ।
तर्जनं यमदूतानां रामरामेति गर्जनम् ॥ ३७ ॥


अर्थ – संसारवृक्षाची बीजे जाळून टाकण्यासाठी, सुखसमृद्धी मिळवण्यासाठी, यमदूतांना घाबरवण्यासाठी राम राम अशी गर्जना (जप) करावा.

रामो राजमणिः सदा विजयते रामं रमेशं भजे ।
रामेणाभिहता निशाचरचमू रामाय तस्मै नमः ॥ ३८ ॥


अर्थ – (या आणि पुढच्या श्लोकात राम शब्दाच्या सातही विभक्ति वापरलेल्या आहेत). राजांमध्ये श्रेष्ठ रामाचा सदा विजय होतो. मी रामाला, रमेशाला म्हणजेच रमेच्या पतीला- विष्णुला भजतो. रामाने राक्षसांचे समुदाय नष्ट केले. त्या रामाला वंदन असो. ramraksha stotr

रामान्नास्ति परायणं परतरं रामस्य दासोऽस्म्यहम् ।
रामे चित्तलयः सदा भवतु मे भो राम मामुद्धर ॥ ३९ ॥


अर्थ – रामापेक्षा अधिक कुशल कोणी नाही. मी रामाचा दास आहे. रामामध्ये माझा चित्तवृत्तीचा लय होवो आणि हे राम माझा उद्धार कर.

रामरामेति रामेति रमे रामे मनोरमे ।
सहस्त्रनामतत्तुल्यं रामनाम वरानने ॥ ४० ॥


वरानने – सुवदने,

अर्थ – (शंकर पार्वतीला सांगतात) हे सुमुखी, मनाला आनंद देणाऱ्या रामाच्या ठिकाणी मी रममाण होतो. रामाचे एक नाव (विष्णूच्या) हजार नावांच्या बरोबरीचे आहे.

इति श्रीबुधकौशिकविरचितं श्रीरामरक्षास्त्रोत्रं सम्पूर्णम् ।


अर्थ – श्रीबुधकौशिकऋषींनी रचलेले श्रीरामरक्षा नावाचे स्तोत्र इथे संपले.

॥ श्रीसीतारामचन्द्रार्पणमस्तु ॥


अर्थ – हे स्तोत्र श्रीराम व सीतेला अर्पण असो.

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श्री हनुमान चालीसा इथे वाचा

शुक्रवार, 8 मई 2020

 

his article will solve your query to Add common prefix Excel to all cells. In today's world technology is growing very fast. And as it's growing we are moving ahead. While moving ahead sometimes we forgot small things we learned. Some of common in that is forgetting excel shortcuts.  I was doing some office work today and I was having 20 rows in 2 columns where 1 column was chapter number and other was chapter name. somewhat like below.



 

So for column  Sr, I want to append the word "Chapter" in the prefix. There were 2 ways to do that either manually or by using formula. So recalled that formula and can you guess what was that excel formula to  Add common prefix to all cells in Excel

=CONCATENATE("Chapter ",A2)

By using this formula my column value got concatenated by adding prefix "Chapter" and my work done in seconds. So Microsoft excel is quite interesting tool to use. if you know formulas then your world is easy. See output below.



Now see more on this Microsoft excel CONCATENATE function works.

  1. The Excel CONCATENATE function can concatenates (joins) join up to 30 text items together and returns the result as text.

  2. The CONCAT function replaces CONCATENATE in newer versions of Excel.


Learn more these kind of HOW TO DO topics here 

गुरुवार, 7 मई 2020

Search Engine क्या है और Search Engine कैसे काम करता हैं?



Search Engine क्या है और Search Engine कैसे काम करता हैं?


जब समस्या है तो उसका समाधान भी उपलब्ध है. और आपकी समस्या का समाधान है Search Engine. हम Search Engine Optimization इसीलिए करते है ताकि हमारी वेबसाइट Search Engine में पहले पेज पर list हो, इसलिए Search Engine क्या होता है इस के बारे में जानना भी जरूरी है | Google, Yahoo, Bing अदि सभी Search Engines है | अगर हमे कुछ सर्च करना होता है तब हम Google का इस्तमाल करते है क्यूकि google world का सबसे ज्यादा प्रयोग होने वाला सर्च इंजन है |

हर एक सर्च इंजन का वर्क करने का अलग अलग Algorithms होता है| वह समय समय पर उसे बदलता रहता है क्यूकि सर्च इंजन अपने algorithms का प्रयोग करके हमे result Show करता है |

Search Engine क्या है


Search Engine एक प्रकार का प्रोग्रॅम हे जो वर्ड वाइड वेब में मौजूद जानकारियोंको keyword के जरिये ढूंढ़ने में users की मदत करता हे. जब  user कोई भी सवाल सर्च बॉक्स में टाइप करके सबमिट (सर्च) करता हे तो Search Engine यह समझने की कोशिश करता हे की यूजर क्या ढूंढ़ना चाहता हे. और वह उससे जुडी जानकारी जानकारियोंको खोजकर व्यवस्तित तरीकेसे Search Engine result page पर दिखाता हे.

example : समज लीजिये की अपने Search box में टाइप किया की कंप्यूटर क्या हे और एंटर किया तो Search Engine internet पर जितनेभी वेबसाइट हे उनमेसे इस सवाल को सर्च करता हे.जहाँ जहाँ  ये सवाल मैच होगा की उन वेबसाइट के नाम मतलब search रिजल्ट के पाहिले page में दिखाई देगा। जो सवाल हे (आप जो टाइप करते हे) उसीको इंटरनेट की भाषा में keyword कहते हे.

Search Engine अपनी खोज किसी खास Keyword या Phrase की सहायता से करता है, और इन Keyword या Phrase से संबंधित परिणाम को सूचीयों में प्रदर्शित करता है, जिन्हें Search Engine Result Page (SERPs) कहते है.

इंटरनेट में जो भजि search किया जाता हे उसको ढुंडके Search Engine exact  result दिखाने का काम करता हे.

कुछ Search Engine के नाम



  • Google

  • Bing

  • Yahoo!

  • Ask.com

  • DuckDuckGo

  • Dogpile

  • AOL.com

  • Baidu

  • wolframalpha

  • Altavista

  • Lycos

  • HotBot

  • Dogpile


Search Engine कैसे काम करता हैं


सभी Search Engines में किसी Query (जानकारी) को Search करने के लिए दो तरीके अपनाए जाते है. जब भी आप इंटरनेट से कोई जानाकारी खोजना चाहते है. तो आपके सामएन ये दो विकल्प होते है. इनके द्वारा आप अपनी मन पसंद जानकारी इंटरनेट पर सर्च कर सकते है. Search Engine का मुख्य काम अलग अलग वेब pages पर जाकर जानकारियोंको खोजना। उन्हें orgnize करना और कंटेंट की quality के अनुसार ranking करना होता हे.

1. Keyword Search


Search Engine किसी Query से संबंधित लाखो Hits/Sites प्रदर्शित करता है. Search Engine में Search कि गई Query से प्राप्त Hits/Sites को Search Engine क्रमानुसार लगभग 10 Hits/Sites के समूह कि एक सूची में प्रदर्शित करता है. जिस Hits/Sites में Search किया गया खास शब्द/शब्द समूह कि संभावना सबसे अधिक होती है उसे सबसे पहले प्रदर्शित किया जाता है. Keyword Search के लिए Google तथा Bing Search Engine का उपयोग सबसे अधिक किया जाता है.

2. Directory Search


Directory Search के द्वारा Search Engine की Directory में उपलब्ध विषय-सूची- खेल (Sports), शिक्षा (Education), विज्ञान (Science), मनोरंजन (Entertainment) आदि, को चुनते है. फिर उस विषय (Subjects) के उपविषय (Sub-subject) को चुनते है. और इस तरह ये खोज तब तक जारी रहती है जब तक हमारे सामने इच्छित विषय से संबंधित Websites की सूची नही आ जाती है. Directory Search के लिए सबसे अधिक लोकप्रिय Search Engine Yahoo! Search Engine है.

SEO क्या है और क्यों जरुरी है

Search Engine 3 steps में काम करता हे


सर्च इंजन 3 steps
1. Crawling
2. Indexing
3.Ranking और Retrieval

1. Crawling


Crawling मतलब ढूंढ़ना।

यह वह साधन है जिसके द्वारा सर्च इंजन यह पता लगा सकता है कि वर्ल्ड वाइड वेब पर क्या प्रकाशित हुआ है। अनिवार्य रूप से, क्रॉलिंग वेब पेजेस पर जो है उसे कॉपी करता है और बार-बार पेजेज की भीड़ को चेक करके यह देखता हैं कि क्या वे बदले गए हैं और पाए गए किसी भी परिवर्तन की कॉपी बनाते हैं।

जिन प्रोग्राम्‍स में ऐसा करने का काम होता है उन्हें विभिन्न रूप से robots, crawlers, spiders या ‘वेब’ का उपयोग करके कुछ भिन्नता के रूप में किया जाता है, उदा. web crawler।

goggle के मुताबिक करीबन 1 सेकंड में 100 से 1000 page को visit करता हे. जब robots को कोई नया page मिलता हे तो ओ उसे black-end-processing (page title,meta tag,keywords,backlink,images,videos)के लिए भेजता हे. और फिर चेक करता हे की इस page के साथ और कोनसे page licnked हे. जब भी कोई नया page मिलता हे तो वही process रिपीट होती हे.

2. Indexing


एक बार जब crawler किसी web-page को scan कर लेते है, उसके बाद Indexing की process शुरू होती है. crawl किये गए data को database में store किया जाता है. इस database center पर पर्याप्त मात्रा में servers रखे गए होते है, जो crawler द्वारा बनाई जा रही web page की सभी copies को store करते है. web page के इस भंडार को index कहा जाता है.

यही वो data है, जो search engine में जानकारी खोजने के दौरान आपको search result के रूप में दिखाई देता है. यह data और web pages के द्रव्यमान को व्यवस्थित करने की प्रकिया है, ताकि खोज इंजन आपके search query के लिए relevant result को जल्दी से ढूंढ पाये.

इसे आप किसी किताब के index page से तुलना कर सकते हे.जिस प्रकार हमें किसी बुक के अंदर कोई स्पेसिफिक टॉपिक ढूंढ़नी हो तो  पाहिले index में जाकर  की वह कोनसे page पर हे. गूगल भी ठीक इसी तरह का इंडेक्स तैयार करता हे जिसमे एक टेबल के format में सभी web pages की जानकारी जैसे page का title,discripting,keywords,internal link,external link, आदि को store करता हे.

3.Ranking और Retrieval


इसमे search engine हमारे द्वारा सर्च की गई query की processing करता है और ऐसे relevant pages हमारे सामने रखता है, जिनमें हमारे सवाल का सही जवाब मिल पाए. जो web page हमे search result में सबसे उप्पर दिखाई देते है वह खोज इंजन के हिसाब से आपकी query के लिए सबसे relevant है.
प्रत्येक खोज इंजन की एक अलग Ranking method हो सकती है. सभी search engine अपनी algorithm को secret रखते है, ताकि कोई web creator उन एल्गोरिदम का इस्तेमाल करके गलत तरीके से उप्पर न आये. लेकिन वेब निर्माता SEO (Search engine optimization) का बेहतर इस्तेमाल करके अपने web page को दूसरों से आगे लाने की कोशिश करते है.

SEO क्या है और SEO क्यों जरूरी है

Search Engine क्या है और Search Engine कैसे काम करता हैं?

White Hat SEO क्या हे और कैसे उपयोग करे

Black Hat SEO क्या है और क्यों जरुरी है

ब्लॉग क्या होता है और Blogging कौन कर सकता हे

डिजिटल मार्केटिंग क्या है

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Hello readers, Posting another important article which I experienced recently.  One day morning I just went to my webpage to see how my WordPress site is looking now and I got shocked. My WordPress was displaying critical error " There has been a critical error on your website ". As everyone behave I was worried as it went to do impact on my visitors and my AdSense earnings. I tried many ways by replacing the WordPress template but after every 24 hours I was getting the same message " There has been a critical error on your website ".

Finally, I found the root cause of this, I did the installation of some new plugins in the last 2 days ago and WordPress theme, WordPress version. And that was the root cause of the issue. Now coming to a solution for WordPress critical error on your website 

  1. Disable all your plugins From plugin manager  or from file manager of your hosting by renaming the plugin folder

  2.  Active each plugin one by one and refresh your webpage to check your site is still down or up

  3. If any plugin makes your WordPress down then simply deactivate that plugin and delete it. use another alternative


using this way my WordPress issue " There has been a critical error on your website " gone permanently.  so while installing any plugin please read its documentation and dependencies so you can avoid such error in the future. So whenever we do upgrade our WordPress version, plugin version, WordPress themes then we need to be more alert as it may impact directly on your visitors, AdSense, and google ranking. To install WordPress themes, WordPress plugins, WordPress updated version whenever it required only. I hope this solution will solve your issue of WordPress errors because of the installation of new plugin. Kindly like us of Facebook.

you can find more articles like these technical solutions on our website.

बुधवार, 6 मई 2020



I got this question when one day surprisingly i saw message in my google adsense account flashing on top as . "Earning at Risk:- - you need to fix some ads.txt file issues to avoid severe impact to your revenue. fix now learn more arrow_back",  At initial stage i was unaware how to do this so googled and found some plugin where i uploaded ad.txt it worked for couple of months but later again google start showing message in my adsesne account. "Earning at Risk:- - you need to fix some ads.txt file issues to avoid severe impact to your revenue. fix now learn more arrow_back"  Now this was quite worrying situation for me as i already did the solution using plugin. I read on google support documents and found that ad.txt should be uploaded in your root directory in file manager.  Finally i found a perfect way to do do "how to upload ad.txt in wordpress root". Basically its quite easy to do but sometime non technical person may hesitate to deal with CPANEL and file manager, As performing wrong action there may crash your website. As technical person i was quite easy for me. So just follow below some steps to  know how to upload ad.txt in wordpress root

Steps to upload ads.txt in wordpress root



  1. Login to your adsesnse account

  2. In the alert on your homepage, click Fix now.

  3. Click the Down arrow

  4. Download ad.txt

  5. Now go to site of your hosting provider ( bigrock, hostgator ,GoDaddy)

  6. Login to C-Panel

  7. Select File Manager

  8. Here you can see multiple folders just go to public_html.

  9. click upload file button

  10. Select ad.txt file

  11. Just upload

  12. Now you done


After performing all these stpes its important to check are the changes made working? so you may have question in your mind  How to check ads.txt file is wokring   for this  just go to your web-page  http://www.yourpage.com/ad.txt   so here you could see the all details in ad.txt file. if you are able to see this ad.txt then you done the correct changes. Now google may take 24 and more hours to check this ads.txt file. So keep calm yourself. You done your job to upload ads.txt file in root directory in wordpress now google will do the rest.

I think my this article will solve your problem  about  "How to upload ads.txt in wordpress root directory" Please like and share our page.

मंगलवार, 5 मई 2020

White Hat SEO क्या होता हे और कैसे उपयोग करे




White Hat SEO क्या हे और कैसे उपयोग करे: White Hat SEO का उपयोग आपके आर्टिकल को टॉप पर लाने के लिए किया जाता है. आप कितना भी अच्छा आर्टिकल लिखते हो पर जब तक आपका seo  का उपयोग आपने आर्टिकल में नहीं करोगे तो आप बेकार में ही आपने टाइम खराब कर रहे हो. blogging में कामयाब होने के लिए आपको White Hat SEO का ग्यान होना जरुरी हे.

White Hat SEO क्या है?


Search Engine पर आप high rank पर बने रहने के लिए जो on page seo और off page seo  का इस्तेमाल करके seo करते हो उसको White Hat SEO कहते है.

जितने भी succesfull blogger हे ओ सब इसी White Hat SEO Techniques का ही उपयोग करते हे. इसका मतलब ये हुआ की goggle ने उनको populer बना दिया।

White Hat SEO का उपयोग कैसे करे?


-blog पर टॉप quality कंटेंट ही लिखे। एक अच्छे कंटेंट पर visitors ज्यादा आते हे और टाइम भी स्पेंट करते हे.

-Origanl कंटेंट ही लिखे। कोही भी पोस्ट कॉपी करके नहीं लिखनी चाहिए। हमेशा seo friendly photos ही डेल. डाउनलोड की हुई फोटो नहीं डालना चाहिए।

-Keyword का सही से इस्तेमाल करे. पोस्ट पूरी तरह focus keyword पर होनी चाहिए। आर्टिकल के पाहिले और आखिरी paregraph में कीवर्ड का उपयोग किया जाता हे. post title और post url में भी keyword का उपयोग करे.

-आर्टिकल में काम से काम 300 words होने चाहिए।

-Meta discription का सहीसे उपयोग करे. Meta discription 150 words का ही लिखे। discription में आप अपने aartical के बारेमे लिखे। Meta discription में focus keyword भी लिखे। Meta discription में जो लिखते हो ओ search में दीखता हे.

White Hat SEO Techniques


वेबसाइट या ब्लॉग की रैंकिंग improve करने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली तकनीक को white hat SEO techniques कहा जाता है। और जो सभी SEO प्रोफेशनल द्वारा recommend है।

1. Good quality content
2. Copy Content से बचें
3. Search Engine Guidelines Follow करें

1. Good quality content


किसी भी वेबसाइट के लिए quality content बहुत महत्वपूर्ण है। इसलिए हमेशा Quality content publish करें, जो जानकारीपूर्ण और सहायक हैं।

2. Copy Content से बचें


अपने ब्लॉग पर copies content publish नहीं करें। Visitors को original content प्रदान करें। यह आपकी रैंकिंग के लिए बहुत जरूरी है।

3. Search Engine Guidelines Follow करें


अगर आप search engines guidelines का पालन नहीं करते हैं, तो ऑनलाइन की दुनिया में सफलता हासिल करना बहुत मुश्किल है।

SEO क्या है और SEO क्यों जरूरी है

Search Engine क्या है और Search Engine कैसे काम करता हैं?

White Hat SEO क्या हे और कैसे उपयोग करे

Black Hat SEO क्या है और क्यों जरुरी है

ब्लॉग क्या होता है और Blogging कौन कर सकता हे

डिजिटल मार्केटिंग क्या है

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सोमवार, 4 मई 2020

Black Hat SEO क्या है और क्यों जरुरी है



Black Hat SEO क्या है और क्यों जरुरी है: अगर आप एक ब्लॉगर है तो आपको Search Engine Optimization क्या है और कैसे करते है, इस के बारे में जानना बुहत जरूरी है क्यूकि सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन के ज़रिये ही आप अपनें ब्लॉग को पहले पेज पर लेकर आ सकते है अगर आप एसईओ सही तरीके से नहीं करेगे तब आपके ब्लॉग पर ट्रैफिक नहीं आ सकता मेरी नज़र में सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन blogger की जान होती है इसी के ज़रिये वह अपनी बात लोगो तक पुहंचा सकते है |


SEO एक प्रकार से search engine में अपनी website को Top पर लाने के Rules होते है ताकि हमारी website पर traffic increase हो सके। अगर आप इन Rules को follow करते है तो आपकी website search engine में first Page पर show होती है।


Black Hat SEO क्या है और क्यों जरुरी है

Black Hat SEO Techniques details


What is Black Hat SEO and why is it necessary

Black Hat SEO का उपयोग सर्च रिजल्ट में टॉप रैंक प्राप्त करने के लिए किया जाता है । यह Search engine guidelines के विरुद्ध है और आपकी साइट को Penalty की ओर ले जाता है।


Black Hat SEO तुरंत रिजल्ट दे सकता है, लेकिन समय के साथ, इसका विपरीत प्रभाव भी होता है, आपकी रैंकिंग कम हो सकती है और आपकी साइट को सर्च रिजल्ट से पूरी तरह से ब्लैकलिस्ट किया जा सकता है।


Black hat SEO techniques आपकी रैंकिंग में सुधार करने के बजाय आपकी रैंकिंग को नुकसान पहुंचा सकती है।



18 Black Hat SEO Techniques


Black Hat SEO सर्च इंजन Guidelines के खिलाफ है और टॉप रैंकिंग प्राप्त करता है। लेकिन आपकी साइट को समय के साथ सर्च रिजल्ट से पूरी तरह से हटाया जा सकता है।


Bad SEO Techniques जो आपकी Google Ranking को नुकसान पहुंचा सकती हैं।


1. Keyword Stuffing
2. Cloaking
3. Sneaky Redirects
4. Paid Links
5. Spam Comment
6. Duplicate Content
7. Article Spinning
9. Invisible Text & Link
10. Over Optimizing Alt Tag
11. Link Farms
12. Mirror Sites
13. Doorway Pages
14. Link Exchange
15. Social Network Spam
16. Paid Traffic
17. Keyword Rich के साथ Poor Content लिखना
18. Content Scraping


तो चलिए शुरू करते है…



1. Keyword Stuffing


कीवर्ड के साथ अपनी कंटेंट भरना Keyword stuffing कहलाता है। यह यूजर पर Bad experience बनाता है।
पुराने दिनों में, यह Technique प्रभावी थी और इसका उपयोग सर्च रिजल्ट में टॉप रैंक प्राप्त करने के लिए किया जाता था। लेकिन अब, Keyword stuffing का अर्थ Black Hat Techniques है। Google आपकी साइट को Penalize करेगा।
हमेशा Quality कंटेंट लिखें और Keywords को सही तरीके से उपयोग करें। अपनी कंटेंट में



2. Cloaking


Cloaking एक ऐसी Technique है जिसमें यूजर को दिखाई गई कंटेंट सर्च इंजन क्रॉलर को दिखाने वाली कंटेंट से भिन्न होती है। स्पैम वेबसाइट अक्सर सर्च इंजन बॉट से बचने के लिए क्लोकिंग का उपयोग करते हैं।


यदि गूगल को पता चलता है कि साइट क्लोकिंग है, तो गूगल साइट को Permanently ban कर सकता है। क्योंकि यह Google के Guidelines का उल्लंघन करता है।



3. Sneaky Redirects


रीडायरेक्ट का उपयोग विजिटर को एक पेज से दूसरे पेज पर भेजने के लिए किया जाता है। इसका उपयोग विशेष रूप से तब किया जाता है जब किसी पेज को किसी साइट पर moved किया जाता है, या जब साइट को पूरी तरह से एक नए डोमेन में ले जाया जाता है।


 इस Technique का उपयोग black hat SEO में भी किया जाता है। यह Cloaking की तरह ही है सर्च इंजन एक चीज़ देखते हैं और विजिटर दूसरा देखते हैं।



4. Paid Links


सर्च इंजन (Google) उन साइटों को पसंद नहीं करता है जो लिंक खरीदते और बेचते हैं। इसके अलावा यह link exchanges (“आप मुझे लिंक करो मैं आपको लिंक करूंगा”) करने वाली साईट को भी बिलकुल पसंद नहीं करता। साथ ही अपनी साईट पर लिंक Create करने के लिए automated programs या services का उपयोग न करें।



5. Spam Comment


Comments बैकलिंक्स बनाने में मदद करती हैं। कई ब्लॉगर या वेबसाइट ओनर इसे स्पैम तरीके (Automated comment) के रूप में उपयोग करते हैं ताकि वे बैकलिंक्स बना सकें। वर्तमान में, यह सबसे पोपुलर Black Hat SEO Techniques में से एक है।


आपने स्पैम कमेंट्स देखी होगी। ये Automated comments हैं, जिनमें अक्सर कीवर्ड और स्पैम लिंक होते हैं।


इसीलिए अधिकांश ब्लॉग अब कमेंट लिंक के लिए nofollow टैग का उपयोग करते हैं। और Google कमेंट लिंक को फॉलो नहीं करता है और link juice पास नहीं करता है।


अगर कोई आपकी साइट पर स्पैम कमेंट करता है, तो उन्हें डिलीट कर दें। Spam comments को ऑटोमेटिकली फ़िल्टर करने के लिए विभिन्न प्लगइन्स उपलब्ध हैं।



6. Duplicate Content


कई नए ब्लॉगर हैं जो दूसरे पोपुलर ब्लॉग की कंटेंट को कॉपी-पेस्ट करते हैं। और उन्हें लगता है कि वे भी उनकी तरह एक ब्लॉगिंग स्टार बन जाएंगे। लेकिन वे बिल्कुल गलत हैं – यह रणनीति black hat SEO से Belong करती है।


“कॉपी-पेस्ट” कंटेंट बिल्कुल एक दूसरे से मेल खाती है या बहुत समान दिखती है। नतीजतन, इस तरह की कंटेंट SERPs में रैंक नहीं करती है। सर्च इंजन जैसे कि गूगल unique content पसंद करते हैं।



7. Article Spinning


किसी आर्टिकल की re-writing “Article Spinning” कहलाती है।


यह Content को कॉपी करने के समान है। कई यूजर स्वयं को स्मार्ट मानते हैं और third-party tool या website का उपयोग करके पोपुलर ब्लॉग की कंटेंट को स्पिन करते हैं।


Article Spinning के नकारात्मक प्रभाव:




  • यह low-quality और कभी-कभी unreadable कंटेंट create करता है।

  • रीडर पर bad experience बनाता है।

  • आपको अनप्रोफेशनल बनाते हैं।


9. Invisible Text & Link


Invisible texts का अर्थ है कंटेंट या वेबसाइट में white text लिखना। ये Text विजिटर को दिखाई नहीं देते हैं, लेकिन सर्च इंजन क्रॉलर उन्हें आसानी से देख और इंडेक्स कर सकते है।



10. Over Optimizing Alt Tag


Images आपके आर्टिकल को अधिक engaging और attractive बनाते हैं। लेकिन सबसे महत्वपूर्ण बात, अपनी Images के लिए सही Alt descriptions का उपयोग करें।


सर्च इंजन (गूगल) इमेज को नहीं पढ़ सकते हैं, Alt tag की मदद से इमेज को समझते हैं – यह किस बारे में है। यदि आप इसमें बहुत सारे कीवर्ड जोड़ते हैं, तो इसे Over-optimized कहा जाएगा और यह Black hat technique को refer करता है।



11. Link Farms


Link farms वेबसाइटों का एक collection है जो एक दूसरे को जोड़ता है। यह इनबाउंड लिंक की संख्या को बढाता है और आपकी रैंकिंग को बूस्ट करता है।


खोज इंजन (Google) लिंक और अन्य कारकों की संख्या का उपयोग करके वेबसाइटों को रैंक करता है। लेकिन लिंक फ़ार्म का नकारात्मक प्रभाव पड़ता है क्योंकि Google इसे एक स्पैम तरीका मानता है।
सर्च इंजन (Google) आसानी से link farms का पता लगा सकते हैं, इसलिए आपको उनका उपयोग करने से बचना चाहिए।



12. Mirror Sites


Mirror Sites आमतौर पर main website की डुप्लिकेट वर्शन होते हैं। इसका उपयोग ट्राफिक और वेबसाइट रैंकिंग बढ़ाने के लिए किया जाता है।


Google आसानी से डुप्लिकेट कंटेंट का पता लगा सकता है और penalize कर सकता है। प्रत्येक सर्च इंजन डुप्लिकेट या मिरर साइट के बजाय Original content पसंद करता है।



13. Doorway Pages


ये low-quality page होते हैं जो रैंक करने के लिए keywords द्वारा ऑप्टिमाइज़ किये जाते हैं। लेकिन विजिटर को कोई Value प्रदान नहीं करते हैं।


इस प्रकार के पेज विशेष रूप से सर्च इंजन के लिए डिज़ाइन किए गए रहते हैं, Human के लिए नहीं।



14. Link Exchange


Link exchange ट्रैफ़िक बढ़ाने और रैंकिंग में सुधार करने का एक quick और easy तरीका है।


यह तरीका short-term basis पर काम करता है! लेकिन जोखिम भी हैं। यदि आप bad links और unrelated links जोड़ते हैं, तो यह आपकी रैंकिंग को भी प्रभावित करता है।



15. Social Network Spam


Social Network में irrelevant links की एक बड़ी शेयर करना स्पैमिंग के रूप में माना जाता है।


Social Network में स्पैम तब होता है जब लिंक unrelevant groups/pages/people में या private messages बार बार भेजे जाते हैं।



16. Paid Traffic


जब आप unknown वेबसाइटों से ट्रैफ़िक खरीदते हैं, तो आप देखेंगे कि आपके ब्लॉग की Bounce rate बढ़ गई है, जिसका अर्थ है कि लोग केवल आपके होमपेज पर आते हैं और आपके ब्लॉग से exit हो जाते हैं।


यदि आपकी साइट की Bounce rate बढ़ती है, तो यह SEO के लिए अच्छा नहीं है। इसके अलावा, जब आप अपने Adsense enabled blog के लिए ट्रैफ़िक खरीदते हैं, तो आपका AdSense account ban हो जाएगा।



17. Keyword Rich के साथ Poor Content लिखना


यदि आप अपने ब्लॉग पर low quality कंटेंट पब्लिश करते हैं, लेकिन उन्हें कीवर्ड से भर देते हैं, तो आपकी कंटेंट रैंक नहीं करेगी। इसके अलावा, Google ऐसी कंटेंट को महत्व नहीं देता है



18. Content Scraping


Content Scraping का अर्थ है दुसरे वेबसाइट से कंटेंट चुराना।


अपनी साइट पर कंटेंट को पुनः पब्लिश करने के लिए RSS feed का उपयोग करना Content Scraping कहलाता है। Google इस तरह के ब्लॉग को पसंद नहीं करता है और यहां तक ​​कि उन्हें penalizes भी करता है। क्योंकि यह Google Guidelines के विरुद्ध है।


note: Black hat SEO उन लोगों द्वारा उपयोग की जाती है जो फ़ास्ट रिजल्ट की तलाश में रहते हैं। लेकिन समय के साथ इसका विपरीत प्रभाव पड़ता है, उनको रैंकिंग में कमी का सामना करना पड़ सकता है और सर्च रिजल्ट से पूरी तरह से ब्लैकलिस्ट किया जा सकता है।


हमेशा white hat SEO strategy का उपयोग करें। यह सर्च इंजन ऑप्टिमाइज़ के लिए बेहतर है। अगर आप अपना ऑनलाइन बिजनेस लॉन्ग टर्म में चलाना चाहते हैं, तो कभी भी black hat SEO का उपयोग न करें।


और सबसे महत्वपूर्ण बात, Webmaster guidelines के साथ अपडेट रहें ताकि आप black hat SEO techniques से बच सकें।


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रविवार, 3 मई 2020

SEO क्या है और SEO क्यों जरूरी है



SEO क्या है और SEO क्यों जरूरी है


SEO क्या है और SEO क्यों जरूरी है (What is SEO and why is SEO important in hindi):अगर आप एक ब्लॉगर है तो आपको Search Engine Optimization क्या है और कैसे करते है, इस के बारे में जानना बुहत जरूरी है क्यूकि सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन के ज़रिये ही आप अपनें ब्लॉग को पहले पेज पर लेकर आ सकते है अगर आप एसईओ सही तरीके से नहीं करेगे तब आपके ब्लॉग पर ट्रैफिक नहीं आ सकता मेरी नज़र में सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन blogger की जान होती है इसी के ज़रिये वह अपनी बात लोगो तक पुहंचा सकते है |



SEO की fullform


SEO की fullform Search engine Optimization है। जिसका सीधा संबंध search engine से होता है।
seo एक प्रकार से search engine में अपनी website को Top पर लाने के Rules होते है ताकि हमारी website पर traffic increase हो सके। अगर आप इन Rules को follow करते है तो आपकी website search engine में first Page पर show होती है।



SEO क्या है?


Search engine Optimization है जिसका सीधा संबंध search engine से होता है। SEO एक प्रकार से search engine में अपनी website को Top पर लाने के Rules होते है ताकि हमारी website पर traffic increase हो सके। अगर आप इन Rules को follow करते है तो आपकी website search engine में first Page पर show होती है।


SEO एक ऐसा तरीका जिसका प्रयोग करके article को Search Engine के पहले पेज पर लाया जा सकता है उसे SEO या Search Engine Optimization कहते है, SEO का हिंदी में मतलब “सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन” होता है|


SEO की मदद से वेबसाइट का organic Traffic increase होता है इससे वेबसाइट की Value बढती है|


Website को first Page पर लाना इसलिए जरूरी होता है क्योंकि अधिकतर लोगों first page पर आने वाली website पर ही visit करना पसंद करते है और इसके लिए हमे SEO को follow करना पड़ता है।


कोई भी कंपनी या व्यक्ति अपनी website इसलिए बनाता है ताकि वह अपनी service और Product बेच सके परन्तु अगर उसकी website पर traffic यानी लोग ही visit नही करते तो वह अपने product कैसे बेचेंगे। इसलिए हमें अपने वेबसाइट को first page पर लाने की लिए Search engine optimization करनी पड़ती है। जिसे हमारी website पर traffic increase हो।


Websites पर traffic increase होने से हमारी online earning बढ़ती है। साथ ही website की value search engine में increase हो जाती है जिसे website की Ranking बढ़ती है।


Search engine optimization बिल्कुल traffic Rules की तरह होता है। जैसे traffic को सुचारू रूप से चलाने के लिए हमे Roadmap की आवश्यकता होती है ताकि लोगों को किसी समस्या का सामना न करना पड़े और वह जल्दी से अपना सही रास्ता चुनकर अपने Target तक पहुच सकते। ठीक उसी प्रकार SEO भी एक search engine Traffic Rules है। ताकि जब कोई कुछ भी सर्च कर उसे जल्दी से सही जानकारी मिले। इसके लिए search engine का Roadmap होता है जिसे SEO (Search engine optimization) कहते है।



Search Engine क्या है?


हम Search Engine Optimization इसीलिए करते है ताकि हमारी वेबसाइट Search Engine में पहले पेज पर list हो, इसलिए Search Engine क्या होता है इस के बारे में जानना भी जरूरी है | Google, Yahoo, Bing अदि सभी Search Engines है | अगर हमे कुछ सर्च करना होता है तब हम Google का इस्तमाल करते है क्यूकि google world का सबसे ज्यादा प्रयोग होने वाला सर्च इंजन है |


हर एक सर्च इंजन का वर्क करने का अलग अलग Algorithms होता है| वह समय समय पर उसे बदलता रहता है क्यूकि सर्च इंजन अपने algorithms का प्रयोग करके हमे result Show करता है |


हर search engine के अपने seo factor होते है। आज के समय मे Google सबसे बड़ा search engine है जो पूरी दुनिया मे सबसे ज़्यादा इस्तेमाल किया जाता है। google लगभग 200 SEO factor पर काम करता है।



SEO क्यों जरूरी है?


जब हम अपनी कोई वेबसाइट बनाते है और उस पर काफी काम करते है| मान लीजिये आपने एक ब्लॉग बनाया है, आपने उस पर काफी अच्छे अच्छे पोस्ट डाले है लेकिन अगर आप SEO का प्रयोग नहीं करते तो आप के article सर्च में नहीं show होगे और आपके ब्लॉग पर ट्रैफिक नहीं पहुँच पायेगा |




  • अगर हम अपनी वेबसाइट और ब्लॉग का अच्छी तरह से SEO करते है तब हमारी साईट पर काफी ट्रैफिक आता है |

  • हमारी वेबसाइट सर्च इंजन में पहले पेज पर show होती है |

  • पहले पेज पर आने के लिए SEO बुहत जरूरी है |

  • इस से हमारी वेबसाइट की ब्रांड वैल्यू भी INCREASE होती है |

  • Users Experience को बढानें के लिए भी सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन जरूरी होता है |

  • ब्लॉग्गिंग में बुहत ज्यादा कॉम्पीटिशन है इस लिए SEO बुहत जरूरी हो जाता है |


अगर आप SEO को एक लाइन में समझना चाहते है तो आप यह जान ले कि google वही content को पसंद करता है जिसे user पढ़ना पसन्द करते है। जिसे वह content अपने आप first page पर चला जाता है। और अगर पसंद नही करते तो धीरे- धीरे नीचे चला जाता है। यह google seo का सबसे important factor है।



SEO कैसे करे


Search engine optimization के दो importent factor है। on page SEO और off Page SEO. सबसे पहले हम बात करते है on page Seo के बारे में क्योकि यह website पर organic traffic increase करने का सबसे important factor है।



important factor of seo


on page SEO


अपनी website को search engine optimize के अनुसार setup करने के लिए जो काम उस पर किया जाता है उसे on page SEO कहते है। ऐसा करने से आपकी organic traffic increase होती है। google पर keyword search करके direct आपकी website पर आना organic traffic कहलाता है।




  • Website Speed: – आपकी वेबसाइट की स्पीड अच्छी होनी चाहिए यह आपके User पर असर डालती है|

  • Mobile Friendly: – आपकी वेबसाइट मोबाइल फ्रेंडली होनी चाहिए क्यूकि 70% ट्रैफिक मोबाइल से आता है|

  • Title Tag: – वेबसाइट का Title Simple and Attractive होना चाहिए, टाइटल में 60-word होने चाहिए|

  • Image Alt Tag: – Article के image में Alt Tag जरुर लगाये वह पोस्ट के keyword से मैच होना चाहिए|

  • Meta Tag: – article लिखते समय Meta Tag का इस्तमाल करे, Meta Tag आप की पोस्ट के Related होना चाहिए|

  • URL: – पोस्ट में URL Set करते समय उस में अपने Keyword प्रयोग करे वह seo के लिए अच्छा होता है|

  • Highlight Keyword: – पोस्ट को लिखते समय कीवर्ड्स को Highlight जरुर करे|

  • Heading Tag: – अपनी पोस्ट के हैडिंग में H1 टैग का इस्तमाल करे|

  • Internal Link: – ब्लॉग में internal लिंक का प्रयोग करे यह SEO के लिए बुहत अच्छा होता है|

  • External Link: – आपको अपनी ब्लॉग में external लिंक का प्रयोग करना चाहिए, यह लिंक अच्छी वेबसाइट से होने चाहिए|

  • पोस्ट को हमेशा 800 से ज्यादा word में लिखें यह आपकी वेबसाइट के लिए अच्छा होता है

  • LSI Keyword: – Article लिखते समय आपको LSI Keyword का इस्तमाल करना चाहिए|


On page SEO के बहुत सारे factor होते है जिनकी help से आप अपनी website को on page के लिए optimize कर सकते है हम आपको कुछ common factor बताने वाले है।




  • website design

  • website speed

  • Website Structure

  • Website Favicon

  • Mobile-friendly Website

  • Title Tag

  • Meta Description

  • Keyword Density

  • Image Alt Tag

  • URL Structure

  • Internal Links

  • Highlight Important Keyword

  • Use Heading Tag

  • Post-Good Length

  • Google Sitemap

  • Check Broken Links

  • SEO Friendly URL

  • Google Analytics

  • Social Media Button

  • HTML Page Size

  • Clear Page Cache

  • Website security HTTPS etc


Off Page Seo


अपनी website और Post को search engine में Rank करने के लिए उसके link को internet पर promote करना off Page SEO कहलाता है। जब आपकी post को internet पर promote और share किया जाता है तो इसे search engine को कुछ signal जाते है। जिसे search engine उस Post की Ranking increase कर देता है।


Off Page SEO करने के बहुत सारे तरीके है। जिनकी help से आप अपनी Post की Ranking increase करके अपनी website का Traffice बढ़ा सकते है। हम आपको कुछ off Page करने के तरीके बता रहे है।


1.Social Networking Site


♦ Facebook
♦ Facebook page
♦ Facebook group
♦ Twitter
♦ Google plus etc


2.Social Bookmarking Site
♦ Tumblr
♦ Pinterest
♦ Diggo
♦ Digg
♦ Linkedin
♦ Reddit
♦ Stumbleupon
♦ Delicious etc


3.Guest Posting


4.Forum Posting


5.Blog Commenting


6.Blog Directory Submission


7.Search Engine Submission


8.Classifieds Submission Site


9.Video Sharing site


10.Photo Sharing site


11.Question and Answering Site



Type of Seo Techniques


Seo Techniques भी दो प्रकार की होती है। जिन्हें आपके लिए समझना बहुत जरूरी है। अगर आप इन्हें नही समझते तो आप traffic increase करने की जगह अपनी website को नुकसान पहुंचा देते है।

♦White hat SEO
♦Black hat SEO



White hat SEO


जब आप अपनी website के लिए natural way से search engine optimisation और link building करते है तो उसे white hat SEO कहते है। india के Best Hindi Blog और Blogger इसी Technique का इस्तेमाल करते है यह आपकी website के लिए बहुत अच्छे होते है। इसे website की value बढ़ने के साथ traffic भी increase होती है।read more....



Black hat SEO


जब किसी website को google में rank करने के लिए search engine की guidelines follow नही की जाती उसे Black hat SEO कहते है। इसके इस्तेमाल से website पर बुरा प्रभाव पड़ता है।read more....


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SEO क्या है और SEO क्यों जरूरी है

Search Engine क्या है और Search Engine कैसे काम करता हैं?

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