शनिवार, 11 जनवरी 2020

CBSE बोर्ड और राज्य बोर्ड में क्या अंतर है



Difference between CBSE and State Board

जब स्कूल में बच्चों को आगे की पढाई के लिए एडमिशन करवाने की बात होती है तो पेरेंट्स काफी सोच विचार में पड़ जाते हैं। इसका एक कारण ये है कि नेशनल लेवल पर हमारे देश में 2 महत्वूर्ण बोर्ड्स हैं जिनमे सीबीएससी (माध्यमिक शिक्षा बोर्ड) और आईसीएसई (इंडियन सर्टिफिकेट ऑफ सैकेंडरी एजुकेशन) शामिल है। इनके अलावा अलग अलग स्टेट में अपने खुद के स्टेट बोर्ड्स भी शामिल हैं।

हमारे एजुकेशन सिस्टम में मुख्य रूप से तीन खंड हैं जिनमें प्राथमिक, माध्यमिक और उच्च माध्यमिक स्तर है। इनमें से प्रत्येक स्तर पर करियर बनाने के लिए अलग अलग भूमिकाएं होती है। आज हम आपको इन दोनों बोर्ड्स की भूमिकाओं के बारे में बताने जा रहे हैं जिन्हे जान कर आप ये फैसला ले सकते हैं कि बच्चों का एडमिशन किस बोर्ड में करवाना सही है।

CBSE बोर्ड क्या है | What is CBSE Board in Hindi


CBSE बोर्ड का पूरा नाम “सेंट्रल बोर्ड ऑफ़ सेकेंडरी एजुकेशन” है जिसे हिंदी में “केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड” के नाम से जाना जाता है. ये बोर्ड उन स्कूल के लिए होता है जो यूनियन गवर्नमंट ऑफ़ इंडिया के अंदर आते है.

सीबीएसई बोर्ड भारत के स्कूलों के लिए नीतियों और पाठ्यक्रम के अपने अनुसार निर्धारित करता है.

वैसे तो कोई भी सीबीएसई बोर्ड से पढ़ाई कर सकता है लेकिन ये उन माता पिता का सबसे अधिक पसंदीदा बोर्ड होता है जो केंद्र सरकार के लिए नौकरी करते हैं और समय समय पे उनका ट्रांसफर होता रहता है इस केस में सीबीएसई बोर्ड के बच्चों को अधिक समस्याएं नहीं आती क्यूंकि सभी स्थानों में इस बोर्ड की शिक्षा समान होती है.

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सीबीएसई बोर्ड में विज्ञान, गणित और अन्य विषयों को अधिक महत्व दिया जाता है. और ये हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषा का हो सकता है.

सभी स्कूलों को इसमें सीबीएसई बोर्ड के बनाये नियमो के अनुसार कार्य करना होता है. सीबीएसई बोर्ड में Continuous और Comprehensive Evaluation (CCE) का प्रयोग होता है अपनी ग्रेडिंग सिस्टम के लिए. सीबीएसई बोर्ड में वैज्ञानिक तरीकों को अधिक महत्व दिया गया है. ये अपने सिलेबस को समय समय पे बदलते रहते हैं.

सीबीएसई बोर्ड के माध्यम से आप इंग्लिश, हिंदी दोनों मीडियम में पढ़ सकते हैं।

सीबीएसई बोर्ड रेगुलर और पर्सनल सिलेबस देता है इसके अलावा दोनों प्रकार के कैंडिडेट्स के लिए एग्जाम कंडक्ट करवाता है।

सीबीएसई बोर्ड साइंस और मैथ्स जैसे सब्जेक्ट्स पर ज्यादा जोर देता है।सीबीएसई बोर्ड पूरी तरह से इंडियन गवर्मेंट से संबद्ध है और देश के सभी सेन्ट्रल स्कूल्स के लिए बनाया गया है।

सीबीएसई बोर्ड का एक फायदा ये भी है कि सिलेबस को पढ़ने के बाद जेईई मेन, नीट जैसी एग्जाम्स के लिए भी काफी मेहनत करनी होती है।

Difference between CBSE and State Board in hindi

राज्य (स्टेट) बोर्ड क्या है | What is State Board in Hindi


स्टेट बोर्ड या राज्य बोर्ड वो बोर्ड होता है जो राज्य सरकार के अंदर आता है और राजकीय स्तर पर स्कूलों में पाठ्यक्रम और नीतियों को निर्धारित करता है.

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हर राज्य का बोर्ड अलग अलग पाठ्यक्रम के अनुसार चलता है और सबके अपने अपने बनाये गए नियम हैं. सभी राज्य बोर्ड की शिक्षा अलग अलग नियमों पे कराई जाती है और ये उन लोगों के लिए अच्छी होती है जो समान राज्य में अपनी पूरी शिक्षा लेते हैं.

हर प्रदेश का अपना बोर्ड होता है। तथा यह दूसरे बोर्ड की अपेक्षा सरल माना जाता है। यह एक ऐसा पाठ्यक्रम होता है, जो सभी प्रकार के छात्रों के लिए उचित रहता है तथा आप इसकी परीक्षा में अच्छे Marks ला सकते है।

राज्य बोर्ड या स्टेट बोर्ड अपनी क्षेत्रीय भाषा, संस्कृति, राज्य स्तर के विषयों को सबसे पहले रखते हुए सिलेबस बनाता है. राज्य बोर्ड में जिस भाषा का प्रयोग कराया जाता है स्कूल में वो अंग्रेजी या उनकी क्षेत्रीय भाषा पे निर्भर करता है. राज्य बोर्ड से जुड़े अर्थात पंजीकृत स्कूल ही इन नियमो का पालन करते हैं.

स्कूलों में हर राज्य अपनी अपनी अलग ग्रेडिंग प्रणाली का प्रयोग करते हैं. राज्य बोर्ड बहुत कम पाठ्यक्रम और सिलेबस को बदलता है.

यदि कोई छात्र Sports भी Join करना चाहता है तो राज्य बोर्ड (State Board) लेने पर वह परीक्षा में अच्छे Marks ला सकता है। जो बच्चे कोचिंग क्लास पर भी ज्यादा फोकस करना चाहते है और परीक्षा में Marks भी अच्छे प्राप्त करना चाहते है उनके लिए यह बोर्ड सही रहता है।

CBSE बोर्ड और स्टेट बोर्ड में क्या अंतर है


Difference between CBSE Board and State Board in Hindi

-CBSE बोर्ड पुरे भारत में एक ही पाठ्यक्रम पे कार्य करता है जबकि स्टेट बोर्ड अपने अपने स्टेट सरकार और स्टेट के अनुसार बनाये गए पाठ्यक्रम पे कार्य करता है.

- सीबीएसई बोर्ड अपने पाठ्यक्रम और सिलेबस में बदलाव करते रहते हैं जबकि स्टेट बोर्ड बहुत कम ही अपने पाठ्यक्रम या सिलेबस में बदलाब करते हैं.

- सीबीएसई बोर्ड उन लोगों के लिए अधिक अच्छा होता है जिन के माता पिता का तबादला समय समय पे अलग अलग राज्यों में होता रहता है जिससे उनके सीबीएसई बोर्ड में होने से उनकी शिक्षा के तरीके में बदलाव नहीं मिलते और वो आसानी से पाठ्यक्रम समझ पाते है जबकि स्टेट बोर्ड में पढ़ने वाले बच्चे को यदि किसी दूसरे राज्य के स्कूल से पढ़ना पढ़ता है तो उसे काफी समस्याएं आएँगी क्यूंकि वो जल्दी दूसरे राज्य के पाठ्यक्रम को नहीं समझ पायेगा.

- CBSE बोर्ड के स्कूल अधिकतर अंग्रेजी पाठ्यक्रम पे होते है और कभी कभी हिंदी पे लेकिन राज्य बोर्ड अंग्रेजी और अपनी क्षेत्रीय भाषा पे पाठ्यक्रम बनाता है.

- राज्य बोर्ड से सीबीएसई बोर्ड अच्छा माना गया है.

- राज्य बोर्ड राज्य के लोगों के लिए ही ठीक होता है जबकि सीबीएसई बोर्ड पुरे देश के लिए ठीक होता है.


CBSE बोर्ड और ICSE में क्या अंतर है

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