मंगलवार, 24 सितंबर 2019

पिंपल मुंहासे से बचाव


मुंहासे क्या हैं?


जब हमारी त्वचा पर मौजूद तेल ग्रंथियां बैक्टीरिया से संक्रमित हो जाती हैं, तो मुंहासों का जन्म होता है। हथेलियों और तलवों को छोड़कर, ये तेल ग्रंथियां हमारे पूरे शरीर की त्वचा पर मौजूद होती हैं। त्वचा के रोम छिद्र अंदर से इन तेल ग्रंथियों वाली कोशिकाओं से जुड़े होते हैं। यही रोम छिद्र सीबम पैदा करते हैं, जो त्वचा की खूबसूरती और उसके भीतर तेल संतुलन को बनाए रखने में मदद करता है। जब हमारे शरीर में हार्मोनल बदलाव होता है, तो हमारी त्वचा की तेल ग्रंथियों में तेल संतुलन बिगड़ जाता है। इस संतुलन के बिगड़ने की वजह से ही हमारी त्वचा पर मुंहासे नज़र आने लगते हैं।

पिंपल/मुंहासों के प्रकार – Types of Pimples in Hindi


पिंपल छह प्रकार के होते हैं:


पेपुल्स (Papules) – ये गुलाबी रंग के ठोस दाने होते हैं, जिनकी वजह से कभी-कभी दर्द भी होता है।

फुंसी या दाना (Pustules) – ये छोटे दाने होते हैं, जिनके मुंह में मवाद भरा होता है।

नोड्यूल्स (Nodules) – ये त्वचा पर थोड़ी गहराई में पनपते हैं। इनका आकार बड़ा होता है और इनकी वजह से दर्द भी होता है।

पुटी (Cysts) – ये त्वचा पर ज़्यादा गहराई में पनपते हैं और इनकी वजह से दर्द भी हो सकता है। फुंसी की तरह ही इनमें भी मवाद भरा होता है। कई बार ये ठीक होने के बाद त्वचा पर दाग छोड़ देते हैं।

पिंपल/मुंहासे के लक्षण – Pimple Symptoms in Hindi


पिंपल निकलने का कोई खास लक्षण नहीं होता है। लेकिन, कभी-कभी जहां पिंपल निकलने वाला हो, वहां आपको दर्द महसूस हो सकता है। अगर लगातार कुछ दिनों से आपको पेट से जुड़ी परेशानियां हो रही हों या आप तनाव में हों, तो भी पिंपल हो सकते हैं। सच तो ये है कि पिंपल का होना या न होना, त्वचा और शरीर की बनावट पर निर्भर करता है। इसका कोई निर्धारित लक्षण नहीं होता है।

पिंपल/मुंहासे होने के कारण – What Causes Pimple in Hindi


1. अनुवांशिकता


पिंपल की समस्या अनुवांशिक हो सकती है। अगर आपके परिवार में किसी को बार-बार पिंपल होते हैं, तो आपको भी पिंपल की समस्या का सामना करना पड़ सकता है।

2. हार्मोनल बदलाव


बढ़ती उम्र के साथ शरीर में होने वाले हार्मोनल बदलावों की वजह से भी पिंपल होते हैं। खासकर महिलाओं को मासिक धर्म, गर्भावस्था और रजोनिवृत्ति के समय शरीर में होने वाले हार्मोनल बदलावों के कारण पिंपल हो सकते हैं।

3. दवाओं के कारण


कभी-कभी तनाव, मिर्गी या मानसिक बीमारी से जुड़ी कुछ दवाओं के सेवन से भी पिंपल निकल सकते हैं।

4. कॉस्मेटिक का ज़्यादा इस्तेमाल


कॉस्मेटिक यानी सौंदर्य प्रसाधनों का ज़रूरत से ज़्यादा इस्तेमाल करने से पिंपल निकल सकते हैं। कई बार महिलाएं पूरे दिन मेकअप में रहती हैं और रात को ठीक से मेकअप नहीं उतारती हैं। इस वजह से भी पिंपल हो सकते हैं। इसलिए, महिलाओं को हल्का मेकअप करने और नेचुरल ब्यूटी प्रोडक्ट का इस्तेमाल करने की सलाह दी जाती है।

5. खानपान से जुड़ी बुरी आदतें


न्यूयॉर्क यूनिवर्सिटी और द अकादमी ऑफ़ न्यूट्रिशन एंड डायटेटिक्स की ओर से प्रकाशित की गई एक रिपोर्ट में बताया गया है कि उच्च ग्लाइसेमिक भोजन, जैसे – बेकरी के खाद्य पदार्थ और हाई शुगर वाले ड्रिंक्स का सेवन करने से भी पिंपल होते हैं। (5) इसके अलावा डेयरी प्रोडक्ट, ऑयली चीज़ें और जंक फ़ूड के ज़्यादा सेवन से भी पिंपल हो सकते हैं।

6. तनाव


ज़्यादा समय तक तनाव में रहने से भी पिंपल की परेशानी हो सकती है। जब आप तनाव में होते हैं तो आपके शरीर के अंदर कुछ बदलाव होते हैं जिस कारण पिंपल हो सकता है। दरअसल, तनाव से न्यूरोपैट्राइड्स नामक रसायन निकलता है जिससे तनाव और भी बढ़ सकता है।

7. बदलता मौसम और प्रदूषण


ज़्यादा समय तक धूल-मिट्टी और प्रदूषित वातावरण में रहने से पिंपल होने का खतरा बढ़ जाता है। इसके अलावा, अगर आप एक शहर से दूसरे शहर तक ज़्यादा आना-जाना करते हैं, तो बदलते मौसम के कारण भी आपको पिंपल हो सकते हैं।

पिंपल/मुंहासे का इलाज – Pimple Treatments in Hindi


लेज़र उपचार –


उपचार की इस आधुनिक विधि में मुंहासे में मौजूद बैक्टीरिया को मारने के लिए स्पंदित लेज़र किरणों का इस्तेमाल किया जाता है। यह विधि मुंहासों को नियंत्रित करती है और भविष्य में मुंहासे होने की आशंका को कम करती है।

होम्योपैथिक उपचार –


उपचार की इस विधि में मुंहासे होने की मूल वजह को दूर करने पर ध्यान दिया जाता है। यह एक समग्र उपचार विधि है, जो मुंहासे के ब्रेकआउट से राहत पाने में आपकी मदद कर सकती है। मुंहासे के इलाज के लिए होम्योपैथी के डॉक्टर आमतौर पर सल्फ़र, काली ब्रोमैटम, आर्कटियमलाप्पा, बेलाडोना और नक्स वोमिका से बनी दवाओं के इस्तेमाल की सलाह देते हैं। हालांकि, आपको डॉक्टर की सलाह लिए बिना किसी भी तरह की दवा का सेवन नहीं करना चाहिए।

हर्बल उपचार –


इस उपचार विधि में आमतौर पर घर में या घर के आस-पास पाई जाने वाली चीज़ों, जैसे हल्दी, नीम, लहसुन, एलोवेरा आदि की सहायता से इलाज होता है।

ब्लू लाइट से उपचार –


यह मुंहासे के इलाज की सबसे नई विधि है। इसका इस्तेमाल लाल मुंहासों और सूजन वाले मुंहासों के इलाज के लिए किया जाता है। दरअसल, प्रोपेयोनिबैक्टीरियम एकनेस नाम के बैक्टीरिया को मुंहासों के लिए ज़िम्मेदार माना जाता है। हमारी त्वचा की तेल ग्रंथियों में रहने वाला यह बैक्टीरिया नीली रोशनी के संपर्क में आते ही नष्ट हो जाता है। इसके अलावा, नीली रोशनी की गर्मी से त्वचा की तेल ग्रंथियां सिकुड़ने लगती हैं, जिससे कम सीबम बनता है। मुहांसो के लिए यह एक अच्छा उपचार हो सकता है।

आयुर्वेदिक उपचार –


मुंहासे के उपचार की आयुर्वेदिक विधि और हर्बल विधि में आमतौर पर एक जैसी जड़ी-बूटियों का ही इस्तेमाल होता है। आयुर्वेदिक दवाओं को बनाने के लिए सूखी और ताज़ी जड़ी-बूटियों को एक निश्चित मात्रा में आपस में मिलाया जाता है। आयुर्वेद के वैद्य मुंहासों के इलाज के लिए आमतौर पर त्रिफला गुगुलु, चंदनासवा और सरीवद्यासवा जैसी आयुर्वेदिक दवाओं का सेवन करने की सलाह देते हैं।

How to Remove Pimples at Home in Hindi

पिंपल/मुंहासे हटाने के घरेलू उपाय –Pimple Home Remedies in Hindi


1. बर्फ़ – Ice


एक छोटे बर्फ़ के टुकड़े को एक साफ़ कपड़े में लपेट लें।
अपने पिंपल के ऊपर धीरे-धीरे उस बर्फ़ के टुकड़े को रगड़ें। लेकिन ध्यान रखें कि आप ज़्यादा देर तक बर्फ़ को पिंपल पर न रखें।
आप ऐसा दो से तीन मिनट तक करें।
पिंपल पर बर्फ़ रगड़ने से उसकी सूजन कम होती है और वो धीरे-धीरे ठीक होने लगता है। (6) (7) अगर पिंपल निकलने की शुरुआत होते ही ये नुस्खा आज़माया जाए, तो इससे ज़्यादा फ़ायदा होता है।

2. टूथपेस्ट – Toothpaste


आप रूई में थोड़ा सा टूथपेस्ट लेकर पिंपल पर लगाएं। ऐसा करने से आपके पिंपल का आकार घट सकता है। ध्यान रहे कि आप सफ़ेद टूथपेस्ट का ही इस्तेमाल करें, जेल टूथपेस्ट का नहीं।
ये नुस्खा आप रात में आज़माएं और सुबह उठकर चेहरा पानी से धो लें।

3. मुल्तानी मिट्टी – Fullers Earth


दो चम्मच मुल्तानी मिट्टी,एक चम्मच गुलाब जल,चार से पांच बूंद नींबू का रस को मिलाकर एक पेस्ट बना लें। आप चाहे तो इसमें थोड़ा पानी भी मिला सकते हैं।
हाथ से इस पेस्ट को पूरे चेहरे पर या सिर्फ़ पिंपल वाली जगह पर लगाएं।
इस पेस्ट को दस से पंद्रह मिनट तक लगाकर रखें फिर पानी से धो लें।
मुल्तानी मिट्टी ना सिर्फ़ त्वचा की गंदगी को बाहर निकालती है, बल्कि त्वचा से बेकार तेल को भी खींच लेती है। साथ ही यह मिट्टी रक्त प्रवाह को बढ़ाती है। यह मिट्टी खासतौर पर तैलीय त्वचा के लिए ज़्यादा फ़ायदेमंद होती है।
अगर आपकी त्वचा रूखी है, तो इस नुस्खे का इस्तेमाल थोड़ा ध्यान से करें। दरअसल, पेस्ट को ज़्यादा देर तक लगाकर रखने से आपकी त्वचा का रूखापन बढ़ सकता है।

4. एलोवेरा – Aloe vera


इसमें कुछ खास तैयारी की ज़रूरत नहीं पड़ती है। एलोवेरा को जब आप तोड़ेंगे, तो आपको उसके अंदर एक द्रव्य दिखेगा। आपको उसी द्रव्य या जेल का इस्तेमाल करना होता है।
एलोवेरा से निकले जेल को सीधे पिंपल वाली जगह पर लगाएं।
जेल को दस से पंद्रह मिनट तक पिंपल पर लगा रहने दें और फिर पानी से धो लें।
चेहरे और पीठ पर मौजूद मुंहासों के इलाज के लिए एलोवेरा जेल को मुंहासे वल्गैरिस उपचार में और पूरे चेहरे और पीठ में उपयोग में लाया जाता है। इसमें मौजूद एंटीबैक्टीरियल और एंटीइन्फ़्लैमेट्री गुण त्वचा में होनी वाली सूजन और जलन को कम करते हैं।

5. नींबू – Lemon


एक छोटी कटोरी में नींबू का रस निकाल लें और उस रस में रुई का छोटा-सा टुकड़ा डुबो लें।
सोने से पहले रुई से नींबू के रस को पिंपल वाली जगह पर लगाएं।
नींबू त्वचा की जलन और सूजन को कम करने में मदद करता है। नींबू में एंटीमाइक्रोबायल और एंटीसेप्टिक गुण पाए जाते हैं, जो पिंपल पैदा करने वाले बैक्टीरिया को मार देते है। नींबू का रस पिंपल के दाग़ मिटाने में भी कारगर साबित हो सकता है।
अगर आपकी त्वचा थोड़ी ज़्यादा संवेदनशील है, तो इस नुस्खे के इस्तेमाल में सावधानी बरतें। नींबू का रस आपकी त्वचा को रूखा बना सकता है और आपकी त्वचा में जलन भी हो सकती है।

6. लहसुन – Garlic


लहसुन की कलियों का पेस्ट बनाकर उसमें थोड़ा-सा पानी मिला लें।
इस पेस्ट को सीधे पिंपल के ऊपर लगाएं। इस्तेमाल से पहले लहसुन का रस पानी में पूरी तरह से घुलने दें। इसके बाद ही तैयार हुए पेस्ट को पिंपल पर लगाएं।
पेस्ट को पांच से दस मिनट तक लगा रहने दें और फिर पानी से धो लें।
लहसुन में एलिसिन के एंटीबैक्टीरियल गुण होते हैं, जो मुंहासों के लिए ज़िम्मेदार माने जाने वाले बैक्टीरिया से लड़ने में मदद करते हैं।

7. शहद – Honey


एक कटोरी में थोड़ी मात्रा में शहद लें।
अपनी उंगली से शहद को पिंपल पर लगाएं।
अब इसे 20 से 25 मिनट तक सूखने के लिए छोड़ दें। फिर पानी से पिंपल वाली जगह को धो लें।
शहद एक चमत्कारी मास्क है, जो मुंहासों को आसानी से हटाता है। यह एक प्राकृतिक एंटीबायोटिक है, जो पिंपल पैदा करने वाले बैक्टीरिया को मारता है। इसमें हाइड्रेटिंग गुण भी होते हैं, जिससे त्वचा स्वस्थ होती है।

8. हल्दी – Turmeric


हल्दी में पर्याप्त मात्रा में पानी मिलाकर इसका पेस्ट बना लें।
पेस्ट को उंगली से पिंपल पर अच्छी तरह लगाएं।पिंपल मुंहासे से बचाव
पेस्ट को सूखने के लिए 10 से 15 मिनट का समय दें और फिर उसे पानी से धो लें।
हल्दी एक एंटीसेप्टिक औषधि है। आमतौर पर त्वचा में संक्रमण होने पर हल्दी के लेप का इस्तेमाल किया जाता है। चूंकि हल्दी त्वचा पर मौजूद हानिकारक बैक्टीरिया को मारती है और त्वचा की कोशिकाओं को जल्द ठीक करती है। इसलिए यह पिंपल के उपचार में भी कारगर साबित हो सकती है।

9. गुलाब जल – Rose water


दो चम्मच ग़ुलाब जल में दो चम्मच चंदन पाउडर को मिलाकर गाढ़ा पेस्ट तैयार करें। पिंपल मुंहासे से बचाव
इस पेस्ट को उंगली से पिंपल वाली जगह पर लगाएं।
पेस्ट के अच्छी तरह सूखने तक इंतज़ार करें और फिर इसे पानी से धो लें।
गुलाब जल त्वचा के लिए बहुत अच्छा होता है। इसमें मौजूद एस्ट्रिंजेंट और स्किन टोनर के गुण मुंहासों के दाग़ मिटाने में मदद करते हैं और त्वचा को ज़रूरी नमी भी प्रदान करते हैं। यह एस्ट्रिंजेंट और स्किन टोनर का काम करता है।

10. नारियल तेल – Coconut oil


एक कटोरी में एक या दो चम्मच नारियल तेल डालकर उसे गुनगुना कर लें।
इसे हर कुछ घंटों में लगाते रहें।
नारियल तेल ठंडा होता है और यह त्वचा को नर्म रखता है। इसमें एंटीबैक्टीरियल गुण होते हैं, जिसके कारण इसे मॉस्चुराइज़र और लोशन में भी मिलाया जाता है। इसमें मौजूद एंटीऑक्सिडेंट त्वचा की कोशिकाओं को फ़िर से भरता है। इसलिए, नारियल तेल को हर तरह के पिंपल के इलाज में कारगर माना जाता है।पिंपल मुंहासे से बचाव

11. नीम – Neem


नीम के पत्तों को धूप में अच्छी तरह से सुखाकर पाउडर बना लें।
अब एक चम्मच नीम पाउडर में बराबर मात्रा में मुल्तानी मिट्टी मिला लें।
ज़रूरत के अनुसार इस मिश्रण में गुलाब जल मिलाकर पेस्ट तैयार करें।
तैयार हुए पेस्ट को उंगली से पिंपल पर लगाएं और इसे सूखने दें।
पेस्ट को 10 से 15 मिनट तक लगा रहने दें और सूखने के बाद उसे पानी से धो लें।
मुंहासों के उपचार के लिए घरेलू नुस्खे के तौर पर नीम का इस्तेमाल काफ़ी प्रचलित है। नीम एक प्राकृतिक एस्ट्रिजेंट है, जिसकी पत्तियों में एंटीफ़ंगल और एंटीबैक्टीरियल गुण पाए जाते हैं। इसके अलावा नीम की पत्तियां हमारे खून को साफ़ रखने में मदद करती हैं। इन्हीं खूबियों की वजह से नीम की पत्तियों को पिंपल के उपचार की कारगर औषधि माना जाता है।

12. ग्लिसरीन – Glycerine


बिना किसी तैयारी के ग्लिसरीन को त्वचा पर सीधे भी लगाया जा सकता है।
रुई की सहायता से पिंपल वाली जगह पर थोड़ा-सा ग्लिसरीन लगाएं।
आप दिन में दो से तीन बार पिंपल पर ग्लिसरीन लगा सकते हैं। कुछ घंटों के लिए पिंपल पर ग्लिसरीन लगा रहने दें और फिर पानी से धो लें।
यह एक ऐंटिमाइक्रोबायल एजेंट है जिससे त्वचा स्वस्थ होती है। ग्लिसरीन हमारी त्वचा को हाइड्रेट रखने में भी मदद करता है।

13. पपीता – Papaya


पपीता के कुछ टुकड़ों को अच्छी तरह से कुचलकर पेस्ट बना लें।
अपने चेहरे को अच्छी तरह से धो लें और फिर इस पेस्ट को पिंपल पर लगाएं।
10 से 15 मिनट तक इस पेस्ट को लगा रहने दें और फिर पानी से धो लें।
पिंपल के इलाज में पपीता को काफ़ी कारगर औषधि माना जाता है। यह त्वचा की मृत कोशिकाओं को हटाता है और त्वचा से अत्यधिक तेल को बाहर निकालता है। साथ ही पपीता पिंपल में पस को बनने से रोकता है और त्वचा को मुलायम बनाता है।

पिंपल/मुंहासे से बचाव के लिए क्या खाएं – Diet for Pimples in Hindi


क्या खाएं?


हरी पत्तेदार सब्ज़ियां, खीरा, शकरकंद, गाजर और शिमला मिर्च खाएं।
मौसमी फलों को अपने भोजन में शामिल करें।
दही का नियमित सेवन करें।
ग्रीन टी पिएं।
अखरोट, काजू और किशमिश का सेवन करें।

क्या ना खाएं?


ज़्यादा तेल वाली चीज़ें या जंक फ़ूड, जैसे- पिज़्ज़ा, बर्गर, नूडल्स आदि का ज़्यादा सेवन न करें।
ज़्यादा मीठा खाने से परहेज करें।
ऐसी चीज़ों से दूर रहें, जिनमें ग्लिसेमिक की मात्रा अधिक होती है, जैसे – सफ़ेद ब्रेड, सफ़ेद चावल, प्रोसेस्ड फ़ूड आदि।

पिंपल/मुंहासे से बचाव – पिंपल को कैसे रोकें? – Pimple Prevention Tips in Hindi


अपने चेहरे को हर रोज़ दो बार धोएं। इससे आपके चेहरे पर जमने वाली धूल-मिट्टी साफ़ हो जाती है और पिंपल होने का खतरा काफ़ी कम हो जाता है।
अपने मेकअप ब्रश को अच्छी तरह से धोने की आदत डालें। इससे ब्रश में बैक्टीरिया नहीं पनपते हैं।
हर रोज़ दस से बारह गिलास पानी पिएं ताकि आपके शरीर की अशुद्धियां बाहर निकलती रहें।
अगर कोई पिंपल निकले तो उसे दबाए नहीं। ऐसा करने से पिंपल अन्य जगहों पर फैल सकता है।
ज़्यादा नमक खाने से पिंपल हो सकता है इसलिए सीमित मात्रा में नमक का सेवन करें।
पौष्टिक और संतुलित आहार लेने की आदत डालें।
भाप लें, यह त्वचा के रोमछिद्रों को खोलने में मदद करता है और पिंपल और ब्लैकहेड को आसानी से हटाता है।
हर समय अपने चेहरे को न छुएं। ऐसा करने से हाथ में मौजूद बैक्टीरिया आपके चेहरे की त्वचा तक पहुंच सकता है और आपको पिंपल का शिकार बना सकता है।

 

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