रविवार, 21 जुलाई 2019

बालों के झड़ने के लक्षण और झड़ने से रोकने के घरेलू उपाय


झड़ते हैं बाल तो हो जाएं सावधान


झड़ते हैं बाल तो हो जाएं सावधान: त्वचा की तरह, बाल भी पूरे शरीर में मौजूद रहते हैं. शरीर के अलग-अलग हिस्सों में बालों की मोटाई व घनेपन में भी भिन्नता होती है. सभी मनुष्यों में सिर के बाल सबसे ज़्यादा मोटे और घने होते हैं तथा प्रमुखता से नजर आते हैं. बालों का झड़ना केवल आपकी सिर की त्वचा को ही नहीं, बल्कि पूरे शरीर को प्रभावित करता है. इसका कारण आनुवांशिक, हारमोनल परिवर्तन, चिकित्सा दशा या औषधियों का प्रभाव हो सकता है. किसी को भी बाल झड़ने की समस्या हो सकती है.


गंजेपन का मतलब है सिर से बालों का गायब होना. बालों के झड़ने का कोई उपचार लेने से पहले किसी एक्सपर्ट से बात करें तथा अपने बालों के झड़ने के कारण तथा उनके संभावित उपचार विकल्पों के बारे में जानकारी ले लें.



बालों के झड़ने के लक्षण


सिर में बालों का धीरे-धारे घटते जाना:


यह बालों के झड़ने का सबसे आम कारण है, जो पुरूषों तथा स्त्रियों दोनों को प्रभावित करता है. पुरूषों में यह अक्सर माथे के दोनों तरफ से एक रेखा में शुरू होता है, जो कि काफी हद तक अंग्रेजी के एम अक्षण जैसा होता है. स्त्रियों में आमतौर पर माथे की हेयरलाइन घनी रहती है लेकिन बालों के बीच का हिस्सा चौड़ा हो जाता है जो कि ‘‘क्रिसमस ट्री’’ से काफी मेल खाता है.



चकत्तों में बालों का झड़ना:


कुछ लोग अपने सिर पर सिक्के के आकार के गंजेपन के चकत्ते महसूस करते हैं जो कि आमतौर पर तब तक अनदेखे रह जाते हैं जब तक कि वे नाई के यहां जाते हैं. इस प्रकार का बालों का झड़ना भवों, बरौनियों, दाढ़ी, छाती, हाथ-परों तथा जननांगों के आसपास भी देखे जा सकते हैं. कुछ मामलें में प्रभावित त्वचा बालों के झड़ने से पहले चिपचिपी या दर्दनाक हो सकती है.



हल्के से छूने से गुच्छों में बालों का झड़ना:


किसी शारीरिक या भावनात्मक आघात से बाल ढीले पड़ सकते हैं. कंघी करने या बालों को धोने या हल्के से सहलाने पर भी मुठ्ठी भर बाल आपके हाथ में आ सकते हैं. इस प्रकार के बालों के झड़ने में आमतौर पर सिर पर बहुत बाल रह जाते हैं, हालांकि चकत्तों में गंजेपन की स्थिति नहीं पैदा होती है.



पूरे शरीर से बालों का झड़ना:


पूरे शरीर से बालों की प्राथमिकता क्षति को एलोपेशिया टोटानिस के रूप में जाना जाता है. कुछ चिकित्सीय उपचारों में, जैसे कि कैन्सर के लिए केमोथेरेपी से भी पूरे शरीर के बाल झड़ सकते हैं. बाद में आमतौर पर बाल फिर से उग आते हैं.



सिर पर रूसी या पपड़ी पड़ने या फंगल इंफेक्शन के कारण बालों का झड़ना:


टिनिया बारबेई जो कि सलून में किसी रैजर के इस्तेमाल के कारण पनप कर दाढ़ी या सिर की त्वचा को प्रभावित करता है, उन हिस्सों पर बालों की क्षति पैदा कर सकता है, क्रेडल कैप एक अन्य फंगल इंफेक्शन है जो शिशुओं को प्रभावित करता है और जिसके कारण उनके बाल ठीक से नहीं उग पाते हैं या टूट जाते हैं. कई बार प्रभावित हिस्सों से रिसाव भी होता है. सिर की त्वचा पर रूसी उत्पन्न होकर त्वचा में खुश्की या स्कैल्प सोरायसिस का कारण बन सकती है जब तक प्रभावित क्षेत्र में बालों की समस्या के कारण का उपचार नहीं किया जाता, बाल ठीक से नहीं उगेंगे तथा टूटते रहेंगे.
बालों के झड़ने के उपचार के लिए बालों के झड़ने के उपचार के लिए बालों के झड़ने के प्रकार तथा कारण का निदान बहुत महत्त्वपूर्ण है.


झड़ते हैं बाल तो हो जाएं सावधान

बाल झड़ने के कारण ये भी हे


1. तनाव


सबसे पहली और अहम वजह तनाव है। इससे कोई इनकार नहीं कर सकता कि इस समस्या की जड़ तनाव है। जो शख़्स तनाव की गिरफ्त में आया, उसे विभिन्न स्वास्थ्य समस्याएं शुरू हो जाती हैं। अब तक हुईं विभिन्न रिसर्च में भी यह बात स्पष्ट हुई है कि तनाव के चलते हमारे बाल कमजोर होकर टूटने लगते हैं।



2. आनुवंशिक


बालों के झड़ने एक प्रमुख कारण आनुवंशिक भी है, जिसे एंड्रोजेनेटिक एलोपेसिया कहा जाता है (1)। अमेरिका अकेडमी ऑफ डर्मेटोलॉजी का मानना है कि बाल झड़ने के पीछे सबसे बड़ा कारण यही होता है। अगर आपके परिजनों को यह समस्या रह चुकी है, तो संभवत: आपको भी इसका सामना करना पड़ सकता है।



3. हार्मोन में बदलाव


मेनपॉज होने, गर्भावस्था की स्थिति में या थायराइड होने पर शरीर में हार्मोन बदलने लगते हैं। इस कारण से भी बाल झड़ सकते हैं।



4. असंतुलित भोजन खाना


खानपान में सावधानी न बरतने से भी बाल कमज़ोर होकर गिरने लगते हैं। यह समस्या ज़्यादातर उन लोगों के साथ होती है, जो जंक फूड खाना पसंद करते हैं। जंक फूड में ऐसा कोई पौषक तत्व नहीं होता, जो हमारी सेहत व बालों के लिए अच्छा हो। इसके अलावा, यह समस्या उन्हें भी होती है, जो खानपान में संतुलन नहीं बनाकर रखते यानी नियमानुसार भोजन नहीं करते।



5. केमिकल युक्त उत्पादों का प्रयोग


आजकल सैलून में जाकर विभिन्न तरह के हेयर ट्रिटमेंट करावा फैशन का हिस्सा बन गया है। हम सोचते हैं कि अगर बालों की स्ट्रेटिंग या फिर कलर नहीं करवाया, तो हम सुंदर नहीं दिखेंगे, लेकिन हम यह भूल जाते हैं कि इन सब प्रकिया में केमिकल युक्त उत्पादों का प्रयोग किया है। ये उत्पाद किसी भी लिहाज़ में हमारे बालों के लिए सही नहीं हैं। इनके उपयोग से हम गंजे तक हो सकते हैं।



6. डैंड्रफ


इन दिनों हर कोई डैंड्रफ की समस्या से जूझ रहा है। अगर इसे गंभीरता से न लिया जाए, तो इसके कारण सिर पर जगह-जगह मोटी परत बननी शुरू हो जाती है। यह परत सफेद, सिल्वर या फिर लाल रंग की हो सकती है। इसे सोराइसिस यानी त्वचा संबंधी रोग कहा जाता है और इसी कारण बाल टूटकर गिरने लगते हैं ।



7. प्रोटीन की कमी


हमारे बाल प्रोटीन के कारण बनते, बढ़ते और मज़बूत होते हैं। बालों के लिए इस प्रोटीन को केराटिन कहा जाता है। अगर हमारे भोजन में प्रोटीन की कमी होती है, तो बाल कमज़ोर होने लगते हैं। परिणामस्वरूप बाल रूखे और बेजान होकर टूटने लगते हैं ।



8. एनीमिया


महिलाओं में खून की कमी होना आम बात है, जिस कारण महिलाओं को एनीमिया हो जाता है। यह भोजन में आयरन की कमी के कारण होता है। आयरन की कमी होने से शरीर में पर्याप्त मात्रा में लाल रक्त कोशिकाएं नहीं बन पाती हैं। ये लाल रक्त कोशिकाएं ही हैं, जो पूरे शरीर में ऑक्सीजन की सप्लाई कर ऊर्जा प्रदान करने में मदद करती हैं। ऑक्सीजन की कमी के कारण बालों को विकसित होने के लिए ज़रूरी पोषक तत्व नहीं मिल पाते और टूटकर गिरने लगते हैं ।


इनके अलावा, बुढ़ापा, थायराइड और विटामिन-बी6 व फोलिक एसिड की कमी से भी बालों के झड़ने की समस्या हो सकती है।


अब हम बात करते हैं बाल झड़ने के घरेलू उपायों के बारे में, जिनकी मदद से हमारे बाल काले, घने व लंबे हो जाएंगे।


झड़ते हैं बाल तो हो जाएं सावधान

झड़ते हैं बाल तो हो जाएं सावधान


अचानक गंजापन और बालों का झड़ना किसी बीमारी का कारण हो सकता है, इसलिए आपको तुरंत डॉंक्टरी सलाह लेनी चाहिए। आजकल महिलाओं में भी यह समस्या काफी दिख रही है। क्या है इसका कारण और उपाय, बता रहे हैं अजय शर्मा


गंजेपन को डॉंक्टरी भाषा में एलोपेसिया कहते हैं। यह बीमारी आज आम होती जा रही है। पुरुषों में गंजापन ज्यादा देखा जाता है, पर अब महिलाएं भी गंजेपन का शिकार हो रही हैं। बहुत हद तक जीवनशैली से जुड़ी इस बीमारी के कई प्रकार हैं, जिनके कारण भी अलग-अलग हैं। तेजी से बढ़ती इस बीमारी से लड़ने के लिए उपाय भी अनेक उपलब्ध हैं, जिनमें हेयर ट्रांसप्लांट से लेकर घरेलू उपचार तक शामिल हैं।



गंजेपन के प्रकार


एंड्रोजेनिक एलोपेसिया


यह सबसे ज्यादा होने वाला गंजापन है और महिलाओं से ज्यादा पुरुषों में होता है। इसीलिए इसे पुरुषों का गंजापन भी कहते हैं। इस गंजेपन के लिए टेस्टोस्टेरॉन हार्मोन संबंधी बदलाव और आनुवंशिकता जिम्मेदार है।



एलोपेसिया एरीटा


इसमें सिर के अलग-अलग हिस्सों से बाल गिरने लग जाते हैं, जिससे सिर पर गंजेपन का पैच-सा लगा दिखाई देता है। यह शरीर की इम्यून (रोग प्रतिरोधक) क्षमता के कमजोर होने के कारण होता है।



ट्रैक्शन एलोपेसिया


यह लंबे समय तक एक ही ढंग से बालों के खिंचे रहने के कारण होता है जैसे किसी खास तरह का हेयरस्टाइल या चोटी रखना।



महिलाओं में गंजेपन का कारण


पहले यह धारणा थी कि गंजापन सिर्फ पुरुषों में ही होता है और महिलाओं के सिर्फ बाल झड़ते हैं, लेकिन अब महिलाओं में भी गंजेपन की समस्या सामने आने लगी है। स्टडी के मुताबिक जब फोलीसाइल सिकुड़ने लगते हैं तो बाल झड़ने शुरू हो जाते हैं और वहां गंजापन आ जाता है। महिलाओं में यह समस्या सबसे ज्यादा देखने को मिलती है। कई बार इसी समस्या के चलते लम्बे और मोटे बाल, छोटे और पतले बालों में बदल जाते हैं। महिलाओं में एकदम से कभी भी गंजापन नहीं आता। पहले उनके बाल झड़ते हैं, पतले होते होते है और बाद में गंजापन आ जाता है।



महिलाओं में गंजेपन के कारण


आनुवंशिक गुण
उम्र बढ़ने के कारण
सर्जरी, कीमोथेरेपी या किसी दवा के प्रभाव के कारण
मेनोपॉज के कारण।



पुरुषों में गंजापन


पुरुषों में गंजेपन की शुरुआत कनपटी से होती है, जबकि महिलाओं में गंजेपन की शुरुआत बीच की मांग से होती है। दोनों में ही गंजेपन के कारण भिन्न-भिन्न होते हैं।



उपचार का तरीका


एलोपेसिया के उपचार का सबसे पहला चरण है लक्षणों के आधार पर इसकी पहचान। इस दौरान मरीज की मेडिकल हिस्ट्री का पूरा ब्यौरा लिया जाता है। गंजेपन का पैटर्न, सूजन या संक्रमण का परीक्षण, थायरॉइड और आयरन की कमी की पहचान के लिए ब्लड टैस्ट और हार्मोनल टैस्ट आदि की मदद से इसकी जांच हो सकती है। इसके उपचार के लिए इन दवाओं और विधियों का इस्तेमाल स्थिति की गंभीरता के आधार पर किया जाता है।



आयरन की पूर्ति


कुछ मामलों में बाल झड़ने की रोकथाम महज आयरन युक्त सप्लीमेंट से ही हो जाती है। विशेष रूप से महिलाओं में गंजेपन के
उपचार के लिए आयरन की गोलियां अधिक प्रभावी हैं।



प्लेटलेट रिच प्लाज्मा थेरेपी (पीआरपी)


इस थेरेपी के दौरान प्लेटलेट्स से उपचार किया जाता है, जिससे त्वचा को एलर्जी का रिस्क नहीं रहता और बाल उगने शुरू हो जाते हैं।



मेसोथेरेपी


इस थेरेपी के दौरान स्कल्प की त्वचा पर विटामिन और प्रोटीन को सुई की मदद से डाला जाता है। इससे हेयर फोलिकल्स को ठीक कर दोबारा बाल उगाने की कोशिश की जाती है।



लेजर लाइट


कम पावर की लेजर लाइट की मदद से बालों की जड़ों में ऊर्जा का संचार बढ़ाते हैं, जिससे बाल दोबारा उग सकें।



हेयर ट्रांसप्लांटेशन


इस विधि से बालों को एक स्कल्प से दूसरे स्कल्प में स्थानांतरित किया जाता है। इस दौरान एक व्यक्ति के सिर से दूसरे के सिर में बाल इस तरह लगाए जाते हैं कि जिस हिस्से से बाल निकाले गए हों वे दूसरे के सिर में उसी हिस्से पर लगाए जाएं। इसके साथ-साथ बाल झड़ने की रोकथाम से जुड़े अन्य उपचारों को भी किया जाता है। और कुछ ही महीने में आपके सिर पर बालों की स्थिति बेहतर हो जाती है और आपके चेहरे पर मुस्कान खिल उठती है।



फल भी हैं कारगर


पपीता हेयर पैक


विटामिन-ए से भरपूर पपीता बालों के प्राकृतिक तेल को रीस्टोर कर नमी को बनाए रखने का काम करता है। रूखे बालों के लिए यह रामबाण है। पके हुए पपीते को ऑलिव ऑयल के साथ मिक्स कर बालों में लगाने से बाल मुलायम बनते हैं। पपीते को मसल कर उसमें थोड़ा-सी दही और दो बूंद ग्लिसरीन डालें और इस पेस्ट को 30 मिनट के लिए बालों पर लगा कर छोड़ दें। इस पैक से आपके बालों में चमक आएगी और दो मुंहे बालों से भी छुटकारा मिलेगा।



बाल झड़ने से रोकने के घरेलू इलाज


महंगे कॉस्मेटिक्स पर पैसे बहाने की जरूरत नहीं है। आपकी रसोई में ही ऐसी चीजें उपलब्ध हैं, जो बाल झड़ने की रोकथाम में मददगार भी हैं। आप इन्हें आजमा कर बालों को घना और खूबसूरत बना सकते हैं।



आलू का रस


आलू को पीस कर इसका जूस निकाल लें और सिर पर लगा कर 15 मिनट के लिए छोड़ दें। इसके बाद हल्के शैपू से बाल साफ करें। इससे बालों का गिरना तो कम होगा ही, बालों की कंडीशनिंग भी हो जाएगी, क्योंकि वह नैचुरल कंडीशनर भी है।



मेहंदी की पत्ती


सरसों के तेल में मेहंदी की पत्तियों को उबाल लें। ठंडा हो जाने के बाद इसमें केश तेल, खासकर नारियल का तेल मिला कर नियमित इस्तेमाल करें।



प्याज का जूस


प्याज के रस में सल्फर अच्छी मात्रा में होता है, जो शरीर में कोलाजेन की मात्रा बढ़ाता है। इससे बाल घने होते हैं। प्याज का रस निकाल कर इसे बालों पर 15 मिनट तक लगाएं और फिर शैंपू से बाल साफ करें। आप हल्के गंजेपन के उपचार में प्याज के रस को एलो वेरा के साथ मिला कर इस्तेमाल कर सकते हैं। इसे नहाने से पहले 5 से 15 मिनट तक सिर पर लगा कर रखें।



हिना पैक


मेहंदी से न सिर्फ बालों की रंगत बरकरार रहती है, बल्कि यह बालों को मजबूत भी बनाती है। इसमें हल्का आंवला पाउडर मिला कर लगाने के 15 मिनट बाद धो लें। इससे बालों की कंडीशनिंग होगी और बाल मजबूत रहेंगे।



मेथी


बालों को झड़ने से रोकने में मेथी काफी कारगर है। मेथी के बीज में ऐसे हार्मोन पाए जाते हैं, जो बालों के विकास को बढ़ाने के साथ-साथ हेयर फॉलिकल्स को भी बनाता है। साथ ही इसमें प्रोटीन और निकोटिनिक एसिड पाया जाता है, जो बाल को बढ़ने के लिए प्रेरित करता है।



तेल मालिश


नारियल तेल, बादाम तेल, जैतून तेल, कैस्टर तेल और आंवला तेल काफी प्रभावी होता है। इनमें से एक या एक से अधिक तेल से हर दूसरे दिन सिर पर मालिश करें। मालिश करने से पहले तेल को थोड़ा गर्म कर लें, ताकि स्कल्प इसे अच्छे से सोख सके।



घरेलू उपचार


1. नारियल का दूध


सामग्री :एक कप नारियल का दूध
बनाने की विधि :हेयर डाय ब्रश की मदद से नारियल के दूध को अपने सिर पर लगाएं।
इसके बाद सिर को तौलिये से ढक दें और करीब 20 मिनट के लिए इसे छोड़ दें।
अब तौलिये को हटाकर बालों को ठंडे पानी से धो लें।
अंत में बालों को शैंपू से साफ कर लें।
कब करें इस्तेमाल :इस प्रक्रिया को आप हफ़्ते में एक बार कर सकते हैं।

इस तरह है फ़ायदेमंद :नारियल के दूध में प्रचुर मात्रा में विटामिन-ई और फैट होता है, जो बालों को माश्चराज़ कर उन्हें स्वस्थ बनाता है। साथ ही इस दूध में प्रोटीन, मिनरल्स व अन्य ज़रूरी तत्व होते हैं, जो बालों को बढ़ने में मदद करते हैं (5)। नारियल के दूध को सिर पर लगाने से बालों के झड़ने की समस्या कम हो सकती है। इसी प्रकार, नारियल के तेल में भी ये सभी पोषक तत्व मौजूद होते हैं, जो बालों को जड़ से मज़बूत करते हैं।

2. नीम


सामग्री :10-12 नीम की सूखी पत्तियां
पानी से भरा बर्तन
बनाने की विधि :नीम की पत्तियों को पानी में तब तक उबालें, जब तक कि पानी आधा न रह जाए।
इसके बाद पानी को ठंडा होने दें।
अब बालों को इस पानी से धो लें।
कब करें इस्तेमाल :जब भी आप शैंपू करें इस मिश्रण से बालों को ज़रूर धोएं। अगर यह संभव हो, तो हफ़्ते में एक बार कर सकते हैं।


ऐसे है लाभकारी :नीम में एंटी बैक्टीरियल गुण मौजूद है, जो डैंड्रफ से लड़ने में मदद करता है। इसके अलावा, यह सिर को साफ कर, बालों को उगने में मदद करता है (6)। नीम, रक्त प्रवाह को संतुलित रखता है, जिस कारण बालों की जड़ों को पर्याप्त पोषण मिलता है और बाल मज़बूत होते हैं। यह सिर से जुओं को खत्म करने में भी कारगर है ।


नोट : नीम मिश्रित पानी आंखों के लिए हानिकारक है। इसलिए, नीम के पानी से सिर धोते समय ध्यान रखें कि यह पानी आंखों में न जाए।



3. मेथी


सामग्री :दो चम्मच मेथी के बीज
चार चम्मच दही
एक अंडा
या फिर एक कप मेथी के बीज
बनाने की विधि :


प्रक्रिया नंबर-1 मेथी के बीज को रात भर के लिए पानी में भिगोकर रख दें
अगली सुबह, इन बीजों का पेस्ट बना लें।
अब इसमें थोड़ा पानी डालकर मिक्स कर लें।
बाद में इसमें दही और अंडे का सफ़ेद हिस्सा मिला लें।
अब इस पेस्ट को अपने बालों पर लगाएं।
करीब आधे घंटे बाद पानी से बालों को धो लें।
प्रक्रिया नंबर-2 मेथी के बीजों को पानी में डालकर रातभर के लिए छोड़ दें।
अगली सुबह, इन्हें पीसकर पेस्ट तैयार कर लें।
अब इस पेस्ट को बालों की जड़ों से लेकर ऊपरी छोर तक लगाएं और शॉवर कैप से सिर को ढक लें।
करीब 40 मिनट बाद ठंडे पानी से सिर को धो लें।
कब करें इस्तेमाल :बाल झड़ने के इस घरेलू उपाय का आप महीने में एक या दो बार प्रयोग कर सकते हैं।


इस तरह है फ़ायदेमंद :मेथी के बीज बालों को बढ़ने में मदद करते हैं और बालों के रोम छिद्रों का फिर से निर्माण करते हैं। इसके अलावा, ये बालों को मज़बूत व लंबा करते हैं और उनमें प्राकृतिक निखार लाते हैं ।



4. अंडा


सामग्री :


दो अंडे या फिर एक अंडा
एक चम्मच जैतून का तेल
बनाने की विधि :


प्रक्रिया नंबर-1 दोनों को तोड़कर एक कटोरे में डाल लें।
अंडे में से योक यानी पीले हिस्से को अलग कर दें।
अब अंडों को तब तक मिक्स करें, जब तक कि ये गाड़े न हो जाएं।
हेयर डाय ब्रश की मदद से इस पेस्ट को अपने सिर व बालों पर लगाएं।
सिर को शॉवर कैप से ढक लें।
करीब 20 मिनट बाद बालों को ठंडे पानी से धो लें और फिर शैंपू कर लें।
प्रक्रिया नंबर-2 अंडे के सफ़ेद हिस्से को जैतून के तेल में मिला लें।
पेस्ट बनने तक इसे अच्छे से मिक्स करें और सिर व बालों पर लगाएं।
करीब 15-20 मिनट बाद बालों को ठंडे पानी से धो लें और बाद में शैंपू कर लें।
कब करें इस्तेमाल :हफ़्ते में कम से कम दो बार इस्तेमाल करें।


ऐसे है लाभकारी :अंडे में प्रोटीन, विटामिन-बी, बायोटिन और ज़रूरी पोषक तत्व मौजूद होते हैं, जो बालों के लिए फ़ायदेमंद हैं (9)।



5. प्याज़ का रस


सामग्री :एक प्याज़
एक कॉटन बॉल
या फिर एक प्याज़
दो चम्मच शहद
थोड़ा-सा गुलाब जल
बनाने की विधि :


प्रक्रिया नंबर-1 प्याज़ को पीसकर उसका रस निकाल लें।
अब इसमें रूई को डुबाकर, रस को बालों की जड़ों से लेकर ऊपरी छोर तक लगाएं।
करीब आधे घंटे बाद बालों को ठंडे पानी से धो लें और बाद में शैंपू भी करें।
प्रक्रिया नंबर-2 प्याज़ को निचोड़कर उसका जूस निकाल लें।
इसमें दो चम्मच शहद को मिक्स कर दें।
प्याज़ की दुर्गंध को दूर करने के लिए, इसमें गुलाब जल मिला सकते हैं।
इस मिश्रण को अपने बालों में लगाएं और 40-50 मिनट बाद पानी से धो दें।
कब करें इस्तेमाल :


आप इस मिश्रण को हफ़्ते में एक बार अपने बालों पर लगा सकते हैं।


किस प्रकार है लाभकारी :प्याज़ में एंटी-बैक्टीरियल गुण पाया जाता है, जो सिर पर संक्रमण फैलाने वाले जीवाणुओं को खत्म करने में मदद करता है (10)। इसके अलावा, प्याज़ में उच्च मात्रा में सल्फर पाया जाता है, जो बालों के रोम छिद्रों में रक्त प्रवाह को बेहतर कर, बालों को बढ़ने में मदद करता है ।


नोट : प्याज़ के रस को बालों पर लगाते समय ध्यान रखें कि अगर यह रस आंखों में चला गया, तो आपको जलन महसूस हो सकती है। इसलिए, रस को बालों पर लगाते समय और बाद में सिर धोते समय सावधानी बरतें।


झड़ते हैं बाल तो हो जाएं सावधान

6. मुलेठी


सामग्री : एक चम्मच मुलेठी का पाउडर
एक कप दूध
एक चम्मच केसर
बनाने की विधि :मुलेठी पाउडर व केसर को दूध में डालकर मिक्स कर लें।
रात को सोने से पहले इस मिश्रण को सिर पर उस जगह लगाएं, जहां से बाल उड़ चुके हैं।
अगली सुबह, सिर को अच्छी तरह से धो लें।
कब करें इस्तेमाल :इसे हफ़्ते में दो बार सिर पर लगाएं।


इस तरह है लाभकारी :मुलेठी में ऐसे गुणकारी तत्व मौजूद हैं, जो सिर से खुजली व डैंड्रफ को पूरी तरह से साफ कर देते हैं। साथ ही बालों को बढ़ने में मदद करते हैं ।



7. ग्रीन टी


सामग्री :दो टी बैग्स (ग्रीन टी)
दो-तीन कप गर्म पानी
बनाने की विधि :दोनों टी बैग्स को गर्म पानी में डाल दें और पानी के ठंडा होने तक का इंतज़ार करें।
टी बैग्स को बाहर निकालकर, पानी से बालों को धो लें।
साथ ही सिर की मसाज करें।
कब करें इस्तेमाल :जब भी आप शैंपू करें, तो बाद में इसे कंडीशनर की तरह इस्तेमाल कर सकते हैं।


कैसे करेगा फ़ायदा :ग्रीन टी बालों के रोम छिद्रों को उत्तेजित कर, उन्हें बालों उगाने के लिए प्रेरित करती है। इसके अलावा, यह मेटाबॉलिज्म को भी बढ़ाती है, जिससे बालों को पोषित होने में मदद मिलती है ।



8. चुकंदर


सामग्री :चुकंदर के कुछ पत्ते
दो चम्मच मेहंदी
आधा कप चुकंदर का रस
बनाने की विधि :एक बर्तन में दो कप पानी डालकर गर्म करें और उसमें चुकंदर के पत्ते डाल दें।
पानी को तब तक उबालें, जब तक कि पानी आधा न रह जाए।
अब पत्तियों को निकालकर पीस लें और उनका पेस्ट बना लें।
पेस्ट में मेहंदी और चुकंदर का रस अच्छे से मिला लें।
अब बालों को हल्का-सा गीला करके, ब्रश की मदद से यह पेस्ट बालों पर लगाएं।
करीब 20-30 मिनट बाद बालों को धोकर शैंपू कर लें।
कब करें इस्तेमाल :आप इसे हफ़्ते में तीन-चार बार इस्तेमाल कर सकते हैं।


क्यों है फ़ायदेमंद :चुकंदर में पोटेशियम, प्रोटीन और विटामिन-बी व सी होता है। ये सभी गुण स्वास्थ बालों के लिए बेहतर ज़रूरी हैं ।


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9. हिबिस्कुस पाउडर


सामग्री :10 चाइनीज़ हिबिस्कुस फूल
2 कप शुद्ध नारियल तेल
बनाने की विधि :


प्रक्रिया नंबर-1चाइनीज़ हिबिस्कुस फूल को नारियल के तेल में मिलाकर गर्म कर लें।
जब फूल अच्छी तरह से जल जाएं, तो तेल को अलग कर लें।
इस तेल को हर रात सिर व बालों पर लगाए और अगली सुबह धो लें।
प्रक्रिया नंबर-2चाइनीज़ हिबिस्कुस फूल को अच्छी तरह से मसल दें और नारियल तेल में मिलाकर पेस्ट बना लें।
अब इस पेस्ट को सिर व बालों पर लगाए और कुछ घंटों बाद धो लें।
कब करें इस्तेमाल :आप इस घरेलू उपचार को बाल झड़ने की दवा के रूप में एक महीने तक हफ़्ते में दो या तीन बार इस्तेमाल करें।


कैसे है लाभकारी :चाइनीज़ हिबिस्कुस फूल में विटामिन-सी, फॉस्फोरस और राइबोफ्लेविन जैसे पोषक तत्व होते हैं, जो मुलायम व लंबे बालों के लिए जरूरी हैं। यह पुष्प जीवाश्मों को भी नष्ट करने में सक्षम है, जिससे बालों को बढ़ने में मदद मिलती है ।



10. आंवला


सामग्री :


4-5 आंवला
एक कप नारियल तेल
बनाने की विधि :आंवले को नारियल तेल में तब तक उबालें, जब तक कि तेल काला न हो जाए।
जब तेल ठंडा हो जाए, तो इससे सिर व बालों की मालिश करें।
इसके करीब 20-30 मिनट बाद शैंपू से सिर धो लें।
कब करें इस्तेमाल :इसे हफ़्ते में दो बार बालों पर लगाया जा सकता है।


कैसे करता है फ़ायदा :आंवले को विटामिन-सी का प्रमुख स्रोत माना गया है। विटामिन-सी से न सिर्फ बालों की अच्छी तरह से वृद्धि होती है, अपितु मज़बूती भी मिलती है । विटामिन-सी, कोलेजन का निर्माण करने में भी मदद करता है, जो बलों के विकास के लिए ज़रूरी है। इसके अलावा, यह आयरन को सोख लेता है, जिससे बाल स्वस्थ रहते हैं। इतना ही नहीं आंवला बालों को समय से पहले सफ़ेद होने से रोकता है । आंवले का नियमित रूप से प्रयोग करने पर बालों के रोम छिद्र मज़बूत हो जाते हैं।



11. हिना


सामग्री :एक कप हिना पाउडर
आधा कप दही
बनाने की विधि :दोनों सामग्रियों को एक बर्तन में डालकर मिला लें।
अब इस मिश्रण को अपने बालों पर लगाकर छोड़ दें।
जब बाल सूख जाएं, तो पानी से धोकर शैंपू कर लें।
कब करें इस्तेमाल :इसे आप महीने में एक बार अपने बालों पर लगा सकते हैं।


कैसे है लाभकारी :


यह पूरी तरह से प्राकृतिक हेयर कलर व कंडीशनर है। इसके उपयोग से बाल सुंदर, स्वस्थ व मज़बूत होते हैं। भारतीय इतिहास में इसका प्रयोग वर्षों से आयुर्वेदिक औषधी के तौर पर किया जा रहा है। अगर इसे अन्य उत्पादों के साथ मिलाकर उपयोग किया जाए, तो बालों के लिए इससे बेहतर कुछ नहीं हो सकता।



12. नारियल तेल


सामग्री :


एक-दो चम्मच नारियल का तेल
बनाने की विधि :


तेल को हल्का गर्म करके एक कटोरी में डाल लें।
अब इस तेल को सिर पर लगा, हल्के हाथों से सिर व बालों की जड़ों में मालिश करें।
मालिश के बाद या तो आप आधे घंटे बाद सिर धो लें या फिर इसे रात को लगाकर अगली सुबह शैंपू कर सकते हैं।
कब करें इस्तेमाल :


इससे हफ़्ते में एक या दो बालों की मालिश कर सकते हैं।


बालों के लिए है लाभकारी :


नारियल तेल में एंटीऑक्सीडेंट गुण पाए जाते हैं, जो बालों को मज़बूती प्रदान करते हैं और प्राकृतिक सुंदरता देते हैं ।



13. एलोवेरा


सामग्री :एलोवेरा के कुछ पत्ते
बनाने की विधि :एलोवेरा के पत्तों को गर्म पानी में डालकर उबाल लें और फिर उन्हें पीसकर पेस्ट तैयार कर लें।
अब बालों को धोकर, पेस्ट को बालों पर अच्छे से लगाएं।
इसके बाद, हल्के हाथों से सिर की मालिश करें।
करीब 15 मिनट बाद बालों को ठंडे पानी से धो लें।
कब करें इस्तेमाल :इसे हफ़्ते में तीन दिन लगा सकते हैं। बेहतर होगा कि इसे सुबह नहाते समय लगाएं।


कैसे होता है फ़ायदा :सिर व बालों में मौजूद पीएच लेवल को संतुलित करने में एलोवेरा अहम रोल निभाता है। यह बालों व सिर के अंदर जाकर काम करता है और बालों को टूटकर गिरने से रोकता है।



14. नींबू का रस


सामग्री :एक चम्मच दही
दो चम्मच नींबू का रस
बनाने की विधि :इन सामग्रियों को एक कटोरी में अच्छे से मिला लें।
बालों को धोने से पहले इसे सिर पर हल्के हाथों से लगाएं।
करीब आधे घंटे बाद शैंपू से सिर को धो लें।
कब करें इस्तेमाल :इसे मिश्रण को हफ़्ते में एक-दो बार लगा सकते हैं। इसे लगाने से बाल झड़ने बंद हो जाते हैं।


ऐसे है लाभकारी :नींबू में अल्फा-हाइड्रोक्सी एसिड पाया जाता है, जो मृत कोशिकाओं को हटाता है और डैंड्रफ को भी जड़ से खत्म कर देता है। नींब में पर्याप्त मात्रा में विटामिन-सी पाया जाता है, जिसे बालों की सेहत के लिए अच्छा माना जाता है । नींबू, सिर के रोम छिद्रों में कसाव लाता है, जिस कारण बाल झड़ना कम हो जाते हैं।


नोट : नींबू में एसिड होता है, जो आंखों के लिए अच्छा नहीं होता। इसलिए, जब भी नींबू से बना कोई भी मिश्रण सिर पर लगाएं, तो आंखें बंद कर लें। इसके अलावा, नींबू के रस से बने मिश्रण का लगातार इस्तेमाल न करें, क्योंकि इससे बाल ड्राई हो सकते हैं।



15. दही


सामग्री :


एक कटोरी दही
थोड़े से मेथी के दाने
बनाने की विधि :मेथी के दानों को मिक्सी में पीस लें।
अब इस पाउडर को दही में डालकर मिक्स कर लें।
इस मिश्रण को सिर व बालों पर लगाएं और हल्के हाथों से सिर की मालिश करें।
करीब 20 मिनट बाद गुनगुने पानी से बालों को धोकर, शैंपू कर लें।
कब करें इस्तेमाल :इसे हफ़्ते में एक या दो बार सिर पर लगाया जा सकता है।


इस तरह है फ़ायदेमंद :दही को सबसे अच्छा प्राकृतिक कंडीशनर माना जाता है। इसे लगाने से बाल न सिर्फ मुलायम हो जाते हैं, बल्कि उनमें प्राकृतिक निखार भी आ जाता है। इसके अलावा, दही में प्रोटीन पाया जाता है, जिससे बाल जड़ों से मज़बूत, लंबे व घने होते हैं। दही में विटामिन-डी और बी5 प्रचुर मात्रा में होता है, जो स्वस्थ बालों के लिए ज़रूरी हैं ।



16. आलू


सामग्री :एक आलू
एक चम्मच शह
एक चम्मच पानी
बनाने की विधि :आलू को धोने के बाद, उसका छिलका उतार लें।
इसे छोटे टुकड़ों में काट लें और मिक्सी में पीसकर गाढ़ा पेस्ट बना लें। पेस्ट बनाने के लिए थोड़ा-सा पानी भी डाल सकते हैं।
इसके बाद पेस्ट को मलमल के कपड़े में डालकर निचोड़ लें।
निचोड़ने से जो रस निकलेगा, उसमें शहद और पानी डालकर मिला लें।
अब इस मिश्रण को अपने सिर व बालों पर लगाएं।
करीब 30 मिनट बाद शैंपू से बाल धो लें।
कब करें इस्तेमाल :इसे हफ़्ते में एक बार बालों पर लगाएं।


इसलिए है लाभकारी :आलू में पोटेशियम, विटामिन-सी और आयरन पाया जाता है। बालों की देखभाल के लिए, ये सभी तत्व आवश्यक हैं। खासकर पोटिशियम की कमी होने पर बाल टूटकर गिरने लगते हैं (25)।



17. करी पत्ता


सामग्री :थोड़ी-सी हरी करी पत्तियां
एक कटोरी दही
बनाने की विधि :करी की ताज़ी हरी पत्तियों को पानी डालकर पीस लें।
अब इस पेस्ट में दही मिला दें।
इस मिश्रण को सिर व बालों पर लगाने के बाद मालिश करें।
करीब 25 मिनट बाद शैंपू से सिर धो लें।
कैसे करें इस्तेमाल :


इसे हफ़्ते में एक बार लगा सकते हैं।


इस तरह है फ़ायदेमंद :करी पत्ते में कई औषधीय गुण पाए जाते हैं। यह बालों के लिए टॉनिक का काम करता है। इसके अलावा, यह एंटी फंगल व एंटी इंफ्लेमेटरी के तौर पर भी काम करता है ।



18. धनिया का रस


सामग्री :एक कप कटी हुईं धनिये की पत्तियां
तीन-चार चम्मच पानी
बनाने की विधि :धनिये के पत्तों को पानी के साथ पीसकर पेस्ट बना लें।
इसके बाद पेस्ट में से रस निकाल कर, हेयर डाय ब्रश के जरिए सिर व बालों पर लगाएं।
करीब एक घंटे बाद शैंपू कर लें।
कब करें इस्तेमाल :आप हफ़्ते में दो-तीन बार सुबह नहाने से पहले इसे सिर पर लगा सकते हैं।


कैसे करता है फ़ायदा :धनिया बालों को मुलायम करता है और उन्हें टूटकर गिरने से रोकता है। साथ ही साथ, यह बालों को बढ़ने में भी मदद करता है।



19. शिकाकाई


सामग्री :


शिकाकाई
एलोवेरा
आंवला
नीम पाउडर
बनाने की विधि :इन सभी सामग्रियों को एक समान मात्रा में लेकर मिलाएं और पेस्ट बना लें।
अब मिश्रण को अपने सिर और बालों पर लगाएं।
थोड़ी देर बाद बालों को गुनगुने पानी से धो लें और शैंपू ज़रूर करें।
कब करें इस्तेमाल :इस घरेलू उपचार को बाल झड़ने की दवा के रूप में महीने में दो बार इस्तेमाल कर सकते हैं।


इसके फ़ायदे :शिकाकाई के प्रयोग से सिर में होने वाली खुजली व जलन से आराम मिलता है। इसके अलावा, यह बालों की जड़ों में जाकर पोषक तत्व प्रदान करता है और डैंड्रफ को खत्म करता है।



20. शहद, जैतून का तेल व दालचीनी


सामग्री :


शहद
जैतून का तेल
दालचीनी
बनाने की विधि :इन सभी सामग्रियों को एक बर्तन में डालकर मिक्स कर लें।
इस पैक को सिर व बालों पर लगाकर थोड़ी देर के लिए छोड़ दें।
फिर बालों को पानी से धोकर, शैंपू कर लें।
कब करें इस्तेमाल :इसे हफ़्ते में एक बार लगाया जा सकता है।


कैसे है लाभप्रद :यह हेयर पैक बालों को उचित मॉश्चराइज़र प्रदान करता है। साथ ही बालों को बढ़ने में मदद करता है।



बालों को झड़ने से रोकने के लिए क्या खाएं और क्या न खाएं


जिस तरह पौष्टिक आहार हमारे स्वास्थ्य के लिए अच्छा है, उसी प्रकार बालों को पोषित करने के लिए सतुंलित भोजन करना जरूरी है। यहां हम जानते हैं कि हमारे बाल न झड़ें, उसके लिए क्या खाना चाहिए और क्या नहीं।


झड़ते हैं बाल तो हो जाएं सावधान

भोजन में करें शामिल :


पालक
शकरकंद
अखरोट
गाजर
अंडा
बादाम
केला



इन्हें कहें न :


शक्कर युक्त पेय पदार्थ
अत्याधिक मीठा
शराब
जंक फूड
अधिक चाय व कॉफी


झड़ते हैं बाल तो हो जाएं सावधान

क्या करें :


खूब पानी पिएं : पानी जितना पिया जाए, उतना कम होता है। कहा जाता है कि दिन भर में आठ-दस गिलास पानी ज़रूर पीना चाहिए। इससे न सिर्फ हमारी पाचन क्रिया बेहतर होती है, बल्कि हमारे चेहरे पर भी हर समय ताज़गी रहती है। इसके अलावा, पानी पीने से सिर के बाल भी स्वस्थ रहते हैं।


व्यायाम : नियमित व्यायाम करने से शरीर में रक्त का संचार बढ़ जाता है और सिर तक ऑक्सीजन पर्याप्त मात्रा में पहुंच पाती है, जिससे बालों का झड़ना कम होता है। कहा भी जाता है कि अगर स्वस्थ रहना है, तो रोज 15 से 30 मिनट व्यायाम करना चाहिए ।


सिर को रखें साफ : गंदे सिर में संक्रमण होने की आशंका ज़्यादा होती है। इसलिए, निश्चित समयांतराल में सिर को अच्छे शैंपू से धोना चाहिए, ताकि डैंड्रफ जैसी समस्या न हो। इसके अलाव, समय-समय पर हेयर कट करवाना भी ज़रूरी है।


मसाज है ज़रूरी : हफ़्ते में एक बार तो हल्के गुनगुने तेल से सिर की मालिश करनी ही चाहिए। इससे बालों को निश्चित पोषण मिलता है। ध्यान रहे कि मसाज हल्के हाथों से बालों की जड़ों में की जाए। मसाज के एक घंटे बाद बालों को शैंपू से धो लेना चाहिए। इस बीच, बालों को शॉवर कैप से ढक कर रखें, ताकि धूल-मिट्टी बालों से न चिपक जाए।


जिस तरह हम अपने शरीर से प्यार करते हैं और उसकी देखभाल करते हैं, उसी तरह बालों को भी उचित रखरखाव की ज़रूरत है। अगर आप यहां बताए गए इन आसान घरेलू उपायों को अपनाते हैं, तो निश्चित मानिए कि आपके बालों को कुछ नहीं होगा। उम्मीद करते हैं कि आपको यह लेख पसंद आया होगा। आप अपने सुझाव नीचे दिए कमेंट बॉक्स में दे सकते हैं।


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