मंगलवार, 15 सितंबर 2020

 यहाँ आप जान सकते हे ऑनलाइन पैसे कैसे कमा सकते हे वो भी घर बैठे. बिना इन्वेस्टमेंट के. तो आपके दिमाग में ये सवाल आया होगा की सचमे online money earning kese krte he? इसके लिये कई तरह के रस्ते हे जिनका प्रयोग करके आप ऑनलाइन पैसे सकते हे. तो में इस टॉपिक को एक एक पॉइंट लेके कवर  करने वाला हु तो आप ये आर्टिकल पूरा पढ़िए और कमाइए लाखो रुपये।  





सबसे पहले हमें ये समझना जरुरी हे ऑनलाइन पैसे कमाने की जरुरत क्या हे. हम अपनी दुकान खोलके या फिर कहिपे नौकरी करके भी तो पैसे कमा सकते हे। तो इसे समझने के लिए निचे दिए पॉइंटर से पढ़िए 

  1. ऑनलइन क्षेत्र व्यापक हे 
  2. काम की कोई  कमी नहीं 
  3. अलग अलग तरह के काम उपलब्ध हे आपकी योग्यता और शिक्षा के अनुसार 
  4. कम इन्वेस्टमेंट 
  5. खुद मालिक 
  6. अपने समय से काम कर  सकते हे फूल टाइम या पार्ट टाइम 

तो इन सारी वजह के कारन आप ऑनलाइन पैसे कामना सोच सकते हे. तो अब आपके दिमाग में ये सवाल  होगा की ऑनलइन पैसे कमाने  तरीके कौनसे हे. 

  1. ब्लॉगिंग 
  2. यूट्यूब 
  3. फ्रीलांसर 
तो सबसे पहले समज़ते हे की 

ब्लॉगिंग से पैसे कैसे कमा सकते हे how to earn money from blogging 

ब्लॉगिंग एक प्लेटफार्म हे जहापे आप आपकी माइक्रो वेबसाइट बना सकते हे. ये बिलकुल मुफ्त हे. आपको बस चाहिए एक GMAIL ID . तो आपको लगता होगा की ये ब्लॉग बनाने के लिए प्रोगरामिंग ज्ञान होना आवश्यक हे? नहीं आपको प्रोगरामिंग आने की कोई आवश्यकता नहीं हे।  आपको सिर्फ इंटरनेट और कप्यूटर का ज्ञान होना आवश्यक हे. 

शुरवाती सेटअप के बाद आपको इस ब्लॉग पे लिखना होगा। अब आप सोचते होंगे की लिखे क्या ? तो आपको एक टॉपिक पकड़ के लिखना होगा जैसे की अगर आप कुकिंग में माहिर हो  तो आप कुकिंग का ब्लॉग बना सकते हे।  लेकिंग ब्लॉग लिखते समय आपको कहिसे कॉपी पेस्ट नहीं करना हे आपको आपका ज्ञान आपकी भाषा  में लिखना हे।  और अगर आप कहिसे कॉपी पेस्ट करते हे तो आपका ब्लॉग रैंकिंग नहीं कर पायेगा।  

अब आपने पोस्ट  लिखना चालू किया अब आप सोचते होंगे पैसे कब और कैसे मिलेंगे  इससे. आप आपके ब्लॉग की जगा एडवर्टाइजमेंट लगा के पैसे कमा सकते हे।  एडवर्टाइजमेंट लगाने के लिए आप Adsense में अप्लाई कर सकते हे।  इसके बदले गूगल Adsense  आपको पैसे क्लिक बेसिस पे  देगा जो  हर महीने आपके बैंक अकाउंट में जमा होंगे। लेकिन इसके लिए आपके वेबसाइट पे ट्रैफिक होना चाहिए। 


यूट्यूब से पैसे कैसे कमाए (how to earn money from youtube)

यूट्यूब से पैस कमाने के लिए आपके पास GMAIL अकॉउंट होना चाहिए फिर उसी GMAIL अकाउंट का इस्तेमाल करके आप यूट्यूब में आपका चॅनेल बना सकते हे. इस चॅनेल में आप कोई टॉपिक के ऊपर व्हिडिओ अपलोड कर के अपना चॅनेल ग्रो कर सकते हे. एक बार ग्रो होने पे आप मोनेटाइजेशन को अप्प्लाई करने आपके चॅनेल पे एडवर्टाइजमेंट लगा के पैसे कमा सकते हे. जिसका पेमेंट आपके बैंक अकाउंट में हर महीने होता हे।  

फ्रीलांसर  से पैसे कैसे कमाए ?

 इंटरनेट के विश्व में ऐसे बहोत वेबसाइट हे जो ऑनलाइन काम देते हे फ्रीलांसर क्लोगो को. तो समझते हे की फ्रीलांसर किसे कहा जाता हे. अगर किसी कंपनी या इंसान को  अपना काम करने के लिया कोई तकनीकी इंसान चाहिए जो उस एरिया में एक्सपर्ट हे जो ये आपका काम करदेगा तो वो फ्रीलांसर होता हे. फ्री लांसर कोई नौकरी नहीं हे. आप को सिर्फ इन फ्रीलांसर वेबसाइट पे रजिस्टर करना हे और अपने स्किल प्रोफ़ाइल में अपडेट करने हे।  फिर आपके स्किल के हिसाब से काम ढुंडके उस काम के हिसाब से कोट करना हे की आप ये काम करने के लिए कितने पैसे लेंगे।  फिर जो काम देने वाला हे वो उसे जो क्वोट अच्छा लौर किफायती लगेगा उसे वो काम देगा। 

इस प्रकार से आप ऑनलाइन पैसे कमा सकते हे. मुझे आशा हे आपको मेरा ये आर्टिकल पसंद आया होगा। अगर आपको कुछ सवाल हे तो आप कमेंट में पूछ सकते हे. में उन सवालो के जवाब देने की पूरी कोशिश करूँगा 
















शुक्रवार, 11 सितंबर 2020

बिज़नेस आईडिया कम खर्च में

                                           business idea in less investment


बिज़नेस आईडिया: क्या आप अपना कोई नया बिज़नेस शुरु करने का सोच रहे हैं? अगर हाँ तो आपको इसे एक आइडिया के साथ शुरु करना चाहिए। एक बार जब व्यवसायी यह सोच लें कि उन्हें कौन सा व्यवसाय करना है, तो इसके बाद यह बहुत जरूरी है कि उसके लिए उचित ढ़ग से व्यवसायिक योजना भी की जाए। एक सुव्यवस्थित प्रलेखित व्यवसाय योजना उस कंपनी का उचित मूल्यांकन करने में मदद करती है जिसे आप शुरु करने जा रहे हैं। कई लोग ऐसे होते हैं जो नौकरी नहीं करना चाहते हैं और अपना खुद का कोई बिज़नेस करना चाहते हैं उनके लिए ये समय बहुत अच्छा है. हालांकि, स्टार्टअप शुरू करना आसान नहीं है क्योंकि इसमें धन की आवश्यकता अधिक होती है. और एक आम आदमी के लिए इतना धन जुटा पाना आसान नहीं होता है. किन्तु आपको निराश होने की आवश्यकता नहीं है क्योंकि ऐसे कई सारे व्यवसाय हैं जो एक व्यक्ति द्वारा किये गए बचत के पैसों से ही शुरूआती कम खर्च में सबसे अच्छा व्यवसाय निवेश के साथ शुरू किये जा सकते हैं. बिज़नेस आईडिया कम खर्च में

बिज़नेस आईडिया (छोटा बिजनेस और ज्यादा प्रॉफिट )


छोटी किराने की दुकान


निम्न स्तर पर किराने की दुकान से व्यापार शुरु करना भी एक अच्छा सुझाव है। इस व्यापार की मांग कभी कम नहीं होती है, क्योंकि इसे अच्छे से चलाने पर एक बेहतर लाभ प्रति दिन कमाया जा सकता है. देश के किसी भी नागरिक को विभिन्न तरह के वस्तुओं की आवश्यकता होती है, जिसे इस स्टोर से प्राप्त किया जा सकता है. ध्यान रहे की आपका स्टोर एक ऐसे स्थान पर हो, जहाँ की जनसंख्या अधिक है, तो व्यापार को बढ़ाने में कम समय लगेगा. इसके लिए आप आवास सोसाइटी, भीड़ वाली सडकों, अस्पातालों, मंदिरों आदि के आस पास के स्थान का चयन कर सकते हैं.

कॉफ़ी शॉप व्यवसाय


कॉफ़ी शॉप व्यवसाय के माध्यम से कमाई करना पैसा कमाने का एक बहुत अच्छा अवसर साबित हो सकता है. क्योंकि लोगों को कॉफ़ी बहुत पसंद होती हैं इसलिए वे इसकी मांग भी ज्यादा करते हैं. यदि आप इस व्यवसाय को स्टार्ट करते हैं, तो आपको इसमें शुरुआत में केवल 20 हजार रूपये तक का बस निवेश करना होता है. उसके बाद यह व्यवसाय आपको फायदे की ओर ले जा सकता है.

ट्यूशन क्लास


ट्यूशन क्लास शिक्षा आज अतिआवश्यक है इसलिए शिक्षा से जुड़ा व्यापार कभी बंद नहीं हो सकता। आप चाहे ति ट्यूशन क्लास से भी अपना व्यापार शुरु कर सकते हैं। अगर आपने अच्छी खासी पढ़ाई की हुई है और आपको पढ़ाने का शौक है तो आप अपने होम से ही बच्चों को ट्यूशन (TUITION) देने का व्यवसाय स्टार्ट कर सकती हैं.
ट्यूशन पढ़ाने के कार्य को करने के लिए आपको अपनी रोजमर्रा जिंदगी से एक से दो घंटें का समय निकालना होगा.

मोबाइल की दुकान


मोबाइल आज की मुख्य आवश्यकताओं में से एक है, इसकी मांग सबसे अधिक है फिर वो चाहे शहर हो या गांव। मोबाइल की दुकान के लिए निवेश करना भी व्यापार का अच्छा विकल्प बन सकता है। इसी तरह से कम निवेश में मोबाइल टेम्पर्ड ग्लास बनाने का व्यवसाय एवं मोबाइल बैक कवर प्रिटिंग व्यवसाय भी शुरू कर पैसे कमाये जा सकते हैं.

आइसक्रीम पार्लर


आइसक्रीम पार्लर बिजनेस शुरु करने का एक एक अच्छा सुझाव बन सकता है, आप इस विकल्प के बारे में भी सोच सकते हैं। आइसक्रीम लोगों की पहली पसंद हो चुकी है। इसका लाभ कमाने का आइसक्रीम पार्लर एक बेहतर विकल्प है। इंडिपेंडेंट पार्लर खोलना सस्ता पड़ता है। कस्टमर्स को एक साथ कई ब्रांड की आइसक्रीम एक ही जगह मिल जाती है। इससे सेल्स बढ़ जाती है। बड़ी आइसक्रीम कंपनियों की फ्रेंचाइजी भी ले सकते हैं। इनमें क्वालिटी, डीलाल जैसी बड़ी आइसक्रीम कंपनियां भी शामिल हैं। ये कंपनियां आइसक्रीम बिक्री का 10-20 फीसदी तक कमीशन भी देती हैं।

ज़िरोक्स और बुक बाइंडिग


कई कॉलेजों और स्कूलों के आस-पास ज़िरोक्स और बुक बाइंडिग की सुविधा का अभाव होता है। ऐसे में अगर आप इन जगहों के आस-पास ज़िरोक्स और बुक बाइंडिग का काम शुरु करें तो यह आपके लिए बहुत मुनाफेदार साबित हो सकता है।

डिजिटल मार्केटिंग


सबसे अधिक मांग वाली सेवाओं में से एक डिजिटल मार्केटिंग है, जोकि विभिन्न व्यवसाय और रोजगार के अवसरों के लिए दरवाजे खोलती है. यदि आप ऑनलाइन मार्केटिंग और क्रिएटिव डिजाइनिंग में रुचि रखते हैं, तो यह वह क्षेत्र है जिसकी आपको तलाश है. इसके लिए आपको केवल काम करने के लिए एक लैपटॉप या कंप्यूटर और अपने ग्राहकों के साथ समन्वय करने के लिए इन्टरनेट कनेक्शन वाला स्मार्टफोन चाहिए होता है.

ब्लॉगिंग (Blogging)


ब्लॉगिंग व्यवसाय को भी घर से किया जा सकता है, लेकिन इस व्यवसाय को स्टार्ट करने के लिए आपको इस बात की समझ होनी चाहिए की कंटेंट किस तरह से लिखा जाता है और किसी तरह के विषय को पढ़ने में लोगों की रूचि होती है.

फ्रीलांसर


अगर आप प्रोग्रामिंग में अच्छे हैं तो कई बहुविकल्पी वेबसाइटें हैं जहां से आपको फ्रीलांस काम मिल सकता है और इससे आप अच्छा कमा भी सकते हैं।

कंप्यूटर ट्रेनर


अगर आप बेहतर कंप्यूटर ट्रेनिंग दे सकते हैं तो आपको इसे अपना बिजनेस बनाने में भी इंतजार नहीं करना चाहिए, यह व्यापार का एक उत्तर साधन बन सकता है। कंप्यूटर की जानकारी अब सभी को चाहिए. ऐसे में अगर आपके पास कंप्यूटर की अच्छी जानकारी हैं तो कंप्यूटर ट्रेनिंग इंस्टिट्यूट भी खोल सकते हैं. लोगों में कंप्यूटर शिक्षा का प्रचार करने के लिए आपको सरकार की और से अनुदान भी मिल सकता हैं. जिससे आप कम लागत में अपना इंस्टिट्यूट खोल सकते हैं.

डेटा एंट्री व्यवसाय


किसी भी डाक्यूमेंट्स को डिजिटल फॉर्म में कंवर्ट करने के लिए कुछ कंपनियां कर्मचारियों को हायर करती हैं. ये डेटा एंट्री का काम कहलाता है. आप इन कंपनियों के साथ जुड़कर ऑनलाइन डेटा एंट्री का व्यवसाय भी शुरू कर घर बैठे बिना कोई पैसे खर्च करे कमाई कर सकते हैं. इसके लिए बस आपको उन कंपनियों की वेबसाइट को सर्च करके उसमें खुद को रजिस्टर करना होगा.

यूट्यूब चैनल (Youtube channel)


आप चाहे तो कोई इंटरेस्टिंग यूट्यूब वीडियो चैनल स्टार्ट कर भी पैसे की कमाई कर सकते हैं. इसमें आपको बस ये ध्यान रखना होगा कि आपके वीडियोस काफी आकर्षक हो ताकि लोगों को ये पसंद आये, और उससे आपको अधिक लाभ प्राप्त हो सके. यह काम भी घर बैठे आसानी से किया जा सकता है. यूट्यूब चैनल को स्टार्ट करने के लिए आपको बस अपने एक अकाउंट यानी यूट्यूब चैनल बनाना होगा और उस चैनल पर वीडियो अपलोड करनी होंगे. लेकिन आप यूट्यूब चैनल तभी स्टार्ट कर सकती हैं जब आपको एडिटिंग और स्क्रिप्टिंग आती हो.

योगा सेंटर


आज के तनावपूर्ण जीवन में कई लोग योग के लिए जाना पसंद करते हैं, इसलिए योगा सेंटर भी व्यापार का एक अच्छा विकल्प बन सकता है। योगा से कमाई का सबसे पॉपुलर तरीका योगा टीचर बनना है. आपकी ट्रेनिंग जितनी अच्‍छी रहेगी आप उतने ही बेहतरीन योग टीचर साबित होंगे. दरअसल योगा टीचिंग ऐसा प्रोफेशन है, जहां आप शुरुआत में उतनी अर्निंग नहीं कर सकते हैं. हालांकि, अनुभव और फेम बढ़ने के साथ ही योगा टीचर की कमाई के मौके भी बढ़ जाते हैं. आप ट्रेनिंग सेंटर खोलकर आराम से 20-30 हजार रुपये महीना कमा सकते हैं. वहीं, अगर ट्रेनर किसी के घर पर जाकर सिखाता है तो वहां की फीस और ज्यादा होती है.

रियल एस्टेट सलाहकार


रियल एस्टेट का काम हमेशा चलते रहना वाला काम है, इसलिए रियल एस्टेट और क्रय-विक्रय, किराए आदि के बारे में सलाह देने के लिए आप एक कसंलटेंसी खोल सकते हैं जो कि एक बेहतर बिजनेस आइडिया है। बिज़नेस आईडिया कम खर्च में

टेलरिंग व्यवसाय


कपड़ों की सिलाई करने का व्यवसाय एक बहुत अच्छा व्यवसाय हो सकता है. जिससे 40 – 50 हजार रूपये प्रतिमाह कमाये जा सकते हैं. इसमें आपको केवल 20 से ज्यादा से ज्यादा 25 हजार रूपये तक का बस निवेश करना पड़ सकता है, ज्यातर इसमें मशीन खरीदने में लागत लगती है. लेकिन एक बार मशीन खरीद लेने के बाद आपको किसी भी प्रकार का निवेश नहीं करना पड़ता है. जी हां इस व्यवसाय से आपको एक बार निवेश करने के बाद बिना निवेश में हजारों रूपये प्राप्त हो जाते है.

इवेंट ओर्गानिज़िंग


आजकल लोग बड़े या छोटे कार्यक्रमों को आयोजित करने के लिए इवेंट ओर्गेनाइज़र का सहारा लेते है. यदि आप इस काम में माहिर हैं, तो कुछ निवेश कर खुद की एक इवेंट मैनेजमेंट कंपनी खोल सकते हैं. और विभिन्न इवेंट को ओर्गेनाइज करने के लिए ऑर्डर ले सकते हैं. इस व्यवसाय में लाभार्थी को काफी मुनाफा मिलता है. क्योंकि इसमें भी आपको कंपनी खोलने के लिए कुछ निवेश करना होगा. लेकिन फिर उसके बाद यह आपको काफी फायदा पहुंचा देता है. क्योंकि इससे आप 50 हजार रूपये तक की कमाई कर सकते है.

फोटोग्राफी


यदि आपको फोटोग्राफी का शौक है और आप प्रोफेशनली इस काम को करके पैसे कमाना चाहते हैं, तो आपको उच्च क्वालिटी का कैमरा लेने में कुछ निवेश करना होगा. इसके बाद आप फोटोग्राफी कर लोगों को अपने सैंपल दिखाइए और फिर खुद की एक कंपनी खोल लोगों से ऑर्डर लेकर इस व्यवसाय को शुरू कर सकते हैं. इस क्षेत्र में मुनाफा कमाने के कई साधन है. इसलिए आप इसे जरुर करें.

स्ट्रीट साइड बुक स्टाल


कुछ लोगों को किताबें पढ़ना बहुत पसंद होता है. फिर चाहे वह कोई चुटकुले वाली हो, या किसी विशेष लेखक द्वारा लिखी गई नॉवेल हो. इन सभी किताबों की विभिन्न कॉपी को आप थोक में खरीद कर रिटेल में बेच सकते हैं और मुनाफा कमा सकते हैं. इसमें आपको बुक खरीदने के लिए बस निवेश करना होता है.

चाय स्टॉल


हम एक ऐसे देश में रहते हैं जहां 90 से 95 प्रतिशत लोग चाय पीने के शौकीन होते हैं. इसके लिए वे बाहर टी – स्टाल में भी चाय पीने जाते हैं. अतः आप एक चाय का स्टाल शुरू कर लोगों के शौक को पूरा करते हैं, और इससे आपको काफी अच्छा खासा लाभ कमाने के अवसर खुले मिल जाते हैं. आजकल लोग चायपत्ति के बैग्स का काफी उपयोग कर रहे हैं. ऐसे में चायपत्ति के बैग बनाने का व्यवसाय शुरू करना भी काफी लाभकारी हो सकता है.

एक ध्यान रखे किसी भी चींज का स्टोर खोलनेसे पाहिले आपको उस व्यवसाय के बारेमे पूरी जानकारी लेनी चाहिए। या फिर आप आपने बिज़नेस सम्बंधित किसी दुकान पर २ से ६ महीने नौकरी करके देखना चाहिए की सब क्या होता हे कैसे होता हे. आप पूरी जानकारी लेकर व्यवसाय शुरू नहीं करेंगे तो आपको कम सफलता प्राप्त होगी। बिज़नेस आईडिया कम खर्च में
आपको यह बता दें कि जब आप कोई भी व्यवसाय शुरू करते हैं तो प्रारंभ में आपको थोड़ा जोखिम उठाना पड़ता है. लेकिन फिर बाद में इससे लाभ भी काफी मिलता है. इसलिए जब आप कोई व्यवसाय शुरू करें तो उसमें निवेश करने से डरे नहीं और लाभ प्राप्त करें.

सेफ इन्टरनेट बैंकिंग के आठ टिप्स  यहाँ पढ़िए 

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गुरुवार, 10 सितंबर 2020

सेफ इन्टरनेट बैंकिंग के आठ टिप्स

                                 
 

सेफ इन्टरनेट बैंकिंग


ऐसे कई रास्ते हैं जिनके जरिये धोखाधड़ी करने वाले आपकी व्यक्तिगत जानकारी और सिक्योरिटी डिटेल मांग लेते हैं. हम आपको बता रहे हैं कुछ आम ऑनलाइन बैंकिंग फ्रॉड के बारे में



ट्रोजन: यह एक इंटरनेट वायरस है जो आपके कंप्यूटर में इंटरेनट यूज करते वक़्त डाउनलोड हो जाता है. एक बार ट्रोजन इनस्टॉल हो जाने के बाद यह आपकी ऑनलाइन एक्टिविटी पर नज़र रखता है और क्रेडिट कार्ड नंबर या उसके पासवर्ड को चुरा लेता है.


फिशिंग ईमेल: यह किसी बड़ी संस्था के नाम पर भेजा गया फ्रॉड ईमेल होता है.  'फिशिंग ईमेल में एक मेलवेयर या स्पाई वेयर होता है जो क्लाइंट डीटेल, पासवर्ड और पिन जैसी जरूरी सूचना चुरा लेता है. यह आपके चैनेल के पॉइंट ऑफ़ कांटेक्ट पर भी आपको परेशान कर सकते हैं. चैनेल ऑफ़ कॉन्टेक्ट में एटीएम इन्टरनेट बैंकिंग साइट्स, मोबाइल बैंकिंग एप्प या किसी इ कॉमर्स साईट पर पेमेंट इंटरफेस हो सकता है.'


पैसे जीतने/एक्स्ट्रा इनकम ईमेल स्कैम: यह उन लोगों को टारगेट करने के लिए भेजा जाता है जो जॉब की तलाश में हों, ऑनलाइन कमाई के रास्ते ढूंढ रहे हों या इन्टरनेट के प्रयोग के प्रति जागरूक नहीं हों. इस तरह के मेल में किसी बड़ी कंपनी की वेबसाइट का यूज कर लोगों को आसानी से बड़ी रकम कमाने का ऑफर दिया जाता है. इसमें होम जॉब या छोटे से काम के बदले बड़ी रकम ऑफर की जाती है, जिसमें लोग आसानी से फंस जाएं. इस तरह की धोखाधड़ी करने वाले आपसे एक रकम निवेश करने के लिए कहते हैं, जिससे कि वे इसके बाद आपको बड़ा अमाउंट ट्रांसफर कर सकें. वे आपसे आपके बैंक डिटेल भी मांगते हैं और कहते हैं कि वे इसमें पैसे जमा करा देंगे.इसके बाद पैसे को ट्रांसफर करने की फीस के रूप में वे आपसे एक रकम मांगते हैं और इसे ऑनलाइन ट्रांसफर करने के लिए कहते हैं जिससे आप आपराधिक चंगुल में फंस सकते हैं.



इन्टरनेट बैंकिंग के आठ टिप्स


यहाँ हम आपको बता रहे हे की सेफ इन्टरनेट बैंकिंग के आठ टिप्स, जिनकी मदद से आप अपने इंटरनेट बैंकिंग को सेफ बना सकते है

1.हमेशा असली एंटी वायरस सॉफ्वेयर यूज करें


कम्प्यूटर को फिशिंग, मेलवेयर या दूसरे खतरे से बचाने के लिए हमेशा असली एंटी वायरस सॉफ्वेयर यूज करें. एंटी वायरस उन स्पाई वेयर को पहचानने और दूर करने में मदद करता है जो आपकी गोपनीय सूचना में सेंध लगा सकते हैं.



2. पब्लिक वाई-फाई


 पब्लिक वाई-फाई के इस्तेमाल से बचें या वीपीएन सॉफ्टवेयर का प्रयोग करें. ओपन वाई-फाई नेटवर्क का सबसे बड़ा खतरा यह है कि हैकर एंड यूजर और हॉट स्पॉट के बीच बैठकर आपके सभी डेटा पर बिना किसी परेशानी के नज़र रख सकता है. अनसिक्योर्ड कनेक्शन को हैकर एक मौके की तरह देखता है, जहां वह आसानी से आपके सिस्टम में मेलवेयर पहुंचा सकता है. इसलिए पब्लिक वाई-फाई का इस्तेमाल कर इंटरनेट या मोबाइल बैंकिंग करने या ई-कॉमर्स साईट पर पेमेंट करने से बचें. अगर आप नियमित रूप से इस तरह का नेटवर्क यूज करते हैं तो एक अपने कम्प्यूटर या मोबाइल में वीपीएन सॉफ्टवेयर सेट करें. इससे कम्प्यूटर और इंटरनेट कनेक्शन के बीच एक सिक्योरिटी स्थापित करने में मदद मिलेगी. इससे हैकर आपके डेटा को आसानी से हैक नहीं कर पायेगा.



3. अपने स्मार्टफोन के ऑपरेटिंग सिस्टम को अपडेट करें.


स्मार्टफोन यूजर को हमेशा यह ध्यान रखना चाहिये कि उसका फ़ोन लेटेस्ट सिक्योरिटी पैच और ऑपरेटिंग सिस्टम से लैस है. आपको अपने फोन से किसी भी सिक्योरिटी कंट्रोल हटाना नहीं चाहिए. इसे जेल ब्रेकिंग या रूटिंग कहते हैं. एप डाउनलोड करते समय हमेशा लिमिटेड एक्सेस दें और जो बहुत जरूरी हों, सिर्फ उन्हीं एप को डाउनलोड करें.


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4. नियमित रूप से पासवर्ड बदलें और ध्यान रखें कि यह मुश्किल हो.


यह सुनने में ख़राब लग सकता है, लेकिन आपके एकाउंट को सेफ रखने के लिए जरूरी है. इससे आपको एकाउंट को गोपनीय रखने में भी मदद मिलती है. अपने डीटेल्स किसी से भी शेयर न करें. आपका बैंक कभी भी आपसे आपकी बैंकिंग डीटेल्स नहीं पूछता, खास तौर पर ईमेल या फोन से. अगर आपने अपना बैंकिंग पासवर्ड किसी नोटपैड या डायरी पर लिखा हुआ है तो इसे ध्यान से रखें. हमेशा कॉम्प्लिकेटेड पासवर्ड रखें. इंटरनेट बैंकिंग के अलग-अलग चरण के लिए अलग लॉग इन और ट्रांजेक्शन पासवर्ड रखें.



5. मोबाईल नोटिफिकेशन की सुविधा लें


अगर आपने बैंक ट्रांजेक्शन के लिए मोबाईल नोटिफिकेशन की सुविधा नहीं ली है तो तुरंत ले लें. इससे आपको अपने अकाउंट पर नज़र रखने में मदद मिलेगी. सिर्फ ट्रांजेक्शन ही नहीं बैंक आपको लॉग इन में फेल होने के बारे में भी सूचना देते हैं, जिससे किसी संदेह वाली स्थिति में आप अपना पासवर्ड बदल पाएंगे.



6. मेलर्स के जरिये नेट बैंकिंग अकाउंट में लॉग इन न करें.


नेट बैंकिंग के लिए हमेशा बैंक की वेबसाइट पर जाकर ही लॉग इन करें. किसी थर्ड पार्टी वेबसाइट या प्रोमोशनल मेल से नेट बैंकिंग पर जाना खतरनाक हो सकता है. हम पहले भी बता चुके हैं कि बैंक आपसे कभी भी लॉग इन या ट्रांजेक्शन पासवर्ड या पिन नंबर नहीं मांगते. इसलिए अगर आप किसी प्रोमोशनल मेल के जरिये नेट बैंकिंग के लिए बैंक की फ्रॉड वेबसाइट पर पहुंचते हैं, तो आपकी सारी जरूरी सूचना यहां से चुराई जा सकती है. अगर आपको किसी बैंक के ईमेल से भी लॉग इन डीटेल मांगी जाती हैं, तो इसका भी जवाब न दें, यह फ्रॉड हो सकता है.



यह कैसे पता लगता है कि वेब पेज सिक्योर है?


जब आप किसी वेबसाइट पर जाते हैं तो उसका एड्रेस http से शुरू होता है. अगर यही वेबसाइट सिक्योर कनेक्शन के साथ है तो यह Https से शुरू होता है. इसका मतलब यह है कि आपके ब्राऊजर और वेबसाइट के बीच की सारी गतिविधि सुरक्षित है और यह बैंक की ऑथेंटिक वेबसाइट है. इसके अलावा Https के पहले लॉक का साइन सिक्योर कनेक्शन की पहचान है.



7. नेट बैंकिंग के लिए सायबर कैफे या पब्लिक कम्प्यूटर का यूज न करें.


अगर आप कोई ऐसा कंप्यूटर यूज कर रहे हैं जिसपर आपके बाद कोई और भी बैठता है तो वहां से नेट बैंकिंग न करें. यहां से आपकी बैंकिंग डीटेल चोरी होने का खतरा ज्यादा होता है. अगर ऐसा जरूरी ही हो तो यह सुनिश्चित करें कि ब्राउज़िंग हिस्ट्री और कैशे डिलीट हो जाये. इसके साथ ही कंप्यूटर से सभी टेम्पररी फाइल डिलीट करें. ब्राऊजर पर कभी भी अपनी लॉग इन आईडी और पासवर्ड सेव करने के ऑप्शन पर क्लिक न करें.



8. अपने एकाउंट को रेगुलर चेक करें.


अधिकतर बैंक अपनी वेबसाइट पर लास्ट लॉगइन की डेट बताते हैं. अगर आप कोई ऐसी एक्टिविटी देखें जो आपने नहीं की है तो बैंक को इस बारे में तुरंत सूचित करें. अपना पासवर्ड भी बदल लें. मोबाइल बैंकिंग और एटीएम यूज करते वक़्त ध्यान रखें


Mutual Fund क्या है


रविवार, 6 सितंबर 2020

                                    Tadoba Andhari Tiger Reserve Information in Hindi


अगर आप को घूमने फिरने की आदत हे और आप हर बार नयी जगह को EXPLORE  करना चाहते हे तो आज हम आपके लिए एक ऐसे  Tourist Place की जानकारी लाये हे की जिसको पढ़के आप वहा जाने का प्लान करेंगेहि। ज्यादा समय न लेते हुए हम बताते हे की वो टूरिस्ट डेस्टिनेशन हे

Maharashtra state in India के Chandrapur district में। नागपुर शहर से लगभग 150 किमी दूर है। उसका नाम हे Tadoba Andhari Tiger Reserve.

Tadoba Andhari Tiger Reserve in Hindi


ताडोबा अंधेरी टाइगर रिज़र्व के बारेमे कथा कही जाती हे की तारू एक ग्राम प्रधान था जो एक  Tiger  के साथ पौराणिक मुठभेड़ में मारा गया था। ज़िल के नजदीक एक तारु का मंदिर हे।  सन 1955, 116.54 वर्ग किलोमीटर (45.00 वर्ग मील) इस वन क्षेत्र को National Park घोषित किया गया था।

क्या देख सकते हे आप ताडोबा नॅशनल पार्क में ? Safari zones in Tadoba National Park


ताडोबा नॅशनल पार्क एक टाइगर रिजर्व हे यहाँ जाने पर संबसे प्रमुख आकर्षण रहता हे जंगल में बाघ देखने का वो भी बिना पिंजरे  मुक्त संचार करते हुए।  हे ना एकदम रोमांचक।  यहाँ का सबसे प्रमुख आकर्षण हे Tiger . 2010 बाघों की गणना की गयी थी उस अनुसार यहाँ ४३ बाघ हे।

ताडोबा नेशनल पार्क में मुख्य आकर्षण जंगल सफारी हैं। Open Top Jeep और Trained Guide वाली Bus Tourist के लिए उपलब्ध हैं .

Moharli (Mohurli) Zone :-


यह क्षेत्र सबसे अच्छे Tiger Spotting के लिए जाना जाता है और पर्यटकों को अच्छी रहने की सुविधा प्रदान करने के लिए भी लोकप्रिय है।



Tadoba Zone:


यह क्षेत्र  पर्यटकों को विविध वन्य जीवन और दर्शनीय स्थानों की पेशकश के लिए लोकप्रिय है

Kolsa Zone:-


यह क्षेत्र Natural Beauty and Scenery के लिए बहुत पसंद किया जाता है क्योंकि इस क्षेत्र में Wild Animals को देखने की संभावनाएं अपेक्षाकृत कम हैं ताडोबा रिज़र्व चिमूर पहाड़ियों को कवर करता है, और अंधारी अभयारण्य मोहरली और कोलसा पर्वतमाला को कवर करता है। 



South:-


जंगल के इस दक्षिण भाग में ताडोबा ज़िल हे याना जानवरो को देखे जाने की सबसे ज्यादा संभावना होती हे क्यों की जानवर यहाँ अपनी प्यास बुझाने आते हे |

 

कैसे जा सकते हे ताडोबा अंधेरी टाइगर रिज़र्व (How to go Tadoba Andhari National)


जाने का सबसे बेहतरीन तरीका हे AEROPLANE. Nearest Airport हे Airport is Dr. Babasaheb Ambedkar International Airport, Nagpur जो ताडोबा अंधेरी टाइगर रिज़र्व से १४० किलोमीटर दूर हे। इसके अलावा आप Railway Train से भी जा सकते हे .

ताडोबा अंधेरी टाइगर रिज़र्व मैप Tadoba Andhari Tiger Reserve Map -




 

Tadoba Andhari National Park ताडोबा अंधेरी टाइगर रिज़र्व  fees ticket Price कितना देना पड़ता हे


Tadoba national park fees ticket

ताडोबा अंधेरी टाइगर रिज़र्व  Online Booking Official website से कैसे करे

निचे दी गयी ओफिसिअल वेबसाइट पे जेक आप ऑनलाइन बुकिंग कर सकते हे

Tadoba Tiger Reserve official website

 

ताडोबा अंधेरी टाइगर रिज़र्व में Hotel , Resort, Pacakge कैसे बुक करे 


ये सच की आप ताडोबा नेशनल पार्क में जा के रह सकते हे। यहाँ रहने लायक कई अच्छे HOTEL , RESORT , Package हे। Including MTDC resort.



























1Beyond Stay Mahua Tola Tadoba
Village - Adegaon Tehsil - Chimur TATR, Maharashtra 442904•086469 07777
2WelcomHeritage Tadoba Vanya Villas Resort & Spa
Khasra No 41, Chaiti Tukum Kolara Gate, Maharashtra 442903•011 4603 5500
3Tadoba Tiger Valley Resort
Moharli Gate, Moharli, Maharashtra 442404•098222 38151
4MTDC Tadoba
MTDC Rd, Moharli, Maharashtra 442401
5Tadoba Homestay Cottage
Main Rd, Moharli, Maharashtra 442404
6Tadoba Tiger King Resort
Tadoba Tiger King Resort Kolara Gate, Tadoba National Park, Chandrapur, Maharashtra 442903•083904 51154

 

 

 


शुक्रवार, 26 जून 2020



Ashok Leyland Q4 Result

 

Askok Leyland Q4 Result 2020

Askok Leyland headquarter चेन्नई में स्थित है . सन् 1948 में इसकी स्थापना रघुनंदन सरन द्वारा की गई वह पंजाब के एक भारतीय स्वतंत्रता सेनानी थे।|आजादी के बाद, उन्हें भारत के पहले प्रधान मंत्री नेहरू ने एक आधुनिक औद्योगिक उद्यम में निवेश करने के लिए मनाया |रघुनंदन सरन ने पहले commercial vehicle की असेंबली के लिए इंग्लैंड के Leyland के साथ बातचीत की थी |World में बसों का चौथा सबसे बड़ा Manufacturer और Globaly स्तर पर Truck  का 10 वां सबसे बड़ा Manufacturer है। 

इसने वित्त वर्ष 2016 में लगभग 140,000 Vehicles (M & HCV + LCV) बेचे। Tourister Bus के विकल्प के साथ 10 seater bus  से लेकर 74 seater bus (M & HCV = LCV) तक, अशोक लीलैंड बस सेगमेंट में एक मार्केट Leader है।1980 के दशक की शुरुआत में Askok Leyland ने जापानी कंपनी Hino Motors के साथ सहयोग किया, जिसमें से H- Searies engine के लिए तकनीक का इस्तेमाल किया गया था। 

Askok Leyland Q4 Result 2020

Hinduja Groups फ्लैगशिप की भारत की सबसे बड़ी प्रमुख Commercial vehicle manufacturer Ashok Leyland Q4 Result 2020 ने इस Quarter4 के लिए 57 करोड़ रुपये का स्टैंडअलोन loss बताया। एक साल पहले 8,846 करोड़ रुपये से 57% घटकर 3,838 करोड़ रुपये रहा | ब्याज, कर, मूल्यह्रास और परिशोधन (EBITDA) से पहले की Income 81% घटकर 183 करोड़ रुपये हो गई।

कंपनी ने तिमाही में निवेश और कुछ उत्पादों के बंद होने के कारण तिमाही के दौरान 69 करोड़ रुपये का असाधारण शुल्क लिया। March 2020 को Financial year  लिए, कंपनी ने 240 करोड़ रुपये का Profit दर्ज किया| मार्च तिमाही में स्टैंडअलोन loss में 57 करोड़ रुपये की Report के बावजूद Askok Leyland NSE -0.56% के शेयर शुक्रवार के कारोबार में 3 प्रतिशत बढ़ गए। विश्लेषकों ने कहा कि परिणाम कई मोर्चों पर बेहतर-से-अपेक्षित थे

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गुरुवार, 25 जून 2020



Baba Ramdev की दवा Coronil पर लगी रोक

coronil:कोरोना कोई साधारण बीमारी नहीं है और ये बिल्कुल नया वायरस है। इसकी दवा और वैक्सीन बनाने में देशभर के वैज्ञानिक जुटे हुए हैं। कोरोना महामारी के लिए दवा बनाने के लिए कंपनी को मंत्रालय से अनुमति लेनी होती है। कोई भी कंपनी बाजार में जाकर ये दावा नहीं कर सकती कि ये कोरोना की दवा है। कोई भी नई वैक्सीन या दवा के लिए सरकार कंपनियों को अनुमति देती है। उसके बाद ही वो कंपनी उस दवा को बना सकती है।

कोरोनिल के प्रचार पर सरकार ने लगा दी रोक

पतंजलि की ओर से लॉन्च की गई कोरोना वायरस इलाज के लिए आयुर्वेदिक दवा कोरोनिल के प्रचार पर सरकार ने रोक लगा दी है। आयुष मंत्रालय ने पतंजलि को आदेश दिया है कि कोविड दवा का तब तक प्रचार नहीं करें जब तक कि मुद्दे की जांच नहीं हो जाती है। मंत्रालय ने पतंजलि से दवा की डीटेल मांगी है ताकि पतंजलि के दावे की जांच की सके। आयुष मंत्रालय ने कहा है पतंजलि की कथित दवा, औषधि एवं चमत्कारिक उपचार (आपत्तिजनक विज्ञापन) कानून, 1954 के तहत विनियमित है।

coronil: आयुष मंत्रालय ने पतंजलि को चेतावनी दी है कि ठोस वैज्ञानिक सबूतों के बिना कोरोना के इलाज का दावे के साथ दवा का प्रचार-प्रचार किया गया तो उसे ड्रग एंड रेमेडीज (आपत्तिजनक विज्ञापन) कानून के तहत संज्ञेय अपराध माना जाएगा।

वहीं उत्तराखंड सरकार से इस आयुर्वेदिक दवा के लाइसेंस आदि के बारे में जानकारी मांगी है।

दवा के प्रचार-प्रसार वाले विज्ञापनों पर तत्काल रोक लगाने के साथ ही पतंजलि को जल्द-से-जल्द कोरोनिल दवा में इस्तेमाल किए गए तत्वों का विवरण देने को कहा गया है।

बताना होगा कि करोनिल दवा का ट्रायल किन-किन अस्पतालों में  गया

पतंजलि को यह भी बताना होगा कि coronil दवा का ट्रायल किन-किन अस्पतालों में और कितने मरीजों पर किया गया। ट्रायल शुरू करने के क्लीनिकल ट्रायल रजिस्ट्री ऑफ इंडिया (सीटीआरआइ) में दवा का रजिस्ट्रेशन कराना जरूरी होता है। पतंजलि से सीटीआरआइ के रजिस्ट्रेशन के साथ-साथ ट्रयल के परिणाम का पूरा डाटा देने को कहा गया है।

वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि पूरी पड़ताल और तथ्यों के सही पाए जाने के बाद की इस दवा को कोरोना के इलाज में इस्तेमाल की अनुमति दी जाएगी। दरअसल आयुर्वेदिक दवा को विकसित करने और बेचने से पहले आयुष मंत्रालय से इजाजत लेने की जरूरत नहीं है। लेकिन जिस राज्य में इस दवा का उत्पादन किया जा रहा है, वहां के लाइसेंसिंग अथारिटी से इसके लिए अनुमति लेना अनिवार्य है।

आचार्य बालकृष्ण का बयान

आचार्य बालकृष्ण पतंजलि योगपीठ के महामंत्री हैं। उन्होंने ट्वीट किया है, केंद्र सरकार आयुर्वेद को प्रोत्साहन देती आई है। पतंजलि की दवा को लेकर आयुष मंत्रालय को जो भी गलतफहमी थी, वह दूर कर दी गई है। पतंजलि ने आयुर्वेदिक दवाओं की जांच (रेंडमाइज्ड प्लेसबो कंट्रोल्ड क्लीनिकल ट्रायल) के सभी आधिकारिक मानकों को सौ प्रतिशत पूरा किया है। इसकी सभी जानकारी हमने आयुष मंत्रालय को दे दी है, अब कहीं कोई संशय नहीं रह गया है।

पतंजलि कोविड-19 दवा (patanjali coronavirus medicine)

योगगुरू बाबा रामदेव ने मंगलवार को कोरोना की आयुर्वेदिक दवा ‘कोरोनिल’ लॉन्च की। योग गुरु ने बताया कि अगले सोमवार को हम OrderMe नाम से एक ऐप लॉन्च कर रहे हैं। इस ऐप के जरिए आप घर बैठे कोरोना की दवा मंगा सकेंगे।

उन्होंने कहा कि आज ऐलोपैथिक सिस्टम मेडिसन को लीड कर रहा है, हमने कोरोनिल बनाई है जिसमें हमने क्लीनिकल कंट्रोल स्टडी की।

बाबा रामदेव के मुताबिक, कोरोनिल में गिलोय, अश्‍वगंधा, तुलसी, श्‍वसारि रस और अणु तेल का मिश्रण है।

यह दवा दिन में दो बार- सुबह और शाम को ली जा सकती है। योग गुरु बाबा रामदेव के मुताबिक, अश्‍वगंधा से कोविड-19 के रिसेप्‍टर-बाइंडिंग डोमेन (RBD) को शरीर के ऐंजियोटेंसिन-कन्‍वर्टिंग एंजाइम (ACE) से नहीं मिलने देता। यानी कोरोना इंसानी शरीर की स्‍वस्‍थ्‍य कोशिकाओं में घुस नहीं पाता। वहीं गिलोय कोरोना संक्रमण को रोकता है। तुलसी कोविड-19 के RNA पर अटैक करती है और उसे मल्‍टीप्‍लाई होने से रोकती है।

बता दें कि दवा के लॉन्चिंग के मौके पर पतंजलि के मैनेजिंग डायरेक्टर आचार्य बालकृष्ण ने दावा किया था कि यह दवा 3-14 दिनों के अंदर कोरोना पीड़ित मरीजों का इलाज कर सकेगी। हरिद्वार स्थित पतंजलि योगपीठ में लॉन्चिंग के दौरान बाबा रामदेव ने कहा कि कोरोनिल दवा का जिन कोरोना मरीजों पर ट्रायल किया गया, उनमें 69 फीसदी मरीज केवल तीन दिनों में ही पॉजीटिव से निगेटिव और सात दिन के अंदर 100 फीसदी रोगी संक्रमण से मुक्त हो गए।

पतंजलि योगपीठ ने आयुर्वेदाचार्य आचार्य बालकृष्ण ने दावा किया है कि आयुर्वेदिक की दवाओं से न सिर्फ कोविड-19 का शत-प्रतिशत इलाज संभव है, बल्कि इसके संक्रमण से बचने को इन दवाओं का बतौर वैक्सीन भी इस्तेमाल किया जा सकता है।

Baba Ramdev की दवा Coronil जानिए पूरी जानकारी

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बुधवार, 24 जून 2020



Patanjali Coronavirus medicine

Patanjali Coronavirus medicine – पतंजलि योगपीठ ने आयुर्वेदाचार्य आचार्य बालकृष्ण ने दावा किया है कि आयुर्वेदिक की दवाओं से न सिर्फ कोविड-19 का शत-प्रतिशत इलाज संभव है, बल्कि इसके संक्रमण से बचने को इन दवाओं का बतौर वैक्सीन भी इस्तेमाल किया जा सकता है।

योगगुरू बाबा रामदेव ने मंगलवार को कोरोना की आयुर्वेदिक दवा ‘कोरोनिल’ लॉन्च की। योग गुरु ने बताया कि अगले सोमवार को हम OrderMe नाम से एक ऐप लॉन्च कर रहे हैं। इस ऐप के जरिए आप घर बैठे कोरोना की दवा मंगा सकेंगे।

उन्होंने कहा कि आज ऐलोपैथिक सिस्टम मेडिसन को लीड कर रहा है, हमने कोरोनिल बनाई है जिसमें हमने क्लीनिकल कंट्रोल स्टडी की।

बाबा रामदेव के मुताबिक, कोरोनिल में गिलोय, अश्‍वगंधा, तुलसी, श्‍वसारि रस और अणु तेल का मिश्रण है।

यह दवा दिन में दो बार- सुबह और शाम को ली जा सकती है। योग गुरु बाबा रामदेव के मुताबिक, अश्‍वगंधा से कोविड-19 के रिसेप्‍टर-बाइंडिंग डोमेन (RBD) को शरीर के ऐंजियोटेंसिन-कन्‍वर्टिंग एंजाइम (ACE) से नहीं मिलने देता। यानी कोरोना इंसानी शरीर की स्‍वस्‍थ्‍य कोशिकाओं में घुस नहीं पाता। वहीं गिलोय कोरोना संक्रमण को रोकता है। तुलसी कोविड-19 के RNA पर अटैक करती है और उसे मल्‍टीप्‍लाई होने से रोकती है।

दवा में क्या-क्या है शामिल – What is included in the Coronil medicine

दवा के मुख्य घटक अश्वगंधा, गिलोय, तुलसी, श्वसारि रस व अणु तेल हैं। इनका मिश्रण और अनुपात शोध के अनुसार तय किया गया है।

कैसे काम करती है दवा – how coronil works

Patanjali Coronavirus medicine: आचार्य बालकृष्ण ने बताया कि अश्वगंधा कोविड-19 के आरबीडी को मानव शरीर के एसीई से मिलने नहीं देता। इससे कोविड-19 वायरस संक्रमित मानव शरीर की स्वस्थ कोशिकाओं में प्रवेश नहीं कर पाता।

गिलोय भी अश्वगंधा की तरह काम करता है। यह संक्रमण होने से रोकता है। तुलसी का कंपाउंड कोविड-19 के आरएनए-पॉलीमरीज पर अटैक कर उसके गुणांक में वृद्धि करने की दर को न सिर्फ रोक देता है, बल्कि इसका लगातार सेवन उसे खत्म भी कर देता है।

श्वसारि रस गाढ़े बलगम को बनने से रोकता है और बने हुए बलगम को खत्म कर फेफड़ों की सूजन कम कर देता है। इसी तरह अणु तेल का इस्तेमाल नेजल ड्राप के तौर पर कर सकते हैं।

बाबा रामदेव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में क्या कहा

Patanjali Coronavirus medicine

-बाबा रामदेव ने लॉन्च की कोरोना वायरस की तीन दवाइयां। एक श्वासारि बट्टी, दिव्य कोरोनिल टैबलेट और अणु तेल। एकसाथ करना है इनका उपयोग।

-प्लेसवो क्लीनिकल कंट्रोल ट्रायल 100 लोगों के ऊपर किया गया। ये सभी 15 से 65 आयु वर्ग के हैं। इससे तीन दिन में 69 फीसद मरीज पॉजिटिव से नेगेटिव हुए हैं।

-दवाई बनाते वक्त सभी साइंटिफिक पैरामीटर का रखा गया ध्यान।

-सेकेेंड ट्रायल जल्द ही क्रिटिकल मरीजों पर किया जाएगा।

-अणुनासिक तेल भी कोरोना की दवा में शामिल। ये तीन से पांच बूंद नाक में डालने से श्वास नलिका में कोरोना के प्रभाव को खत्म कर पेट तक ले जाता है।

-बाबा रामदेव ने बताया कि ये दवा ब्लडप्रेशर, हार्ट बीट और नाड़ी को भी कंट्रोल करती है।

-बाबा रामदेव ने किया आयुर्विदेक दवा कोरोनिल के सफल परीक्षण का दावा। तीन दिन में 69 फीसद मरीज हुए कोरोना से मुुक्त हुए।

-सौ लोगों पर किया गया था ट्रायल, सात दिन में रिपोर्ट नेगेटिव आई।

-ये दवाई स्वशन सिस्टम को मजबूत करती है, जिससे कोरोना संक्रमण का असर नहीं होता। इसके साथ ही दवा सर्दी जुकाम और बुखार को भी नियंत्रित करती है।

रामरक्षा स्तोत्र अर्थसहित मराठी मध्ये

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मंगलवार, 23 जून 2020

                                                         



इस पोस्ट में हम नामदेव महाराज के जीवन परिचय के बारेमे जानेंगे।

नाम - नामदेव दामाशेठ रेलेकर
जन्म - 26 अक्टूबर, 1270
पिता का नाम - दामाशेठ
माता का नाम - गोणाई (गोणा बाई) था।
नामदेवजी का विवाह - कल्याण निवासी राजाई (राजा बाई) के साथ हुआ था
चार पुत्र - नारायण,विट्ठल,महादेव,गोविन्द
पुत्री - लिम्बाबाई.
नामदेव जी की बड़ी बहन का नाम - आऊबाई
नामदेवजी के नानाजी - गोमाजी
नामदेवजी के नानीजी - उमाबाई

संत श्री नामदेव महाराज जीवन परिचय - Biography of Namdev in Hindi Jivani


संत शिरोमणि श्री नामदेवजी का जन्म "पंढरपुर", मराठवाड़ा, महाराष्ट्र (भारत) में 26 अक्टूबर, 1270 ,कार्तिक शुक्ल एकादशी संवत् १३२७, रविवार को सूर्योदय के समय हुआ था. संत शिरोमणि श्री नामदेव जी का जन्म "शिम्पी" ( जिसे राजस्थान में "छीपा" भी कहते है) परिवार में हुआ था। नामदेव का जन्म महाराष्ट्र के सातारा जिले के कराड के पास नरसी वामनी ग्राम या मराठवाडा के परभणी में हुआ था। जबकि कुछ लोगो का मानना है की उनका जन्म महाराष्ट्र के पंढरपुर में हुआ, उनके पिता भगवान विट्ठल के भक्त थे। पंढरपुर में भगवान कृष्णा को विट्ठल के रूप में पूजा जाता है। नामदेव के पिता का नाम दामाशेठ और माता का नाम गोणाई (गोणा बाई) था। नामदेव जी का परिवार भगवान विट्ठल का परम भक्त था।

नामदेवजी का विवाह कल्याण निवासी राजाई (राजा बाई) के साथ हुआ था और इनके चार पुत्र व पुत्रवधु यथा "नारायण - लाड़ाबाई", "विट्ठल - गोडाबाई", "महादेव - येसाबाई" , व "गोविन्द - साखराबाई" तथा एक पुत्री थी जिनका नाम लिम्बाबाई था. श्री नामदेव जी की बड़ी बहन का नाम आऊबाई था. उनके एक पौत्र का नाम मुकुन्द व उनकी दासी का नाम "संत जनाबाई" था, जो संत नामदेवजी के जन्म के पहले से ही दामाशेठ के घर पर ही रहती थी.
संत शिरोमणि श्री नामदेवजी के नानाजी का नाम गोमाजी और नानीजी का नाम उमाबाई था. संत नामदेवजी ने विसोबा खेचर को गुरु के रूप में स्वीकार किया था।

sant shree namdev maharaj ने भारत के बहुत से भागो की यात्रा कर अपनी कविताओ को लोगो तक पहुचाया है। मुश्किल समय में उन्होंने महाराष्ट्र के लोगो को एकता के सूत्र में बांधने का भी काम किया है।

कहा जाता है की पंजाब के गुरदासपुर जिले के घुमन ग्राम में उन्होंने 20 साल से भी ज्यादा समय व्यतीत किया था। पंजाब में सिक्ख समुदाय के लोग उन्हें नामदेव बाबा के नाम से जानते थे। संत नामदेव में हिंदी भाषा में तक़रीबन 125 अभंगो की रचना की है। जिनमे से 61 अभंग को गुरु ग्रंथ साहिब (सिक्ख शास्त्र) में नामदेवजी की मुखबानी के नाम से शामिल किया गया है।

पंजाब के शब्द कीर्तन और महाराष्ट्र के वारकरी कीर्तन में हमें बहुत से समानताये भी दिखाई देती है। पंजाब के घुमन में उनका शहीद स्मारक भी बनवाया गया है। उनकी याद में सिक्खों द्वारा राजस्थान में उनका मंदिर भी बनवाया गया है।

50 साल की उम्र में नामदेव महाराज पंढरपुर में आकर बस चुके थे, जहाँ उनके आस-पास उनके भक्त होते थे। उनके अभंग काफी प्रसिद्ध बन चुके थे और लोग दूर-दूर से उनके कीर्तन सुनने के लिए आते थे। नामदेव के तक़रीबन 2500 अभंगो को नामदेव वाची गाथा में शामिल किया गया है। साथ ही इस किताब में लंबी आत्मकथात्मक कविता तीर्थावली को भी शामिल किया गया है, जिसमे नामदेव और संत ज्ञानेश्वर की यात्रा के बारे में बताया गया है।

जुलाई, 1350 में 80 साल की उम्र में पंढरपुर में भगवान की शरण के निचे उनकी मृत्यु हो गयी। पंढरपुर के मंदिर में संत नामदेव को एक विशेष दर्जा दिया जाता है। हर साल लाखो भक्त पंढरपुर आकार विट्ठल भगवान और संत नामदेव के दर्शन करते है।

एक छोटे बच्चे ने ज्ञानोबा माउली तुकाराम पे किया गजर यहाँ देखिये


श्री संत नामदेव महाराज पुण्यतिथि - shree sant namdev  maharaj ki punyatithi  kab manai jati he


आषाढ़ कृष्ण त्रयोदशी के दिन महाराष्ट्र के प्रसिद्ध संत नामदेव की पुण्यतिथि मनाई जाती है। इस दिन भगवान नामदेव ने जीवित अवस्था में समाधि ली थी। तभी से आज के दिन को पुण्यतिथि के रूप में मनाते है । समाजजन एकत्र होकर कार्यक्रम आयोजित करते है। पुरुष और महिलाओं द्वारा भजनर्कीतन किया जाता है।

निकाली जाती है दिंडी यात्रा


संत श्री महाराज की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर पूजा अर्चना की जाती हे । कार्यक्रम का समापन भंडारे के बाद भगवान नामदेव की दिंडी यात्रा निकालकर कियाजाता हे ।नगर मेें घुमाई जाने वाली दिंडी यात्रा में समाज के सभी लोगभजन भगवान नामदेव के भजन कीर्तन के साथ के जयघोष लगाते हुए निकलते है।

story of sant namdev maharaj


एक दिन उनके पिता बाहर गांव की यात्रा पर गए थे, तब उनकी माता ने नामदेव को दूध दिया और कहा कि वे इसे भगवान विठोबा को भोग में चढा दें। तब नामदेव सीधे मंदिर में गए और मूर्ति के आगे दूध रखकर कहा, ‘लो इसे पी लो।’ उस मंदिर में उपस्थित लोगों ने उनसे कहा- यह मूर्ति है, दूध कैसे पिएगी?

परंतु पांच वर्ष के बालक नामदेव नहीं जानते थे कि विठ्ठल की मूर्ति दूध नहीं पीती, मूर्ति को तो बस भावनात्मक भोग लगवाया जाता है। तब उनकी बाल लीला समझ कर मंदिर में उपस्थित सब अपने-अपने घर चले गए। जब मंदिर में कोई नहीं था तब नामदेव निरंतर रोए जा रहे थे और कह रहे थे, ‘विठोबा यह दूध पी लो नहीं तो मैं यहीं, इसी मंदिर में रो रोकर प्राण दे दूंगा।’

तब बालक का भोला भाव देखकर विठोबा पिघल गए। तब वे जीवित व्यक्ति के रूप में प्रकट हुए और स्वयं दूध पीकर नामदेव को भी पिलाया। तब से बालक नामदेव को विठ्ठल नाम की धुन लग गई और वे दिनरात विठ्ठल नाम की रट लगाए रहते थे।

उनका सारा जीवन मधुर भक्ति-भाव से ओतप्रोत था। विट्ठल-भक्ति भक्त नामदेव जी को विरासत में मिली।

उनका संपूर्ण जीवन मानव कल्याण के लिए समर्पित रहा। मूर्ति पूजा, कर्मकांड, जातपात के विषय में उनके स्पष्ट विचारों के कारण हिन्दी के विद्वानों ने उन्हें कबीर जी का आध्यात्मिक अग्रज माना है। संत नामदेव जी ने पंजाबी में पद्य रचना भी की। भक्त नामदेव जी की बाणी में सरलता है। वह ह्रदय को बांधे रखती है। उनके प्रभु भक्ति भरे भावों एवं विचारों का प्रभाव पंजाब के लोगों पर आज भी है।

आषाढ़ी एकादशी के बारेमे पूरी जानकारी 

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सोमवार, 22 जून 2020


Why Ashadhi Ekadashi is celebrated?


Ashadhi Ekadashi आषाढ़ी एकादशी को पदमा एकादशी, देवशयानी एकादशी और हरी शयनी एकादशी नाम से भी जाना जाता हे. धार्मिक दृस्टिसे इस दिन का बड़ा महत्त्व होता हे. पुराणों अनुसार ऐसे मन जाता हे की आषाढ़ी एकादशी के दिन से भगवान विष्णु चार महीनों के लिए योग निद्रा में चले जाते हे. इस दिन पूजा करने और व्रत करने का खास महत्त्व होता हे. इस व्रत के करने से भगवान विष्णु प्रसन्न होते हैं।

आषाढ़ी एकादशी का महत्त्व (importance of Ashadhi Ekadashi)


धार्मिक दृस्टिसे इस दिन का बड़ा महत्त्व होता हे. पुराणों अनुसार ऐसे मन जाता हे की आषाढ़ी एकादशी के दिन से भगवान विष्णु चार महीनों के लिए योग निद्रा में चले जाते हे. इस दिन पूजा करने और व्रत करने का खास महत्त्व होता हे. वैसे तो महीने में आने वाली एकादशी का काफी महत्व होता है। लेकिन साल की इस एकादशी की विशेष मान्यता है। इस व्रत के करने से भगवान विष्णु प्रसन्न होते हैं। मान्यता है कि आषाढ़ी एकादशी पर भगवान विष्णु की पूजा और व्रत करने से समस्त मनोकामनाएं पूरी होती है।

आषाढ़ी एकादशी पर निकलती हे दिंडी यात्रा


महाराष्ट्र ये अनेक महान संतों की कर्मभूमि है। इन संतों के जन्म या समाधि स्थलों से ये पालकियां व दिंडियां निकलती हैं, जो लंबा सफर तय कर पंढरपुर पहुंचती हैं।

आषाढ़ी एकादशी पर महाराष्ट्र के कोने-कोने से वारकरी पालकियों और दिंडियों के साथ पंढरपुर में विट्ठल के दर्शन को पहुंचते हैं।

पालकी के साथ एक मुख्य संत के मार्गदर्शन में समूह यानी दिंडी (कीर्तन/भजन मंडली), चलते है, जिसमें वारकरी भी शामिल होते हे। महाराष्ट्र में ईश्वर के सगुण-निर्गुण और बहुदेव रूप की विविधता को एकरूप या एकता में बांधने का कार्य किया है वारकरी संप्रदाय ने।

हर साल पंढरपुर की वारी (तीर्थयात्रा) करने वाले को वारकरी कहलाते है,जो विट्ठल का भक्त है। हर वारकरी की जीवन की अंतिम अभिलाषा यही होती है कि  हर जन्म में विट्ठल की भक्ति का लाभ मिले।

चातुर्मास (chaturmas)


व्रत, भक्ति और शुभ कर्म के 4 महीने को हिन्दू धर्म में 'चातुर्मास' कहा गया है। ध्यान और साधना करने वाले लोगों के लिए ये माह महत्वपूर्ण होते हैं। इस दौरान शारीरिक और मानसिक स्थिति तो सही होती ही है, साथ ही वातावरण भी अच्छा रहता है। चातुर्मास 4 महीने की अवधि है, जो आषाढ़ शुक्ल एकादशी से प्रारंभ होकर कार्तिक शुक्ल एकादशी तक चलता है।

श्रावण, भाद्रपद, आश्‍विन और कार्तिक। चातुर्मास के प्रारंभ को 'देवशयनी एकादशी' कहा जाता है और अंत को 'देवोत्थान एकादशी'

वर्जित कार्य : 4 माह में विवाह संस्कार, जातकर्म संस्कार, गृह प्रवेश आदि सभी मंगल कार्य निषेध माने गए हैं।

How can I fast on Ashadhi ekadashi?


इस व्रत में दूध, शकर, दही, तेल, बैंगन, पत्तेदार सब्जियां, नमकीन या मसालेदार भोजन, मिठाई, सुपारी, मांस और मदिरा का सेवन नहीं किया जाता। श्रावण में पत्तेदार सब्जियां यथा पालक, साग इत्यादि, भाद्रपद में दही, आश्विन में दूध, कार्तिक में प्याज, लहसुन और उड़द की दाल आदि का त्याग कर दिया जाता है।

पौराणिक कथा - story


सूर्यवंश में मांधाता नाम का एक चक्रवर्ती राजा हुआ है, जो सत्यवादी और महान प्रतापी था। वह अपनी प्रजा का पुत्र की भांति पालन किया करता था। उसकी सारी प्रजा धनधान्य से भरपूर और सुखी थी। उसके राज्य में कभी अकाल नहीं पड़ता था।

एक समय उस राजा के राज्य में तीन वर्ष तक वर्षा नहीं हुई और अकाल पड़ गया। प्रजा अन्न की कमी के कारण अत्यंत दुखी हो गई। अन्न के न होने से राज्य में यज्ञादि भी बंद हो गए। एक दिन प्रजा राजा के पास जाकर कहने लगी कि हे राजा! सारी प्रजा त्राहि-त्राहि पुकार रही है, क्योंकि समस्त विश्व की सृष्टि का कारण वर्षा है।

वर्षा के अभाव से अकाल पड़ गया है और अकाल से प्रजा मर रही है। इसलिए हे राजन! कोई ऐसा उपाय बताओ जिससे प्रजा का कष्ट दूर हो। राजा मांधाता कहने लगे कि आप लोग ठीक कह रहे हैं, वर्षा से ही अन्न उत्पन्न होता है और आप लोग वर्षा न होने से अत्यंत दुखी हो गए हैं। मैं आप लोगों के दुखों को समझता हूं। ऐसा कहकर राजा कुछ सेना साथ लेकर वन की तरफ चल दिया। वह अनेक ऋषियों के आश्रम में भ्रमण करता हुआ अंत में ब्रह्माजी के पुत्र अंगिरा ऋषि के आश्रम में पहुंचा। वहां राजा ने घोड़े से उतरकर अंगिरा ऋषि को प्रणाम किया।

मुनि ने राजा को आशीर्वाद देकर कुशलक्षेम के पश्चात उनसे आश्रम में आने का कारण पूछा। राजा ने हाथ जोड़कर विनीत भाव से कहा कि हे भगवन! सब प्रकार से धर्म पालन करने पर भी मेरे राज्य में अकाल पड़ गया है। इससे प्रजा अत्यंत दुखी है। राजा के पापों के प्रभाव से ही प्रजा को कष्ट होता है, ऐसा शास्त्रों में कहा है। जब मैं धर्मानुसार राज्य करता हूं तो मेरे राज्य में अकाल कैसे पड़ गया? इसके कारण का पता मुझको अभी तक नहीं चल सका।

अब मैं आपके पास इसी संदेह को निवृत्त कराने के लिए आया हूं। कृपा करके मेरे इस संदेह को दूर कीजिए। साथ ही प्रजा के कष्ट को दूर करने का कोई उपाय बताइए। इतनी बात सुनकर ऋषि कहने लगे कि हे राजन! यह सतयुग सब युगों में उत्तम है। इसमें धर्म को चारों चरण सम्मिलित हैं अर्थात इस युग में धर्म की सबसे अधिक उन्नति है। लोग ब्रह्म की उपासना करते हैं और केवल ब्राह्मणों को ही वेद पढ़ने का अधिकार है। ब्राह्मण ही तपस्या करने का अधिकार रख सकते हैं, परंतु आपके राज्य में एक शूद्र तपस्या कर रहा है। इसी दोष के कारण आपके राज्य में वर्षा नहीं हो रही है।

इसलिए यदि आप प्रजा का भला चाहते हो तो उस शूद्र का वध कर दो। इस पर राजा कहने लगा कि महाराज मैं उस निरपराध तपस्या करने वाले शूद्र को किस तरह मार सकता हूं। आप इस दोष से छूटने का कोई दूसरा उपाय बताइए। तब ऋषि कहने लगे कि हे राजन! यदि तुम अन्य उपाय जानना चाहते हो तो सुनो।

आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की पद्मा नाम की एकादशी का विधिपूर्वक व्रत करो। व्रत के प्रभाव से तुम्हारे राज्य में वर्षा होगी और प्रजा सुख प्राप्त करेगी क्योंकि इस एकादशी का व्रत सब सिद्धियों को देने वाला है और समस्त उपद्रवों को नाश करने वाला है। इस एकादशी का व्रत तुम प्रजा, सेवक तथा मंत्रियों सहित करो।

मुनि के इस वचन को सुनकर राजा अपने नगर को वापस आया और उसने विधिपूर्वक पद्मा एकादशी का व्रत किया। उस व्रत के प्रभाव से वर्षा हुई और प्रजा को सुख पहुंचा। अत: इस मास की एकादशी का व्रत सब मनुष्यों को करना चाहिए। यह व्रत इस लोक में भोग और परलोक में मुक्ति को देने वाला है। इस कथा को पढ़ने और सुनने से मनुष्य के समस्त पाप नाश को प्राप्त हो जाते हैं।

पंढरपुर के आसपास क्या देखें


pandharpur ke aas pas kya dekhe?

श्री विट्ठल मंदिर के साथ ही आप यहां रुक्मिणीनाथ मंदिर, पुंडलिक मंदिर, लखुबाई मंदिर इसे रुक्मिणी मंदिर के नाम से जाना जाता है, अंबाबाई मंदिर, व्यास मंदिर, त्र्यंबकेश्वर मंदिर, पंचमुखी मारुति मंदिर, कालभैरव मंदिर और शकांबरी मंदिर, मल्लिकार्जुन मंदिर, द्वारकाधीश मंदिर, काला मारुति मंदिर, गोपालकृष्ण मंदिर और श्रीधर स्वामी समाधि मंदिर के भी दर्शन कर सकते हैं. पंढरपुर के जो देवी मंदिर प्रसिद्ध हैं उनमें पद्मावती, अंबाबाई और लखुबाई सबसे प्रसिद्ध है.

प्रदक्षिणा में छिपा इतिहास यहाँ देखिये

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शुक्रवार, 19 जून 2020



China app kon kon se he?: हम जब कोई ऐप डाउनलोड करते हैं तो प्राइवेसी की शर्तों पर ज़्यादा ध्यान नहीं देते. बस ' yes ' और ' Alloow' पर टिक करते चले जाते हैं. हम अपनी फ़ोटो गैलरी , लोकेशन और कॉन्टैक्ट नंबर इन सबका एक्सेस दे देते हैं. इसके बाद हमारा डेटा कहां जा रहा , इसका क्या इस्तेमाल हो रहा है , हमें कुछ पता नहीं चलता."

चीन अब इंडियन आर्मी के राज जानने के लिए कई तरह के स्मार्ट फोन्स और एप्स की मदत ले रहा हे. बताया गया हे की चीन के सॉफ्टवेयर इंजनियर्स कई एंड्राइड और आईओएस एप्स तैयार किये हे जो यूजर्स का डाटा और अन्य जानकारिया चुराते हे. अगर आपका जानकर, या अधिकारी या जवान कोही भी चायना के एप्स use कर रहे हे तो उन्हें तुरंत अनइंस्टॉल करने के लिए कहे. इसके साथ ही स्मार्ट फोन भी फॉर्मेट करे.

विशेषज्ञों की मानें तो ये सभी एप्स आपके लिए खतरनाक हैं। ये ऐप भारत के कानूनी का भी उल्लंघन कर सकते हैं। गौर करने वाली बात यह है कि इन ऐप की प्राइवेसी पॉलिसी भी उनकी भाषा चीनी में दी गई है। ऐसे में आप और हम उसे ना पढ़ पाते हैं और ना ही समझ पाते हैं।

अगर आप इन्हें एक बार भी इस्तेमाल करते हैं तो ये आपसे जुड़ी कई जानकारियां अपने पास हमेशा के लिए जुटा लेते हैं इसलिए इन्हें लेकर ज़्यादा सतर्क होने की ज़रूरत है. टिकटोक से हमारा महत्वपूर्ण डेटा चीन के पास जा रहा है जिसे साइबर अपराध का खतरा बढ़ गया है।

Chinese Apps in India

शेयरइट, न्यूज डॉग, टिक-टॉक जैसे चाइनीज ऐप भारतीय यूजर्स की जरूरत से ज्यादा जानकारियों को इकट्ठा करते हैं और खास बात यह है कि आपकी इन निजी जानकारियों को विदेशी कंपनियों को बेचा जा रहा है। डाटा लेने के लिए ये ऐप आपसे कैमरा, माइक्रोफोन और मैसेज तक का एक्सेस मांगते हैं। डाटा स्टोर करने वाले ऐप्स में हेलो, शेयरइट, टिक-टॉक, वीगो वीडियो, ब्यूटी प्लस, क्लब फैक्ट्री एवरीथिंग, न्यूज डॉग और वीमैट जैसे 10 ऐप्स के नाम शामिल हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि ये ऐप यूजर्स की प्राइवेसी के साथ खिलवाड़ करते हैं।

चीनी ऐप कौन-कौन से हैं?  जिनसे हे खतरा


Which Chinese apps are there? From whom is the danger transfer

China app kon kon se he?

Chinese apps list in India

  • BeautyPlus

  • VivaVideo

  • टिक-टॉक (Tik – Tok)

  • हेलो (Helo)

  • यूसी ब्राउजर (UC Browser)

  • यूसी न्यूज (UC News)

  • शेयर इट (Sharit)

  • लाइकी (Likee)

  • 360 सिक्योरिटी (360 Security)

  • न्यूज डॉग (NewsDog)

  • शिन (SHEIN)

  • विगो वीडियो (Vigo Video)

  • वी चैट (WeChat)

  • वीबो (Weibo)

  • वीबो लाइव (Vibo live)

  • क्लब फैक्टरी (Club Factory)

  • झूम (zoom )

  • Kwai

  • LiveMe

  • ROMWE,Photo Wonder,APUS Browser,Perfect Corp, CM Browser, Virus Cleaner (Hi Security Lab),Mi Community, DU recorder, YouCam Makeup,Mi Store, DU Cleaner, DU Privacy, Clean Master – Cheetah,CacheClear DU apps studio, Baidu Translate, Baidu Map,Wonder Camera, ES File Explorer, QQ International,QQ Launcher, QQ Security Centre, QQ Player, QQ Music,QQ Mail, QQ NewsFeed, WeSync, SelfieCity, Clash of Kings
    Mail Master, Mi Video call-Xiaomi, Parallel Space

  • Chinese apps have grown in popularity in India over the past year.


Social content platforms: Helo and SHAREit

Entertainment and engagement apps: TikTok, LIKE, and Kwai;

Web browser: UCBrowser/UCBrowser Mini

Video and live streaming ones: LiveMe, Bigo Live, and Vigo Video;

Utility apps: BeautyPlus, Xender and Cam Scanner;

Gaming apps: PUBG, Clash of Kings, Mobile Legends;

E-commerce apps: ClubFactory, SHEIN, and ROMWE.

अगर आपका जानकार, या अधिकारी या जवान कोही भी चायना के एप्स use कर रहे हे तो उन्हें तुरंत अनइंस्टॉल करने के लिए कहे. इसके साथ ही स्मार्ट फोन भी फॉर्मेट करे.

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CBSE बोर्ड और ICSE बोर्ड में क्या अंतर है


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मंगलवार, 2 जून 2020



आज हम इस पोस्ट में बता रहे हे की फेशियल और ब्लीच में क्या अंतर है ?,What is difference between facial and bleaching?,ब्लीच करने के फायदे,ब्लीच के नुकसान,फेसिअल करवाने के तुरंत बाद आपको किन बातो पर विशेष ध्यान देना चाहिए,अक्सर एक सवाल पूछा जाता हे की फेशियल के बाद ब्लीच कर सकते हैं क्या?।,Can I do facial after bleach?, facial ke baad bleach kar sakte hain kya?, facial ke bad bleach kare ya na kare? इन सबका answer आपको यहाँ पता चलेगा तो चलिए जानते है।

महिलाओंको facial करवाना उनके लिए सबसे ज्यादा फायदेमंद होता है। २८ उम्र पर हो जानेपर महिनेमे एक बार तो फेसिअल जरूर करवाना चाहिए। कई तरह के फेसिअल होते हे.  और हर कोई अपने skin के हिसाबसे उनका उपयोग करता है क्युकी उनकी स्किन हेल्दी और ग्लोइंग बन जाये। लेखिन कभी भी फेसिअल और ब्लीच करते समय विशेष बातो पर ध्यान देना जरुरी हे.

फेशियल और ब्लीच में क्या अंतर है ?(What is difference between facial and bleaching?)


फेशियल का इस्तेमाल चेहरे को खूबसूरत और ग्लोइंग स्किन बनाने के लिए होता है

जबकि ब्लीच का प्रयोग चेहरे के बालों का रंग हल्का करने और टैनिंग दूर करने के लिए होता है।

फेशियल की सारी प्रोसेस को कम से कम दो घंटे लगते हैं जबकि ब्लीच को अधिकतम 30 मिनट लगते हैं.

facial includes various steps that aim to improve skin quality through deep cleansing and rejuvenating procedures.

bleach specifically refers to a whitening chemical or ingredient which aims to lighten complexion. On the other hand.
फेसिअल करवाने के तुरंत बाद आपको कई बातो पर विशेष ध्यान देना चाहिए। अगर आप इस बारेमे सावधानी नहीं रखते तो चेहरे पे रैशेस भी पद सकते हे.

फेसिअल करवाने के तुरंत बाद आपको किन बातो पर विशेष ध्यान देना चाहिए।


फेसिअल करवानेके तुरंत बाद कभी वैक्सीन नहीं करवानी चाहिए क्योंकि फेसिअल के बाद चेहरे की ऊपरी त्वचा बहुत ही सेन्सिटिव हो जाती हे.और वैक्स करने से ओ skin डैमेज हो सकती हे.

अगर आपको थ्रेडिंग और फेसिअल दोनों करवाना हे तो पाहिले थ्रेडिंग करवाना चाहिए। फेसिअल करने के बाद थ्रेडिंग कराने से ज्यादा तकलीफ का सामना करना पद सकता हे.

फेसिअल करने के बाद तुरंत धुप में नहीं जाना चाहिए। इससे सनबर्न का खतरा बढ सकता हे. अगर जाना जरुरी ही हे तो मुँह को पूरी तरह से किसी कॉटन कपडेसे कवर करके जाना चाहिए।

फेसिअल के बाद चेहरा बहोत सेन्सिटिव हो जाता हे तो फेसिअल करवाने के बाद चेहरे को बार बार touch नहीं करना चाहिए। genarly भी चेहरे को बार बार touch नहीं करना चाहिए।

ब्लीच करते समय ध्यान देने योग्य बातें


थ्रैडिंग, वैक्सिंग, स्टीम व स्क्रबिंग के बाद कभी ब्लीच न करें.

ब्लीचिंग करने से पहले प्री ब्लीच लोशन या लाइट मौइश्चराइजर का इस्तेमाल करें खासकर शुष्क व सैंसिटिव स्किन पर.

दि ब्लीच लगाने पर जलन महसूस हो, तो ठंडे पानी से चेहरे को तुरंत धो लें. बर्फ लगाएं.

ब्लीच का इस्तेमाल पैच टैस्ट के बाद ही करें.

कटीफटी त्वचा पर bleach का इस्तेमाल न करें.

ब्लीच का इस्तेमाल 15 से 20 दिन से पहले दोबारा न करें.

ब्लीच को 15 मिनट से ज्यादा समय तक न लगाएं रखें.

ब्लीच क्रीम में ऐक्टिवेटर मिक्स करते समय मैटल चम्मच व मैटल बाउल का इस्तेमाल न करें.

चेहरे के ब्लीच को शरीर पर और शरीर के ब्लीच को चेहरे पर न लगाएं.

ब्लीच करते समय टीवी देखने या किताब पढ़ने से परहेज करें, क्योंकि यह आंखों को नुकसान पहुंचा सकता है.

ब्लीच करने के 6 घंटे बाद तक साबुन या फेसवाश का प्रयोग न करें.

धूप से आने के तुरंत बाद ब्लीच न करवाएं. शरीर का तापमान सामान्य होने पर करवाएं.

जिन की बौडी हीट ज्यादा रहती हो वे स्किन की जांच करवा कर ही स्किन के अनुरूप ब्लीच करवाएं.

आफ्टर ब्लीच सनगार्ड लगा कर ही धूप में निकलें.

फेशियल के बाद ब्लीच कर सकते हैं क्या? (Can I do facial after bleach?)


कभी फेशियल करने के बाद ब्लीच का इस्तेमाल न करें वरना परिणाम गंभीर हो सकता है.

पाहिले ब्लीच करना चाहिए फिर फेसिअल करना चाहिए।

When you bleach your skin, it opens the pores , if you do not close it, dirt go inside and start damaging your skin. So make sure you do facial/clean up after bleach.

ब्लीच करने के फायदे



  • ब्लीच से फेशियल हेयर स्किनटोन अच्छी तरह मैच हो कर ईवन फेयर ग्लो देती है.

  • 10 से 15 मिनटों में ही स्किन फेयर व रैडिएंट नजर आने लगती है.

  • ब्लीच स्किन की डैड लेयर को रिमूव कर के स्किन को ब्राइट लुक प्रदान करता है.

  • पोस्ट ब्लीच पैक स्किन को हाइड्रेट कर के व्हाइटनिंग बैनिफिट देता है.

  • सनटैन को रिमूव कर के मैलानिन को लाइट कर के स्किनटोन को लाइटर व फेयर करता है.


ब्लीच के नुकसान



  • ब्लीच में मरकरी होता है, जो त्वचा को नुकसान पहुंचता है, इसलिए ब्लीच का इस्तेमाल जरूरत से ज्यादा न करें.

  • ब्लीच के बाद त्वचा लाल हो जाए, तो धूप व आंच के संपर्क में न आएं.

  • सांवलों को ही नहीं गोरी रंगत वालों को भी ब्लीचिंग की जरूरत पड़ती है, लेकिन स्किन के अनुरूप ब्लीच न होने पर यह स्किन डैमेज का कारण भी बन सकता है.

  • ब्लीच के परिणामस्वरूप त्वचा में दर्द, उस का छिलना, लाल व भूरे रंग के धब्बे या सूजन होने का मतलब ब्लीच रिऐक्ट कर गया है.

  • अगर आप ने कैमिकल पीलिंग करवाई है, तो ब्लीच का इस्तेमाल कम से कम 4 से 6 महीने तक न करें. सौंदर्य विशेषज्ञा से सलाह ले कर ही ब्लीचिंग का इस्तेमाल करें.

  • ब्लीच को आंखों व भौंहों के आसपास न लगाएं वरना परेशानी हो सकती है.

  • ब्लीच कुशल हाथों से ही करवाएं और ब्रैंडेड प्रोडक्ट्स branded products का ही इस्तेमाल करें.


होंठ काले पड़ने के कारण और इलाज

 

शुक्रवार, 29 मई 2020



Loan Moratorium (declaration for moratorium) is a widely discussed topic nowadays. Due do Coronavirus (Covide-19) attach worldwide many countries worldwide have implemented lockdown for months. Resulting this financial infrastructure is now as earlier.  People are losing their job, business, and resulting in this they are getting less income. Hence it is necessary to complete essential needs than paying EMI for your loan when you are in such a crisis that is worldwide. Hence RBI (Reserve Bank of India) reached out to several banks and non-banking finance companies to say that borrowers should have the option to take a moratorium.

 

What is moratorium meaning


A moratorium duration is the time in the course of a loan term while the borrower isn't required to make any reimbursement. It will be a waiting period before which repayment of EMIs resumes.


RBI announced moratorium for a three-month moratorium on the loan EMIs was ending on May 31, 2020. Then RBI (Reserve Bank of India)  provided an extension for more three months which will end up on  August 31, 2020.  So a total of 6 months will be therefor Moratorium. March 1, 2020, to August 31, 2020.


Some banks are availing option to the borrower to opt or not to opt Moratorium.  Now the question may arise in the mind of many people who do not want to opt moratorium need to send the application to the bank. then  How to write a declaration / Application to the bank that I am not availing moratorium?


Declaration to the bank that I am not availing moratorium?


Below is the sample application to the bank which you can use if you do not want to avail moratorium 

 

Date:- 29-05-2020 [ use current date ]

 

To,

The Manager,

ABC Bank  [ Bank name]

Erandwane Branch, [ Branch name]

Pune. [ City]

 

Subject:-  I do not want to avail moratorium for my loan account - 123456789 [loan account number]

Dear Sir,

I would like to draw your attention to the fact that I have Home Loan account 123456789 [Loan Account Number] in your ABC bank in the name of  John Smith [Name of borrower] in Branch Erandwane, Pune.  I do not want to opt moratorium facility for my Home loan account 123456789. So kindly keep continue my EMI deduction on a monthly basis.

 

Your happy customer.

John Smith

Home Loan account 123456789

 

you can use the above apply if you do not want to opt moratorium.   Share this article with your friends if you like this.

 

 

 

गुरुवार, 28 मई 2020



Educational Loan kya he: हम आजके पोस्ट में आपको बता रहे हे की एजुकेशन लोन सम्बंधित कुछ विशिष्ट बातें ( Education Loan important facts ) एजुकेशन लोन क्या हे?(education loan kya he ), एजुकेशन लोन क्या करता है ?, एजुकेशन लोन में क्या कवर होता है?,लोन के लिए कौन अप्लाय कर सकता है?,एजुकेशन लोन के प्रकार (Education Loan types) ,कागजातों की जरूरत(Education Loan documents required in hindi),Education Loan eligibility criteria,

आप बच्चो की पढाई को लेकर चिंतित हे तो एजुकेशन लोन एक बड़ा सहारा बन जाता है. हर कोई चाहता है कि वह अच्छी शिक्षा प्राप्त करके बढ़ि नौकरी job या अपना बिजनेस business हासिल करे. लेकिन आज की महंगाई के इस दौर में उच्च शिक्षा भी महंगी हो चली है. बड़े और अच्छे कॉलेज college या इंस्टीट्यूशंस की फीस देना कर पाना हर किसी के बस की बात नहीं है. ऐसे में काम आता है एजुकेशन लोन education loan. एजुकेशन लोन की मदद से देश में ही नहीं बल्कि विदेश में उच्च शिक्षा पाना भी आसान हो चला है. हर बैंक में एजुकेशन लोन की सुविधा है.Educational Loan kya he

एजुकेशन लोन सम्बंधित कुछ विशिष्ट बातें (Education Loan important facts)


एजुकेशन लोन क्या करता है ?


एजुकेशन लोन अक्सर किसी विद्यार्थी के कॉलेज की मूलभूत फीस तथा पढाई- लिखाई और अन्य तरह की चीज़ों के ख़र्च का सारा भार वहन करता है.

एजुकेशन लोन में क्या कवर होता है?


इसमें कोर्स की बेसिक फीस और कॉलेज के दूसरे खर्च (रहने, एग्जाम और अन्य) कवर होते हैं.

लोन के लिए कौन अप्लाय कर सकता है?


पढ़ाई करने वाला छात्र मेन बॉरोअर होता है.उसके पैरेंट्स, या भाई-बहन को बॉरोअर हो सकते हैं.

लोन किसे मिल सकता है?


भारत में पढ़ाई या उच्च शिक्षा के लिए विदेश जाने वाले छात्र लोन ले सकते हैं. दोनों जगह पढ़ाई के लिए लोन की रकम अलग हो सकती है और यह बैंक पर भी निर्भर करता है.

लोन के तहत किस तरह के कोर्स आते हैं?


लोन लेकर फुल टाइम, पार्ट टाइम या वोकेशनल कोर्स किये जा सकते हैं. इसके अलावा इंजीनियरिंग, मैनेजमेंट, मेडिकल, होटल मैनेजमेंट और आर्किटेक्चर आदि में ग्रेजुएशन graduation या पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई के लिए लोन लिया जा सकता है.

एजुकेशन लोन के प्रकार (Education Loan types)


अंडरग्रेजुएट एजुकेशन लोन : वे विद्यार्थी जिन्होंने अपनी हायर सेकेंडरी शिक्षा पूरी कर ली हो, और तीन अथवा चार साल के ग्रेजुएशन कोर्स को पूरा करना चाहते हो, वह इस लोन के लिए आवेदन दे सकता है.

ग्रेजुएट एजुकेशन लोन : ग्रेजुएट छात्र / छात्रा ही इसका फायदा उठा सकते हैं. वे अपनी उच्च शिक्षा के लिए एजुकेशन लोन ले सकते हैं.
करियर एजुकेशन लोन : करियर एजुकेशन लोन उन विद्यार्थियों को मिल पाता है, जो देश के किसी टेक्निकल स्कूल अथवा सस्थानों में अपनी रूचि के तहत पढाई करना चाहते हैं, मसलन इंजीनियरिंग.

अभिभावकों (Guardian) के लिए लोन : वे अभिभावक अथवा सगे सम्बन्धी जो अपने किसी बच्चे को पढ़ाने में सक्षम नहीं हैं, यानि उसकी पढ़ाई और पढाई सम्बन्धी अन्य चीज़ों के खर्चे नहीं उठा पा रहे है, वे अपने बच्चों को पढ़ाने के लिए इस लोन का आवेदन दे सकते हैं. इससे वे एजुकेशन की ओर अपने बच्चों को बढ़ावा देने के लिए अग्रसर होंगे.

एजुकेशन लोन के लिए योग्यता (Education Loan eligibility criteria)



  • एजुकेशन लोन पाने के लिए आवेदक को सर्वप्रथम भारत का नागरिक होना आवश्यक है.

  • आवेदक का देश के किसी अधिकार युक्त यूनिवर्सिटी में दाखिला होना आवश्यक है.

  • आवेदक की हायर सेकेंडरी पूरी होनी चाहिए. हालांकि कुछ बैंक ऐसे भी हैं, जो दाखिले से पहले भी लोन देते हैं.

  • यद्यपि भारतीय रिज़र्व बैंक के नियमों के अनुसार इस लोन को प्राप्त करने के लिए कोई अधिकतम आयु सीमा नहीं है, किन्तु कई बैंक अपने नियम और शर्तों में अधिकतम आयु की सीमा रखता है.


कागजातों की जरूरत(Education Loan documents required in hindi)


बैंक इसके लिए हालांकि आवेदक से संस्थान का दाख़िला- पत्र(एडमिशन लेटर),फीस स्ट्रक्चर, 10वीं, 12वीं रिजल्ट और आवश्यकता होने पर ग्रेजुएशन की मार्कशीट मांग सकते हैं. इसके अलावा को एप्लिकेंट की सेलरी स्लिप या आयकर रिटर्न (आईटीआर) की कॉपी मांगी जा सकती है.

कुछ आवश्यक दस्तावेज़ जो प्रायः हर आर्थिक संस्थानों में एजुकेशन लोन के लिए मांगे जाते हैं. इस प्रकार हैं –

  • आवासीय प्रमाण पत्र मसलन राशन कार्ड, बैंक पासबुक, वोटर आईडी आदि.

  • दाख़िला प्रमाण पत्र.

  • पिछले भुगतान किये गये फीस का प्रमाण.

  • विद्यार्थी और अभिभावक का आधार तथा पैन कार्ड pan card .


रीपेमेंट


आमतौर पर कोर्स खत्म होने के छह महीने बाद रीपेमेंट शुरू हो जाता है, कई बार बैंक छह महीने की मोहलत भी देते हैं. यह मोहलत job पाने के छह महीने भी हो सकती है या कोर्स खत्म होने के बाद एक साल की हो सकती है. पांच से सात साल में यह लोन चुकाना होता है, कई बार बैंक इसे आगे बढ़ा सकते हैं. कोर्स की अवधि के दौरान लोन पर ब्याज सामान्य ही होता है और इएमआई के रूप में यह ब्याज चुकाना होता है, जिससे कोर्स पूरा होने के बाद छात्र पर ज्यादा बोझ न पड़े. लोन को छात्र चुकाता है.Educational Loan kya he

एजुकेशन लोन के फायदे (Education Loan benefits)


उच्चतम शिक्षा का सुलभ रास्ता : तात्कालिक दौर में विद्यार्थियों को अपनी शिक्षा का भार खुद उठाना अनिवार्य हो गया है. इससे वे जल्द से जल्द अपनी जिम्मेवारियों को समझ पाते हैं. साथ ही ऋण लेकर पढने के बाद जब नौकरी मिलती है उस समय ऋण का पैसा कटता है. अतः ऐसी स्तिथि में पढाई एक बोझ की तरह नहीं लगती है.

विभिन्न स्तर के लोगों के लिए मुहैया : शिक्षा ऋण सभी तबकों के लोगों के लिए मुहैया होता है. आम तौर पर एजुकेशन लोन शिक्षा बढाने के लिए होता है, ताकि आम युवा भी उच्च शिक्षा प्राप्त कर सकें.

टैक्स लाभ : विद्यार्थियों के अभिभावक के लिए ये ऋण टैक्स लाभ भी देता है. एजुकेशन लोन लेकर पढने से पढाई- लिखाई के दौरान सभी टैक्स माफ़ हो जाते हैं. अतः एजुकेशन लोन टैक्स बचाते हुए पढाई करने का एक अच्छा माध्यम है.

कम ब्याज दर : कई पब्लिक बैंक में एजुकेशन लोन पर सरकार द्वारा सब्सिडी दी जाती है. साथ ही सरकार की टैक्स की दरें भी कम की जाती है. कई बार सरकार विभिन्न देशों में अपने विद्यार्थियों की शिक्षा में उन्नति के लिए विभिन्न तरह की छूट भी देती है. सरकार द्वारा छात्रों के लिए विद्यालक्ष्मी एजुकेशन लोन पोर्टल की घोषणा यहाँ पढ़ें.

बेहतर भुगतान शर्त : एजुकेशन लोन में अन्य लोन की अपेक्षा भुगतान का आसान तरीका है. विद्यार्थियों को पढाई पूरी होने तक भुगतान की कोई चिंता नहीं होती. एक बार नौकरी मिल जाने के बाद धीरे धीरे ऋण चुकाया जा सकता है.Educational Loan kya he

लोन लेने में आसानी : अन्य लोन की तुलना में एजुकेशन लोन पाने की प्रक्रिया बहुत आसान है. बहुत आसान प्रक्रियाओं को पूरा कर हायर एजुकेशन के लिए लोन प्राप्त किया जा सकता है.

विद्यार्थियों को जल्द जिम्मेवार बनाने में सहायक : एजुकेशन लोन लेकर पढने वाले लोगों को एक समय के बाद लोन चुकाने की आवश्यकता महसूस होती है. अतः वे जल्द से जल्द एक नौकरी job पाने और लोन चुकाने की कोशिश में लगे रहते हैं. इस कोशिश से उन्हें जल्द नौकरी मिल जाती है और वे जीवन में बहुत जल्द जिम्मेवार हो जाते हैं.

अभिभावकों को आसानी : एजुकेशन लोन लेकर पढने वाले विद्यार्थियों के अभिभावकों की चिंताएं बहुत कम हो जाती हैं, क्योंकि ये उनके बच्चे के लिए उस समय एक तरह का आर्थिक सहयोग साबित होता है. इन दिनों प्राइवेट शिक्षण संस्थानों में शिक्षा का शुल्क बहुत अधिक हो गया है. अतः उस फीस को चुकाने के लिए एजुकेशन लोन बहुत सार्थक सिद्ध होता है.

आत्मविश्वास : एजुकेशन लोन लेकर पढने वाले विद्यार्थी को पता होता है कि उनकी शिक्षा में उनकी भूमिका सबसे अहम् है. अतः वे एक नए जोश और जूनून के साथ पढाई लिखाई करते है. वे खुद को स्वतंत्र महसूस करते हैं.

एजुकेशन लोन में जागरूकता (Education Loan awareness)


इस सुविधा को लेकर लोगों को जागरूक होने की ज़रुरत है. अभी भी कई ऐसे लोग हैं, जिन्हें इस सुविधा के विषय में पता तो है, किन्तु झिझक Diffidence और परेशानी के डर से इसका लाभ नहीं उठाते. इसके सहारे कई युवाओं को उनकी रूचि के मुताबिक पढाई करने का मौक़ा मिलेगा और वे अपना भविष्य संवार पायेंगे. गाँव के क्षेत्रों में अभी भी इस सुविधा के प्रति जागरूकता कम है, किन्तु सरकारी बैंक लगातार इसका प्रचार करती रहती है.

एजुकेशन लोन लेते समय लोन से सम्बंधित सभी शर्तों को जान और परख लेना चाहिए, ताकि शिक्षा के बीच में किसी तरह की परेशानी अथवा रुकावट न आ सके. इस बात को जानना बेहद ज़रूरी है, कि भारत में पढाई करने के लिए अधिकतम 10 लाख रूपए तक का और विदेश में जा कर पढाई करने के लिए अधिकतम 20 लाख का ऋण दिया जाता है. चार लाख रूपए तक के लोन के लिए किसी भी तरह की गारंटी की ज़रुरत नहीं होती है, किन्तु 4 लाख से ऊपर के ऋण के लिए विभिन्न बैंक विभिन्न तरह के गारंटी की मांग कर सकते हैं.

12वीं के बाद होते हैं ये एंट्रेंस एग्जाम

हम आशा करते हे की आपको education loan के बारेमे पूरी जानकारी मिली हे. अगर कोई शंका हे तो कमेंट बॉक्स में question पूछ सकते हो. अगर हमारी ये पोस्ट आपको अछि लगी तो इस पेज को लाइक करे और आपके दोस्तोंको भी शेयर जरूर करे। और कमेंट करके जरुन बताइए।

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